निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
- A.1878 में शस्त्र अधिनियम पारित हुआ, जिसने भारतीयों को हथियार रखने से रोक दिया।
- B.सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ।
- C.1883 में सरकार द्वारा इल्बर्ट बिल लाने की कोशिश पर भारी हंगामा हुआ।
- D.1870 और 1880 के दशकों में ब्रिटिश शासन के प्रति असंतोष बढ़ गया।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ। यह कथन दोनों बातों में गलत है: यह कानून 1878 में पारित हुआ था, और इसका उद्देश्य सरकार का समर्थन करना नहीं, बल्कि सरकार की आलोचना करने वाले अखबारों का मुँह बंद करना था। वायसराय लॉर्ड लिटन के समय बने इस कानून से सरकार किसी अखबार की संपत्ति, यहाँ तक कि उसका छापाखाना भी, ज़ब्त कर सकती थी, अगर उसमें कुछ 'आपत्तिजनक' छपता। शिक्षित भारतीय इससे इतने नाराज़ हुए कि बाद में लॉर्ड रिपन ने इसे रद्द कर दिया। NCERT इसे उन कदमों में गिनता है जिन्होंने 1870 और 1880 के दशकों में भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ किया। A सही कथन है, क्योंकि 1878 के शस्त्र अधिनियम ने भारतीयों को हथियार रखने से रोका। C सही है, क्योंकि 1883 के इल्बर्ट बिल, जिससे भारतीय न्यायाधीश अंग्रेज़ों पर मुकदमा चला सकते थे, पर भारत में रहने वाले अंग्रेज़ों ने भारी हंगामा किया। D सही है, क्योंकि इन्हीं दो दशकों में असंतोष तेज़ी से बढ़ा और 1885 में कांग्रेस बनी। परीक्षा टिप: शस्त्र अधिनियम और वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट – दोनों 1878, लिटन के समय; इल्बर्ट बिल – 1883, रिपन के समय।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभू-राजस्व में रैयतवाड़ी प्रयोग किसने शुरू किया था?
- A.हेनरी डुंडास
- B.अलेक्ज़ेंडर रीड
- C.डेविड रिकार्डो
- D.माउंटस्टुअर्ट एल्फ़िंस्टन
उत्तर देखें
कैप्टन अलेक्ज़ेंडर रीड ने 1792 में टीपू सुल्तान से लिए गए बारामहल क्षेत्र में रैयतवाड़ी प्रयोग शुरू किया, और थॉमस मुनरो उनके सहायकों में से एक थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को किसने पढ़ा (उनका अर्थ निकाला)?
- A.पियदस्सी
- B.कॉलिन मैकेंज़ी
- C.अलेक्ज़ेंडर कनिंघम
- D.जेम्स प्रिंसेप
उत्तर देखें
ईस्ट इंडिया कंपनी की टकसाल के अधिकारी और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के सचिव प्रिंसेप ने 1837 में ब्राह्मी लिपि को पढ़ा और खरोष्ठी को पढ़ने में भी निर्णायक सफलता पाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जस्टिस पार्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसने गैर-ब्राह्मणों के लिए उसी प्रकार के पृथक सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की ज़ोरदार मांग की, जैसा मॉर्ले-मिंटो सुधारों द्वारा मुसलमानों को दिया गया था।
- B.इसे मुख्य रूप से धनी भूस्वामी और शहरी मध्यवर्गीय गैर-ब्राह्मणों का संरक्षण प्राप्त था।
- C.इसने मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों में गैर-ब्राह्मणों के लिए 28 आरक्षित सीटों का प्रावधान करवाने में सफलता पाई।
- D.इसने 1920 में चुनावों के बहिष्कार के कांग्रेस के आह्वान का समर्थन किया।
उत्तर देखें
जस्टिस पार्टी 1920 के चुनावों के कांग्रेस के बहिष्कार में शामिल नहीं हुई; उसने चुनाव लड़ा, मद्रास विधान परिषद में बहुमत जीता और नए सुधारों के तहत पहला मंत्रिमंडल बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1915 में हरिद्वार कुंभ मेले में कौन-सा संगठन शुरू किया गया था?
- A.सनातन धर्म सभा
- B.देव समाज
- C.ब्राह्मण सभा
- D.हिंदू महासभा
उत्तर देखें
अखिल भारतीय हिंदू महासभा का स्थापना अधिवेशन 1915 के कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में हुआ, जिसमें 1909 से पहले पंजाब और फिर दूसरे प्रांतों में बनी हिंदू सभाएं एक साथ आईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ (ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज़ एसोसिएशन) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ का गठन नागपुर में हुआ और एम. सी. राजा इसके पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने।
- B.1926 में डॉ. बी. आर. आंबेडकर अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ में शामिल नहीं हुए।
- C.आंबेडकर ने अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ से त्यागपत्र देकर 1930 में अपनी अखिल भारतीय दलित वर्ग कांग्रेस बनाई।
- D.अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन किया।
उत्तर देखें
अखिल भारतीय दलित वर्ग संघ ने पृथक निर्वाचन मंडल की आंबेडकर की मांग का समर्थन नहीं किया; एम. सी. राजा के नेतृत्व में उसने दलित वर्गों के लिए आरक्षित सीटों वाले संयुक्त निर्वाचन मंडल का समर्थन किया।
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