डीएलसी अभियान 5.0 के पहले पांच दिनों में चेहरा प्रमाणीकरण से बने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्रों का हिस्सा लगभग कितना हो गया?
- A.61 प्रतिशत
- B.70 प्रतिशत
- C.80 प्रतिशत
- D.90 प्रतिशत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है 80 प्रतिशत। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अभियान के पहले पांच दिनों में चेहरा प्रमाणीकरण अपनाने की दर 61 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने इसे तकनीक पर पेंशनभोगियों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। चेहरा प्रमाणीकरण से पेंशनभोगी बैंक या दफ्तर गए बिना मोबाइल फोन पर ही प्रमाणपत्र बना लेते हैं; यह कागजी प्रमाणपत्र और उंगलियों के निशान वाले बायोमेट्रिक चरणों के बाद आया है। विकल्प A का 61 प्रतिशत वह पुराना स्तर है जहां से बढ़ोतरी शुरू हुई, नया स्तर नहीं, इसलिए यह गलत है। विकल्प B का 70 प्रतिशत चेहरा प्रमाणीकरण का आंकड़ा नहीं है; 70 लाख तो केंद्रीय पेंशनभोगियों की संख्या है। विकल्प D का 90 प्रतिशत हिस्से को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। पिछले वर्ष 1.92 करोड़ में से लगभग 1.17 करोड़ डीएलसी चेहरा प्रमाणीकरण से बने थे। केवल लगभग 80 प्रतिशत ही अभियान 5.0 का सही आंकड़ा है।
पूरा लेख पढ़ें: डीएलसी अभियान 5.0: 5 दिन में 40 लाख प्रमाणपत्र, चेहरा प्रमाणीकरण 80%
अभ्यास प्रश्न
नवंबर 2026 में शुरू हुए राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान 5.0 के पहले पांच दिनों में लगभग कितने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बने?
- A.25 लाख
- B.40 लाख
- C.70 लाख
- D.1.17 करोड़
उत्तर देखें
6 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 की शुरुआत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इसके पहले पांच दिनों में लगभग 40 लाख डीएलसी बन चुके हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पेंशनभोगियों के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान भारत सरकार का कौन-सा विभाग चलाता है?
- A.पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग
- B.वित्तीय सेवा विभाग
- C.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- D.व्यय विभाग
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यह कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है और इसकी सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने 6 नवंबर 2026 को डीएलसी अभियान 5.0 की शुरुआत के मौके पर अभियान के बारे में बताया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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