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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 10

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 10) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: ब्रिटिश विस्तार और गवर्नर-जनरल, हर्षवर्धन और दक्षिण भारतीय राज्य, गांधी युग: असहयोग से भारत छोड़ो तक और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

  1. A.1878 में शस्त्र अधिनियम पारित हुआ, जिसने भारतीयों को हथियार रखने से रोक दिया।
  2. B.सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ।
  3. C.1883 में सरकार द्वारा इल्बर्ट बिल लाने की कोशिश पर भारी हंगामा हुआ।
  4. D.1870 और 1880 के दशकों में ब्रिटिश शासन के प्रति असंतोष बढ़ गया।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ।

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकार के समर्थन के लिए 1880 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पारित हुआ। यह कथन दोनों बातों में गलत है: यह कानून 1878 में पारित हुआ था, और इसका उद्देश्य सरकार का समर्थन करना नहीं, बल्कि सरकार की आलोचना करने वाले अखबारों का मुँह बंद करना था। वायसराय लॉर्ड लिटन के समय बने इस कानून से सरकार किसी अखबार की संपत्ति, यहाँ तक कि उसका छापाखाना भी, ज़ब्त कर सकती थी, अगर उसमें कुछ 'आपत्तिजनक' छपता। शिक्षित भारतीय इससे इतने नाराज़ हुए कि बाद में लॉर्ड रिपन ने इसे रद्द कर दिया। NCERT इसे उन कदमों में गिनता है जिन्होंने 1870 और 1880 के दशकों में भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ किया। A सही कथन है, क्योंकि 1878 के शस्त्र अधिनियम ने भारतीयों को हथियार रखने से रोका। C सही है, क्योंकि 1883 के इल्बर्ट बिल, जिससे भारतीय न्यायाधीश अंग्रेज़ों पर मुकदमा चला सकते थे, पर भारत में रहने वाले अंग्रेज़ों ने भारी हंगामा किया। D सही है, क्योंकि इन्हीं दो दशकों में असंतोष तेज़ी से बढ़ा और 1885 में कांग्रेस बनी। परीक्षा टिप: शस्त्र अधिनियम और वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट – दोनों 1878, लिटन के समय; इल्बर्ट बिल – 1883, रिपन के समय।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 05 Jul 2024, Shift 4कठिन

निम्नलिखित में से किस चोल सम्राट ने वेल्लोर के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय को हराया था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजेंद्र प्रथम
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, परांतक प्रथम। आदित्य प्रथम के पुत्र परांतक प्रथम (907 से 955 ईस्वी) ने लगभग 915 ईस्वी में वेल्लूर (वेल्लोर) के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय और उसके श्रीलंकाई सहयोगियों को हराया और 'मदुरैकोंड' यानी 'मदुरै का विजेता' उपाधि ली। उसके शासन की पहचान 919 और 921 ईस्वी के उत्तरमेरुर अभिलेखों से भी है, जो बताते हैं कि गाँव की सभाएँ लॉटरी से कैसे चुनी जाती थीं, और उसने चिदंबरम के नटराज मंदिर को सोने से मढ़वाया। शासन के अंत में वह तक्कोलम के युद्ध (949 ईस्वी) में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय से हारा, जिसमें उसका पुत्र राजादित्य मारा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम (985 से 1014 ईस्वी) बाद में आया और तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने गंगा अभियान किया और 'गंगैकोंड चोल' उपाधि ली। विकल्प D गलत है क्योंकि विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में तंजावुर जीतकर चोल साम्राज्य की नींव रखी थी, इस युद्ध से पहले। परीक्षा टिप: वेल्लूर = परांतक प्रथम (मदुरैकोंड), तक्कोलम = कृष्ण तृतीय से चोल हार।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 24 May 2019, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस आंदोलन से 'करो या मरो' का नारा जुड़ा है?

  1. A.स्वदेशी आंदोलन
  2. B.भारत छोड़ो आंदोलन
  3. C.सविनय अवज्ञा आंदोलन
  4. D.असहयोग आंदोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत छोड़ो आंदोलन

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारत छोड़ो आंदोलन। अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करते समय महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' का नारा दिया था। 8 अगस्त 1942 को कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ, और ग्वालिया टैंक मैदान (आज का अगस्त क्रांति मैदान) में अपने भाषण में गांधीजी ने कहा कि या तो आज़ादी लेंगे या इसके लिए जान दे देंगे। अगली सुबह अंग्रेज़ों ने गांधी, नेहरू और दूसरे नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया, और अरुणा आसफ़ अली ने उसी मैदान में कांग्रेस का झंडा फहराया। नेताओं के जेल में होने पर आंदोलन को छात्रों, मज़दूरों और जयप्रकाश नारायण व राम मनोहर लोहिया जैसे भूमिगत नेताओं ने आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि स्वदेशी आंदोलन 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ था। C गलत है क्योंकि सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में दांडी यात्रा से शुरू हुआ था। D गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 से 1922 तक चला। परीक्षा टिप: 1942 = भारत छोड़ो = 'करो या मरो'; 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस मनाया जाता है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 01 Dec 2023, S1मध्यम

दक्षिण भारत में बहमनी राज्य की स्थापना के समय दिल्ली सल्तनत का सुल्तान कौन था?

  1. A.शमसुद्दीन इल्तुतमिश
  2. B.मुहम्मद बिन तुगलक
  3. C.इब्राहिम लोदी
  4. D.अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुहम्मद बिन तुगलक

व्याख्या

सही उत्तर है B, मुहम्मद बिन तुगलक। बहमनी राज्य 1347 में दक्कन में उसके शासन के खिलाफ हुए विद्रोह से बना था। मुहम्मद बिन तुगलक ने 1325 से 1351 तक शासन किया और दिल्ली से सुदूर दक्षिण को काबू में रखने की कोशिश की, यहाँ तक कि कुछ समय के लिए राजधानी दौलताबाद ले गया। दक्कन के अमीरों ने बगावत कर दी और उनमें से एक, अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू), ने बहमनी राज्य की नींव रखी, जिसकी पहली राजधानी गुलबर्गा थी। इसी शासनकाल में 1336 में हरिहर और बुक्का ने विजयनगर की स्थापना की थी, यानी दक्षिण के दोनों बड़े राज्य इसी एक सुल्तान के समय उभरे। विकल्प A गलत है, क्योंकि इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक शासन किया, जो इससे बहुत पहले की बात है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इब्राहिम लोदी दिल्ली का अंतिम सुल्तान था, जो 1526 में पानीपत में हारा। विकल्प D गलत है, क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 1316 में हो गई थी; उसके सेनापति मलिक काफूर ने दक्षिण पर हमले किए, पर तब बहमनी राज्य नहीं था। परीक्षा टिप: विजयनगर 1336 और बहमनी 1347, दोनों मुहम्मद बिन तुगलक के समय।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023मध्यम

अजमेर का पराक्रमी चौहान शासक जिसने दिल्ली पर विजय प्राप्त कर उसे अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया। वह था –

  1. A.विग्रहराज चतुर्थ
  2. B.अर्णोराज
  3. C.अजयराज
  4. D.पृथ्वीराज तृतीय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विग्रहराज चतुर्थ

व्याख्या

सही उत्तर है A, विग्रहराज चतुर्थ। विग्रहराज चतुर्थ, जिन्हें वीसलदेव या बीसलदेव भी कहते हैं, 12वीं शताब्दी के मध्य में शाकम्भरी और अजमेर के चौहान राज्य के शासक थे। उन्होंने तोमरों से दिल्ली छीनी, और दिल्ली-टोपरा अशोक स्तंभ पर उनका 1164 का लेख उनकी व्यापक विजयों का वर्णन करता है। वे विद्वान राजा भी थे: उन्होंने संस्कृत नाटक हरकेलि नाटक लिखा और अजमेर में संस्कृत पाठशाला बनवाई, जिसे बाद में अढ़ाई दिन का झोंपड़ा मस्जिद में बदल दिया गया। दरबारी कवि सोमदेव ने उनके सम्मान में ललित विग्रहराज नाटक लिखा, और टोंक का बीसलपुर भी उनके नाम से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उनके पिता अर्णोराज तुर्कों को हराने के बाद अजमेर में आनासागर झील बनवाने के लिए याद किए जाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजयराज ने अजमेर नगर बसाया, जिसे तब अजयमेरु कहा जाता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि पृथ्वीराज तृतीय, यानी प्रसिद्ध पृथ्वीराज चौहान, बाद में हुए और उन्हें दिल्ली विरासत में मिली, उन्होंने पहली बार इसे नहीं जीता। परीक्षा टिप: अजयराज ने अजमेर बसाया, अर्णोराज ने आनासागर बनवाया, विग्रहराज चतुर्थ ने दिल्ली जीती।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम

परंपरा के अनुसार अलवारों और नयनारों की संख्या कितनी है?

  1. A.12 और 63
  2. B.12 और 53
  3. C.23 और 63
  4. D.23 और 53
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 12 और 63

व्याख्या

सही उत्तर है A, 12 और 63। परंपरा के अनुसार विष्णु के भक्त वैष्णव संत-कवि अलवार 12 और शिव के भक्त शैव संत नयनार 63 माने जाते हैं; दोनों तमिल प्रदेश के थे। लगभग छठी से नौवीं शताब्दी के बीच इन संतों ने संस्कृत के बजाय तमिल में भजन गाए, एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक यात्रा की और हर जाति के भक्तों को अपनाया, जिससे दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन की नींव पड़ी। अलवारों के भजन ‘नालायिर दिव्य प्रबंधम्’ में और नयनारों के भजन ‘तेवारम्’ में संकलित हैं, जो तिरुमुरै का हिस्सा है। अंडाल अलवारों में अकेली महिला संत थीं, जबकि कराईक्काल अम्मैयार सबसे प्रसिद्ध महिला नयनार हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नयनारों की संख्या घटाकर 53 कर दी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें अलवारों की संख्या बढ़ाकर 23 कर दी गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसकी दोनों संख्याएँ गलत हैं। परीक्षा टिप: विष्णु के 12 अलवार, शिव के 63 नयनार, और अंडाल एकमात्र महिला अलवार।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 3 Aug 2025कठिन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

सूची-I (ब्रिटिश संसद का अधिनियम)

A. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784

B. चार्टर एक्ट, 1813

C. चार्टर एक्ट, 1833

D. चार्टर एक्ट, 1853

सूची-II (प्रमुख प्रावधान)

1. गवर्नर-जनरल की विधान परिषद का विस्तार

2. रोज़गार और उच्च सेवाओं में भारतीयों के साथ भेदभाव की समाप्ति

3. भारत के मामलों पर नियंत्रण के लिए क्राउन द्वारा बोर्ड की स्थापना

4. भारतीय व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी के एकाधिकार की समाप्ति

कूट :

  1. A.A-1, B-4, C-2, D-3
  2. B.A-1, B-2, C-4, D-3
  3. C.A-3, B-4, C-2, D-1
  4. D.A-3, B-2, C-4, D-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. A-3, B-4, C-2, D-1

व्याख्या

सही उत्तर है C, A-3, B-4, C-2, D-1। अधिनियमों को क्रम से पढ़ें तो हर एक कंपनी पर क्राउन के नियंत्रण का नया कदम है। पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ने कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व मामलों की निगरानी के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया। चार्टर एक्ट, 1813 ने भारतीय व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार खत्म किया, केवल चाय और चीन के साथ व्यापार उसके पास रहा। चार्टर एक्ट, 1833 ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया और कहा कि धर्म, जन्म या रंग के आधार पर किसी भारतीय को पद से वंचित नहीं किया जाएगा। चार्टर एक्ट, 1853 ने विधायी और कार्यकारी काम अलग किए और कानून बनाने के लिए गवर्नर-जनरल की परिषद का विस्तार किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1784 का संबंध बोर्ड ऑफ कंट्रोल से है, परिषद के विस्तार से नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें 1813 और 1833 के प्रावधान आपस में बदल दिए गए हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें भी 1813 और 1833 की वही अदला-बदली है। परीक्षा टिप: 1784 बोर्ड ऑफ कंट्रोल, 1813 एकाधिकार खत्म, 1833 भारतीयों पर रोक नहीं, 1853 बड़ी विधान परिषद।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा युद्ध सालबाई की संधि के साथ समाप्त हुआ?

  1. A.पानीपत का तीसरा युद्ध
  2. B.बक्सर का युद्ध
  3. C.प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
  4. D.द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध। मई 1782 में हुई सालबाई की संधि ने अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठों के बीच यह युद्ध समाप्त किया। युद्ध 1775 में तब शुरू हुआ जब कंपनी ने सूरत की संधि के ज़रिए रघुनाथ राव को पेशवा बनाने का समर्थन किया। 1779 में वडगाँव में अंग्रेज़ों की हार के बाद लड़ाई चलती रही, अंत में महादजी सिंधिया की मध्यस्थता से सालबाई में शांति हुई। संधि से अंग्रेज़ों को सालसेट मिला, माधव राव नारायण को पेशवा माना गया और दोनों शक्तियों के बीच लगभग बीस साल शांति रही। A गलत है क्योंकि पानीपत का तीसरा युद्ध, 1761, मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच एक ही दिन में निपट गया था, किसी संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि बक्सर के युद्ध, 1764, के बाद 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई थी। D गलत है क्योंकि द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध 1803 में देवगाँव और सुर्जी-अर्जनगाँव की संधियों से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: मराठा संधियों का क्रम याद रखें, सूरत 1775, पुरंदर 1776, वडगाँव 1779, सालबाई 1782।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

1921 का मोपला विद्रोह निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में हुआ था?

  1. A.असम
  2. B.केरल
  3. C.पंजाब
  4. D.बंगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है B, केरल। 1921 का मोपला (मप्पिला) विद्रोह आज के केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, जो उस समय मद्रास प्रेसीडेंसी का एक ज़िला था। मप्पिला मुस्लिम काश्तकार किसान थे, जो लंबे समय से ज़्यादातर हिंदू ज़मींदारों (जन्मी) के भारी लगान और उनका साथ देने वाले ब्रिटिश अधिकारियों से नाराज़ थे। 1921 में खिलाफ़त और असहयोग आंदोलन मालाबार पहुँचे, और यह असंतोष वरियमकुन्नथ कुंजाहम्मद हाजी और अली मुसलियार जैसे नेताओं के नेतृत्व में सशस्त्र विद्रोह बन गया। अंग्रेज़ों ने मार्शल लॉ लगाकर इसे कुचल दिया। सबसे दर्दनाक घटना नवंबर 1921 की 'वैगन त्रासदी' थी, जिसमें बंद मालगाड़ी के डिब्बे में दर्जनों मप्पिला कैदी दम घुटने से मर गए। A गलत है क्योंकि इस विद्रोह का असम से कोई संबंध नहीं था। C गलत है क्योंकि उस दौर में पंजाब की सबसे चर्चित घटना 1919 का जलियाँवाला बाग हत्याकांड है। D गलत है क्योंकि बंगाल 1859–60 के नील विद्रोह जैसे आंदोलनों से जुड़ा है। परीक्षा टिप: मोपला 1921 = मालाबार, केरल = खिलाफ़त से जुड़ाव = वैगन त्रासदी।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

उस युद्ध का नाम बताइए जिसमें त्रावणकोर के राजा ने 1741 में डचों को पराजित किया था।

  1. A.पोर्टो नोवो का युद्ध
  2. B.कोलाचेल का युद्ध
  3. C.पोलिलूर का युद्ध
  4. D.चंगनाचेरी का युद्ध
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोलाचेल का युद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोलाचेल का युद्ध। अगस्त 1741 में कोलाचेल में त्रावणकोर के राजा मार्तंड वर्मा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी को हराया। यह उन गिने-चुने मौकों में से है जब किसी भारतीय शासक ने खुले युद्ध में किसी यूरोपीय शक्ति को निर्णायक रूप से हराया, और इसके साथ मालाबार तट पर डचों के विस्तार की उम्मीद खत्म हो गई। डच सेनापति यूस्टेकियस डी लैनॉय पकड़े गए, फिर त्रावणकोर की सेवा में आकर उन्होंने सेना को यूरोपीय ढंग से प्रशिक्षित किया और प्रधान सेनापति बने। कोलाचेल आज तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के तट पर है। A गलत है, 1781 में पोर्टो नोवो में आयर कूट के नेतृत्व में अंग्रेजों ने दूसरे आंग्ल-मैसूर युद्ध में हैदर अली को हराया था। C गलत है, पोलिलूर की लड़ाइयां 1780 और 1781 में इसी युद्ध में हैदर अली और अंग्रेजों के बीच हुईं। D गलत है, चंगनाचेरी मध्य केरल का एक कस्बा है, 1741 के डच युद्ध का स्थल नहीं। परीक्षा टिप: कोलाचेल 1741, मार्तंड वर्मा ने डचों को हराया; पोर्टो नोवो 1781, आयर कूट ने हैदर अली को।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Patwari, 17 Sep 2022, Shift 2कठिन

1951 में दिल्ली मंत्रिपरिषद और विधानमंडल के साथ एक _________ बन गई।

  1. A.भाग B राज्य
  2. B.भाग-C राज्य
  3. C.भाग-D राज्य
  4. D.भाग A राज्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भाग-C राज्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, भाग-C राज्य। भाग C राज्य शासन अधिनियम, 1951 के तहत दिल्ली को अपनी विधानसभा और मंत्रिपरिषद मिली। पहला चुनाव 1952 में हुआ और चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने। 1950 के संविधान ने भारत की इकाइयों को भाग A, B, C और D में बाँटा था, और भाग C में वे छोटे क्षेत्र थे जिन्हें पहले चीफ़ कमिश्नर चलाते थे, जैसे दिल्ली, अजमेर और कुर्ग। यह व्यवस्था तब खत्म हुई जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने 1 नवंबर 1956 से दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया और उसकी विधानसभा समाप्त कर दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग B राज्य पुरानी रियासतें या उनके संघ थे, जिनका प्रमुख राजप्रमुख होता था। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग D में केवल एक इकाई थी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाग A राज्य बंबई और मद्रास जैसे पुराने ब्रिटिश प्रांत थे, जिनके प्रमुख राज्यपाल होते थे। परीक्षा टिप: दिल्ली 1951 में भाग C राज्य, 1956 में केंद्रशासित प्रदेश और 1991 के 69वें संशोधन से विधानसभा वाला NCT बनी।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023मध्यम

1857 में बरेली, उत्तर प्रदेश में क्रांति का नेता कौन था?

  1. A.नाना साहब
  2. B.खान बहादुर खान
  3. C.हज़रत महल
  4. D.कुंवर सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. खान बहादुर खान

व्याख्या

सही उत्तर है B, खान बहादुर खान। 31 मई 1857 को बरेली में सिपाहियों के विद्रोह के बाद रुहेला सरदार हाफ़िज़ रहमत खान के पोते खान बहादुर खान ने बरेली और रुहेलखंड के बड़े हिस्से की बागडोर संभाली। वे कंपनी के अधीन जज रह चुके थे और अंग्रेज़ी पेंशन पर जी रहे थे, फिर भी उन्होंने अपनी सरकार बनाई, कई हज़ार सैनिकों की सेना खड़ी की और मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के नाम पर शासन किया, जिन्होंने उन्हें अपना सूबेदार माना। मई 1858 में अंग्रेज़ों ने बरेली वापस ले ली; खान बहादुर खान नेपाल भाग गए, वहाँ से अंग्रेज़ों को सौंपे गए और 1860 में बरेली में उन्हें फाँसी दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेगम हज़रत महल ने अपने बेटे बिरजिस क़द्र के नाम पर लखनऊ में संघर्ष चलाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि कुंवर सिंह ने बिहार में आरा के पास जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। परीक्षा टिप: कानपुर–नाना साहब, लखनऊ–हज़रत महल, बरेली–खान बहादुर खान, झाँसी–लक्ष्मीबाई, आरा–कुंवर सिंह।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 14 Aug 2018, Shift 1आसान

भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कब स्थानांतरित की गई?

  1. A.1912
  2. B.1905
  3. C.1910
  4. D.1911
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1911

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1911। सम्राट जॉर्ज पंचम ने 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में घोषणा की कि ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई जाएगी। उस समय लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय वायसराय थे और इसी दरबार में 1905 का बंगाल विभाजन भी रद्द किया गया। दिल्ली इसलिए चुनी गई क्योंकि वह देश के बीच में थी, लंबे समय तक सुल्तानों और मुगलों की राजधानी रही थी और बंगाल के तेज़ राष्ट्रवादी आंदोलन से दूर थी। नई दिल्ली की योजना एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने बनाई और 1931 में इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ। A गलत है क्योंकि 1912 में यह स्थानांतरण अमल में आया; निर्णय की घोषणा 1911 में हो चुकी थी। B गलत है क्योंकि 1905 लॉर्ड कर्ज़न के समय बंगाल विभाजन का वर्ष है। C गलत है क्योंकि 1910 में जॉर्ज पंचम राजा बने थे। परीक्षा टिप: 1905 बंगाल विभाजन (कर्ज़न); 1911 विभाजन रद्द और राजधानी बदलने की घोषणा (हार्डिंग द्वितीय, दिल्ली दरबार); 1931 नई दिल्ली का उद्घाटन।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया?

  1. A.रेग्युलेटिंग एक्ट
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट
  3. C.1793 का चार्टर एक्ट
  4. D.1833 का चार्टर एक्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1833 का चार्टर एक्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1833 का चार्टर एक्ट। इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बना दिया और उसे पूरे ब्रिटिश भारत पर सभी नागरिक और सैनिक शक्तियाँ दीं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक इसके तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। यह केंद्रीकरण का चरम था: बंबई और मद्रास सरकारों से कानून बनाने की शक्ति छीन ली गई, ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ खत्म कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बना दिया गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में मैकाले को जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया, जिस पर पहले वॉरेन हेस्टिंग्स बैठे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और द्वैध शासन व्यवस्था बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के चार्टर एक्ट ने मुख्य रूप से कंपनी का चार्टर बीस साल के लिए बढ़ाया। परीक्षा टिप: 1773 बंगाल का गवर्नर-जनरल (हेस्टिंग्स), 1833 भारत का गवर्नर-जनरल (बेंटिंक), 1858 वायसराय (कैनिंग)।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Aug 2018, Shift 2मध्यम

चंपारण सत्याग्रह से पहले चंपारण के किसानों को "तिनकठिया" प्रणाली माननी पड़ती थी, जिसमें एक बीघा ज़मीन के तीन कट्ठों में ______ की खेती करनी होती थी।

  1. A.गन्ना
  2. B.नील
  3. C.कपास
  4. D.जूट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नील

व्याख्या

सही उत्तर है B, नील। तिनकठिया प्रणाली में यूरोपीय बागान मालिक बिहार के चंपारण के किसानों को हर 20 कट्ठे (एक बीघा) ज़मीन में से 3 कट्ठों पर नील उगाने के लिए मजबूर करते थे। नील विदेशों में माँग वाला नीला रंग था और बागान मालिक किसानों को इसके बदले बहुत कम पैसा देते थे। जब सस्ते जर्मन कृत्रिम रंग के कारण नील का मुनाफ़ा घटा, तो उन्होंने बढ़ा हुआ लगान और गैर-कानूनी वसूली शुरू कर दी। स्थानीय किसान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी 1917 में चंपारण गए। यह भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह बना और 1918 के चंपारण कृषि अधिनियम से तिनकठिया प्रथा समाप्त हुई। A गलत है क्योंकि इस प्रथा में गन्ने की खेती थोपी नहीं जाती थी। C गलत है क्योंकि चंपारण के बागान मालिक नील के व्यापारी थे, वहाँ कपास नहीं थोपी गई थी। D गलत है क्योंकि जूट बंगाल की फसल है और चंपारण आंदोलन से इसका कोई संबंध नहीं था। परीक्षा टिप: भारत में गांधीजी के पहले तीन आंदोलन: चंपारण 1917 (नील), अहमदाबाद मिल हड़ताल 1918 (मज़दूरी), खेड़ा 1918 (लगान)।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 5 Nov 2022, Shift 1मध्यम

औपनिवेशिक भारत में अंग्रेजों द्वारा तैयार की गई एक व्यवस्था, सहायक संधि, की मुख्य विशेषता(एँ) निम्नलिखित में से कौन-सी थी/थीं?

(a) इसे लॉर्ड वेलेज़्ली द्वारा बनाया गया था।

(b) सहयोगी पक्ष के भू-क्षेत्र में एक ब्रिटिश सैनिक टुकड़ी तैनात रहेगी।

(c) सहयोगी पक्ष किसी अन्य शासक के साथ कोई संधि नहीं कर सकेगा।

(d) ब्रिटिश सहयोगी पक्ष की केवल आंतरिक चुनौतियों से रक्षा करेंगे।

नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए:

  1. A.केवल (b)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.(a), (b) और (c)
  4. D.(a) और (d)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. (a), (b) और (c)

व्याख्या

सही उत्तर है C, (a), (b) और (c)। कथन (a), (b) और (c) सहायक संधि का सही वर्णन करते हैं, जबकि (d) गलत है। लॉर्ड वेलेज़्ली (गवर्नर-जनरल 1798 से 1805) ने सहायक संधि को अंग्रेजी विस्तार का सबसे बड़ा हथियार बना दिया। इस संधि को मानने वाले भारतीय शासक को अपने राज्य में अंग्रेजी सेना रखनी पड़ती थी और उसका खर्च नकद या अपना इलाका देकर चुकाना पड़ता था। उसे अपने दरबार में एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखना होता था, और वह अंग्रेजों की अनुमति के बिना न किसी दूसरी शक्ति से संबंध रख सकता था, न किसी अन्य यूरोपीय को नौकरी दे सकता था। सबसे पहले 1798 में हैदराबाद के निज़ाम ने यह संधि की, और खर्च चुकाने के लिए अवध को 1801 में अपना लगभग आधा इलाका देना पड़ा। कथन (d) गलत है, क्योंकि अंग्रेज बाहरी दुश्मनों और अंदरूनी विद्रोह, दोनों से रक्षा का वादा करते थे। इसलिए विकल्प A में (a) और (c) छूट गए, B में (c) छूट गया और D में गलत कथन (d) जुड़ा है। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़्ली, 1798, पहला राज्य हैदराबाद; व्यपगत का सिद्धांत यानी डलहौज़ी।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021मध्यम

महात्मा गांधी केवल एक बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। यह निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में हुआ?

  1. A.अमृतसर अधिवेशन 1919
  2. B.बेलगाम अधिवेशन 1924
  3. C.लाहौर अधिवेशन 1929
  4. D.लखनऊ अधिवेशन 1936
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेलगाम अधिवेशन 1924

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेलगाम अधिवेशन 1924। गांधीजी ने केवल एक बार, दिसंबर 1924 में बेलगाम (अब कर्नाटक का बेलगावी) अधिवेशन में कांग्रेस की अध्यक्षता की। उस समय पार्टी दो धड़ों में बँटी थी: अपरिवर्तनवादी, जो गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रम पर टिके रहना चाहते थे, और सी. आर. दास तथा मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व वाले स्वराजवादी, जो चुनाव लड़कर विधान परिषदों में जाना चाहते थे। गांधीजी की अध्यक्षता में बेलगाम अधिवेशन ने दोनों धड़ों को साथ-साथ काम करने की छूट दी और चरखे व खादी पर खास ज़ोर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड के बाद हुए 1919 के अमृतसर अधिवेशन की अध्यक्षता मोतीलाल नेहरू ने की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 के लाहौर अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जहाँ पूर्ण स्वराज का लक्ष्य अपनाया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1936 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता भी जवाहरलाल नेहरू ने की थी। परीक्षा टिप: गांधीजी केवल बेलगाम 1924 में अध्यक्ष; जवाहरलाल नेहरू लाहौर 1929 और लखनऊ 1936 में; सुभाष बोस हरिपुरा 1938 में।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 19 Jun 2022मध्यम

डलहौजी के “व्यपगत सिद्धान्त” के अन्तर्गत विलय किया गया प्रथम राज्य कौन-सा था?

  1. A.जैतपुर
  2. B.संभलपुर
  3. C.झांसी
  4. D.सतारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सतारा

व्याख्या

सही उत्तर है D, सतारा। लॉर्ड डलहौजी की व्यपगत नीति, जिसे हड़प नीति भी कहते हैं, के तहत सबसे पहले 1848 में सतारा को कंपनी राज्य में मिलाया गया। इस नीति के अनुसार अगर किसी आश्रित रियासत का शासक बिना सगे पुत्र के मर जाता, तो रियासत ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकार में चली जाती और गोद लिया पुत्र गद्दी का वारिस नहीं माना जाता। 1848 से 1856 तक गवर्नर-जनरल रहे डलहौजी ने इसी नीति से सतारा (1848), जैतपुर और संबलपुर (1849), बघाट (1850), छत्तीसगढ़ का उदयपुर (1852), झाँसी (1853) और नागपुर (1854) को हड़प लिया। रानी लक्ष्मीबाई जैसे शासकों में इस नीति से जो गुस्सा पैदा हुआ, वह 1857 के विद्रोह का एक बड़ा कारण बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि जैतपुर 1849 में, यानी सतारा के एक साल बाद मिलाया गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि संबलपुर भी 1849 में लिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि झाँसी 1853 में हड़पी गई, जब कंपनी ने राजा गंगाधर राव के दत्तक पुत्र को मान्यता नहीं दी। परीक्षा टिप: हड़प का क्रम सतारा 1848, जैतपुर-संबलपुर 1849, झाँसी 1853, नागपुर 1854।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025आसान

6 अप्रैल, 1930 की तिथि भारत के इतिहास में अच्छी तरह जानी जाती है क्योंकि यह तिथि संबंधित है:

  1. A.भारत छोड़ो आन्दोलन से
  2. B.बंगाल विभाजन से
  3. C.जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड से
  4. D.महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से

व्याख्या

सही उत्तर है D, महात्मा गाँधी द्वारा डांडी यात्रा से। 6 अप्रैल 1930 की सुबह गाँधीजी ने डांडी के समुद्र तट पर प्राकृतिक नमक उठाकर नमक कानून तोड़ा और इसी के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हो गया। वे 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए साथियों के साथ निकले थे और 24 दिनों में लगभग 240 मील पैदल चलकर 5 अप्रैल को गुजरात के तट पर डांडी पहुँचे। नमक इसलिए चुना गया क्योंकि नमक कर अमीर-गरीब हर भारतीय पर पड़ता था, इसलिए एक छोटा-सा काम पूरे देश का जन-आंदोलन बन गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 के कांग्रेस प्रस्ताव के बाद अगस्त 1942 में शुरू हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड कर्ज़न का बंगाल विभाजन 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ था। परीक्षा टिप: डांडी यात्रा 12 मार्च से 5 अप्रैल 1930, नमक कानून 6 अप्रैल 1930 को तोड़ा गया।

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