निम्नलिखित में से कौन-सा लोहे का गलनांक हो सकता है?
- A.25°C
- B.37°C
- C.500°C
- D.1500°C
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1500°C। शुद्ध लोहा लगभग 1,538°C पर पिघलता है, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल 1,500°C ही उसके गलनांक के निकट है।
लोहा एक धातु है जिसमें प्रबल धात्विक बंध होते हैं, इसलिए उसकी ठोस संरचना तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊष्मा चाहिए। इसी कारण लौह अयस्क को वात्या भट्टी में गलाया जाता है, जहाँ तापमान 1,500°C से काफ़ी ऊपर जाता है। अधिकतर धातुओं के गलनांक ऊँचे होते हैं, पर कुछ अपवाद हैं: पारा कमरे के ताप पर द्रव है, और गैलियम व सीज़ियम लगभग 30°C पर पिघल जाते हैं, इसलिए गैलियम हथेली पर भी पिघल सकता है। सभी धातुओं में टंगस्टन का गलनांक सबसे अधिक, लगभग 3,422°C है, इसलिए बल्ब के तंतु में इसका उपयोग होता है।
A गलत है, क्योंकि 25°C लगभग कमरे का ताप है, जिस पर लोहा स्पष्ट रूप से ठोस रहता है।
B गलत है, क्योंकि 37°C मानव शरीर का सामान्य ताप है।
C गलत है, क्योंकि 500°C बहुत कम है; इस ताप पर लोहा केवल लाल चमकता है और ठोस ही रहता है।
Exam tip: लोहे का गलनांक लगभग 1,538°C, टंगस्टन का लगभग 3,422°C; कमरे के ताप पर द्रव रहने वाली धातु केवल पारा है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रकाश संश्लेषण के दौरान निकलने वाली ऑक्सीजन किसके विघटन से आती है?
- A.जल
- B.कार्बन डाइऑक्साइड
- C.ऑक्सीजन
- D.प्रकाश
उत्तर देखें
प्रकाश संश्लेषण में हवा में छोड़ी जाने वाली ऑक्सीजन उन जल अणुओं से आती है जिन्हें प्रकाश ऊर्जा की सहायता से तोड़ा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रक्त किस प्रकार का ऊतक है?
- A.उपकला ऊतक
- B.पेशीय ऊतक
- C.तंत्रिका ऊतक
- D.संयोजी ऊतक
उत्तर देखें
रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएँ प्लाज़्मा नामक तरल आधात्री में तैरती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के अन्य भागों को जोड़ते और सहारा देते हैं, और इनकी कोशिकाएँ एक आधात्री में फैली रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता?
- A.IR
- B.I²R
- C.VI
- D.V²/R
उत्तर देखें
ओम के नियम के अनुसार धारा और प्रतिरोध का गुणनफल विभवांतर देता है, विद्युत शक्ति नहीं। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपयोग होता है, और इसका मूल सूत्र P = VI है, जहाँ V विभवांतर और I धारा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को क्या कहते हैं?
- A.ऊष्मीय ऊर्जा
- B.स्थितिज ऊर्जा
- C.गतिज ऊर्जा
- D.विद्युत ऊर्जा
उत्तर देखें
स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण या उसके आकार में परिवर्तन के कारण संचित रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. DNA प्रतिकृतिकरण तब होता है जब क्रोमैटिन खुला होता है। 2. कोशिका विभाजन से पहले क्रोमैटिन स्वयं को छड़ के आकार के गुणसूत्रों में व्यवस्थित कर लेता है। 3. प्रोकैरियोट और यूकैरियोट दोनों में कोशिका विभाजन की प्रक्रिया एक समान होती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.1, 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
DNA खुले क्रोमैटिन से अपनी प्रतिलिपि बनाता है और विभाजन से पहले क्रोमैटिन गुणसूत्रों में संघनित हो जाता है, पर प्रोकैरियोट यूकैरियोट से अलग ढंग से विभाजित होते हैं।
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