निम्नलिखित में से कौन-सा बढ़ती जटिलता का सही क्रम है?
- A.प्रोटीन - जीव - ऊतक - अंग
- B.प्रोटीन - अंग - ऊतक - जीव
- C.प्रोटीन - जीव - अंग - ऊतक
- D.प्रोटीन - ऊतक - अंग - जीव
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, प्रोटीन - ऊतक - अंग - जीव। जीव स्तर-दर-स्तर बनते हैं: प्रोटीन जैसे अणु कोशिका बनाते हैं, कोशिकाएं ऊतक, ऊतक अंग, अंग अंग-तंत्र, और ये सब मिलकर पूरा जीव बनाते हैं।
प्रोटीन अमीनो अम्लों से बना एक बड़ा अणु है। ऐसे अनेक अणु मिलकर कोशिका बनाते हैं, जो जीवन की मूल इकाई है। एक ही काम करने वाली समान कोशिकाओं का समूह ऊतक कहलाता है, जैसे पेशी ऊतक। अलग-अलग ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं, जैसे हृदय, जिसमें पेशी, तंत्रिका और संयोजी ऊतक होते हैं। अंग मिलकर अंग-तंत्र बनाते हैं, और सभी तंत्र मिलकर मनुष्य जैसा संपूर्ण जीव बनाते हैं।
A गलत है, क्योंकि इसमें सबसे जटिल स्तर जीव को ऊतक और अंग से पहले रखा गया है।
B गलत है, क्योंकि अंग ऊतकों से बनता है, इसलिए अंग ऊतक से पहले नहीं आ सकता।
C गलत है, क्योंकि इसमें जीव को पहले और ऊतक को अंग के बाद रखा गया है।
Exam tip: संगठन के स्तर – अणु, कोशिका, ऊतक, अंग, अंग-तंत्र, जीव।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
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