निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अनुसार, किसी राज्य में शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होने हेतु व्यक्ति के पास संबंधित राज्य शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता होनी आवश्यक है। 2. RTE अधिनियम के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने के लिए अभ्यर्थी को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। 3. भारत में 90% से अधिक शिक्षक शिक्षा संस्थान सीधे राज्य सरकारों के अधीन हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। केवल कथन 2 सही है: RTE अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक को NCTE के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 कहती है कि शिक्षकों के पास केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत शैक्षणिक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता होनी चाहिए। केंद्र ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को यह प्राधिकरण बनाया, और 2010 में NCTE ने CTET या राज्य TET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना न्यूनतम योग्यता का हिस्सा बना दिया।
कथन 1 गलत है: योग्यता राष्ट्रीय सांविधिक निकाय NCTE तय करता है, कोई राज्य शिक्षक शिक्षा परिषद नहीं।
कथन 3 गलत है: भारत में अधिकांश शिक्षक शिक्षा संस्थान निजी क्षेत्र के हैं, इसलिए 90 प्रतिशत से बहुत कम सीधे राज्य सरकारों के अधीन हैं।
इसलिए कथन 1 या 3 वाले A, C और D गलत हैं।
परीक्षा टिप: RTE अधिनियम 2009, धारा 23 – शिक्षक योग्यता NCTE द्वारा; 2010 से TET अनिवार्य।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कथन किसी देश के 'संविधान' के मुख्य उद्देश्य को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
- A.यह आवश्यक कानून बनाने का उद्देश्य निर्धारित करता है।
- B.यह राजनीतिक पदों और सरकार के सृजन को संभव बनाता है।
- C.यह सरकार की शक्तियों को परिभाषित और सीमित करता है।
- D.यह सामाजिक न्याय, सामाजिक समानता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
उत्तर देखें
संविधान का मूल विचार संविधानवाद है: सरकार को शक्ति दी जाती है, पर केवल तय सीमाओं के भीतर। संविधान राज्य के अंगों की स्थापना करता है और उनके बीच शक्ति बाँटता है, पर इसका मुख्य उद्देश्य उस शक्ति को मनमानी बनने से रोकना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संशोधन के लिए कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक है?
- A.आठवीं अनुसूची में नई भाषा जोड़ने वाला संशोधन
- B.राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बदलने वाला संशोधन
- C.किसी राज्य का नाम बदलने वाला संशोधन
- D.मंत्रियों के वेतन में परिवर्तन करने वाला संशोधन
उत्तर देखें
अनुच्छेद 368(2) उन प्रावधानों की सूची देता है जिनके संशोधन के लिए प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है: राष्ट्रपति का निर्वाचन, संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय, संघ और राज्यों…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस संशोधन ने मंत्रिपरिषद का आकार सदन की सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित किया?
- A.88वां संशोधन अधिनियम
- B.91वां संशोधन अधिनियम
- C.97वां संशोधन अधिनियम
- D.104वां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
इसने अनुच्छेद 75 और 164 में खंड जोड़े, जिनके अनुसार प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा अथवा राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, और राज्य में न्यूनतम सीमा बारह मंत्री है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान की नौवीं अनुसूची, जो कुछ कानूनों को न्यायिक समीक्षा से संरक्षण देती है, किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
- A.पहला संशोधन अधिनियम, 1951
- B.चौथा संशोधन अधिनियम, 1955
- C.सातवां संशोधन अधिनियम, 1956
- D.सत्रहवां संशोधन अधिनियम, 1964
उत्तर देखें
इसने अनुच्छेद 31ख तथा नौवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे राज्यों के जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार कानूनों को मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर अपास्त न किया जा सके; साथ ही इसने अनुच्छेद 19(2) में वाक् स्वातंत्र्य पर युक्तियुक्त निर्बंधन और पिछड़े वर्गों की उन्नति के लिए अनुच्छेद 15(4) जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्यारहवीं अनुसूची, जिसमें पंचायतों के विषय दिए गए हैं, किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
- A.73वां संशोधन अधिनियम
- B.74वां संशोधन अधिनियम
- C.65वां संशोधन अधिनियम
- D.97वां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
इस अनुसूची में उनतीस विषय हैं जो राज्य पंचायतों को सौंप सकता है, जिनमें कृषि, लघु सिंचाई, ग्रामीण आवास, पेयजल और गरीबी उपशमन शामिल हैं।
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