निम्नलिखित बाजारों पर विचार कीजिए: 1. सरकारी बॉन्ड बाजार 2. कॉल मनी बाजार 3. ट्रेजरी बिल बाजार 4. शेयर बाजार उपर्युक्त में से कितने पूँजी बाजार में शामिल हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.केवल तीन
- D.सभी चार
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल दो। सरकारी बॉन्ड बाजार और शेयर बाजार दीर्घकालिक धन का लेन-देन करते हैं, इसलिए ये पूँजी बाजार हैं; कॉल मनी और ट्रेजरी बिल मुद्रा बाजार के हिस्से हैं। विभाजन रेखा परिपक्वता अवधि है: पूँजी बाजार एक साल से अधिक के धन का, और मुद्रा बाजार एक साल तक के धन का लेन-देन करता है। सरकारी बॉन्ड, यानी दिनांकित प्रतिभूतियाँ, 5 से 40 साल तक चलते हैं, और शेयरों की कोई परिपक्वता नहीं होती। कॉल मनी बैंकों के बीच एक दिन का कर्ज है, नोटिस मनी 2 से 14 दिन की होती है, और ट्रेजरी बिल 91, 182 या 364 दिन की अल्पकालिक सरकारी उधारी हैं। पूँजी बाजार का नियामक SEBI है, जबकि मुद्रा बाजार मुख्य रूप से RBI के नियमन में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बॉन्ड और शेयर दोनों पूँजी बाजार के खंड हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह एक अल्पकालिक बाजार भी जोड़ देगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि कॉल मनी और ट्रेजरी बिल मुद्रा बाजार के खंड हैं। परीक्षा टिप: एक साल से अधिक तो पूँजी बाजार, एक साल तक तो मुद्रा बाजार; ट्रेजरी बिल 91, 182 और 364 दिन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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