किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, स्थितिज ऊर्जा। स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
h ऊँचाई तक उठाई गई वस्तु में mgh के बराबर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है, जहाँ m उसका द्रव्यमान और g गुरुत्वीय त्वरण है। बाँध के पीछे रुके पानी में स्थितिज ऊर्जा होती है, जो गिरने पर बिजली में बदल दी जाती है। खिंचे हुए रबर बैंड, कसी हुई कमानी या झुके हुए धनुष में आकार बदलने के कारण प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा संचित होती है; छोड़ने पर यह ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है। ऊर्जा के हर रूप का मात्रक जूल है।
A गलत है, क्योंकि ऊष्मीय ऊर्जा वस्तु के कणों की अनियमित गति की ऊर्जा है, जो ऊष्मा के रूप में महसूस होती है।
C गलत है, क्योंकि गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो वस्तु में उसकी गति के कारण होती है, और यह ½mv² के बराबर है।
D गलत है, क्योंकि विद्युत ऊर्जा गतिशील विद्युत आवेशों द्वारा ले जाई जाने वाली ऊर्जा है।
Exam tip: स्थितिज ऊर्जा = mgh (स्थिति या आकार); गतिज ऊर्जा = ½mv² (गति)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
उत्तर देखें
शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. DNA प्रतिकृतिकरण तब होता है जब क्रोमैटिन खुला होता है। 2. कोशिका विभाजन से पहले क्रोमैटिन स्वयं को छड़ के आकार के गुणसूत्रों में व्यवस्थित कर लेता है। 3. प्रोकैरियोट और यूकैरियोट दोनों में कोशिका विभाजन की प्रक्रिया एक समान होती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.1, 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
DNA खुले क्रोमैटिन से अपनी प्रतिलिपि बनाता है और विभाजन से पहले क्रोमैटिन गुणसूत्रों में संघनित हो जाता है, पर प्रोकैरियोट यूकैरियोट से अलग ढंग से विभाजित होते हैं।
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