मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

नवंबर 2026 में शुरू हुए राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान 5.0 के पहले पांच दिनों में लगभग कितने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बने?

  1. A.25 लाख
  2. B.40 लाख
  3. C.70 लाख
  4. D.1.17 करोड़

सही उत्तर

B. 40 लाख

व्याख्या

सही उत्तर है 40 लाख। 6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 की शुरुआत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इसके पहले पांच दिनों में लगभग 40 लाख डीएलसी बन चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या लगभग 25 लाख थी, यानी 60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। विकल्प A का 25 लाख पिछले वर्ष के उन्हीं पांच दिनों का आंकड़ा है, इस वर्ष का नहीं, इसलिए यह गलत है। विकल्प C का 70 लाख केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की अनुमानित संख्या है, जिसकी तुलना मंत्री ने लगभग 50 लाख कार्यरत कर्मचारियों से की, इसलिए यह भी गलत है। विकल्प D का 1.17 करोड़ पिछले पूरे वर्ष में चेहरा प्रमाणीकरण से बने डीएलसी की संख्या है, जो कुल 1.92 करोड़ में से थे। हर गलत विकल्प इसी घोषणा का एक असली आंकड़ा है, इसलिए भ्रम आसान है, पर अभियान 5.0 के पांच दिनों की संख्या केवल 40 लाख है।

पूरा लेख पढ़ें: डीएलसी अभियान 5.0: 5 दिन में 40 लाख प्रमाणपत्र, चेहरा प्रमाणीकरण 80%

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

डीएलसी अभियान 5.0 के पहले पांच दिनों में चेहरा प्रमाणीकरण से बने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्रों का हिस्सा लगभग कितना हो गया?

  1. A.61 प्रतिशत
  2. B.70 प्रतिशत
  3. C.80 प्रतिशत
  4. D.90 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 80 प्रतिशत

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अभियान के पहले पांच दिनों में चेहरा प्रमाणीकरण अपनाने की दर 61 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पेंशनभोगियों के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान भारत सरकार का कौन-सा विभाग चलाता है?

  1. A.पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग
  2. B.वित्तीय सेवा विभाग
  3. C.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
  4. D.व्यय विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग

यह कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है और इसकी सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने 6 नवंबर 2026 को डीएलसी अभियान 5.0 की शुरुआत के मौके पर अभियान के बारे में बताया।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?

  1. A.75 से अधिक
  2. B.100 से अधिक
  3. C.200 से अधिक
  4. D.500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 200 से अधिक

पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?

  1. A.कोयला मंत्रालय
  2. B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
  3. C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
  4. D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)

इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?

  1. A.618.06 करोड़ रुपये
  2. B.770.50 करोड़ रुपये
  3. C.970.33 करोड़ रुपये
  4. D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 970.33 करोड़ रुपये

विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।