मुगल प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मनसबदारी व्यवस्था की विशेषताओं से जुड़ा है?
- A.ज़ात, सवार
- B.बरकत, फ़ना
- C.नामूस, दीन
- D.पेशकश, नज़्र
सही उत्तर
A. ज़ात, सवार
व्याख्या
सही उत्तर है A, ज़ात, सवार। मुगल काल में हर मनसब दो संख्याओं से बताया जाता था, ज़ात और सवार। अकबर ने 1570 के दशक में मनसबदारी व्यवस्था को व्यवस्थित किया, ताकि हर अमीर और अधिकारी, चाहे वह सैनिक हो या नागरिक, एक ही श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर अपनी जगह पाए। ज़ात से मनसबदार का दर्जा और उसका निजी वेतन तय होता था, जबकि सवार से यह तय होता था कि उसे बादशाह के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। मनसबदारों को आमतौर पर जागीर के रूप में वेतन मिलता था, यानी किसी इलाके से लगान वसूलने का अधिकार, ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, और बादशाह उनका तबादला कभी भी कर सकता था। यह पद वंशानुगत नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि बरकत (आशीर्वाद) और फ़ना (ईश्वर में स्वयं का विलय) सूफ़ी विचार के शब्द हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नामूस और दीन इज़्ज़त और धर्म के लिए प्रयुक्त शब्द हैं, कोई पद नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पेशकश और नज़्र शासक या बड़े अधिकारी को दिए जाने वाले नज़राने और भेंट थे। परीक्षा टिप: ज़ात यानी निजी पद और वेतन; सवार यानी घुड़सवारों की संख्या; दोनों मिलकर एक मनसब बनाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1951 में दिल्ली मंत्रिपरिषद और विधानमंडल के साथ एक _________ बन गई।
- A.भाग B राज्य
- B.भाग-C राज्य
- C.भाग-D राज्य
- D.भाग A राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भाग-C राज्य
व्याख्या
सही उत्तर है B, भाग-C राज्य। भाग C राज्य शासन अधिनियम, 1951 के तहत दिल्ली को अपनी विधानसभा और मंत्रिपरिषद मिली। पहला चुनाव 1952 में हुआ और चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने। 1950 के संविधान ने भारत की इकाइयों को भाग A, B, C और D में बाँटा था, और भाग C में वे छोटे क्षेत्र थे जिन्हें पहले चीफ़ कमिश्नर चलाते थे, जैसे दिल्ली, अजमेर और कुर्ग। यह व्यवस्था तब खत्म हुई जब राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने 1 नवंबर 1956 से दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया और उसकी विधानसभा समाप्त कर दी गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग B राज्य पुरानी रियासतें या उनके संघ थे, जिनका प्रमुख राजप्रमुख होता था। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग D में केवल एक इकाई थी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाग A राज्य बंबई और मद्रास जैसे पुराने ब्रिटिश प्रांत थे, जिनके प्रमुख राज्यपाल होते थे। परीक्षा टिप: दिल्ली 1951 में भाग C राज्य, 1956 में केंद्रशासित प्रदेश और 1991 के 69वें संशोधन से विधानसभा वाला NCT बनी।
दिल्ली के सुल्तानों ने उस क्षेत्र में कई नगर बसाए जिसे आज दिल्ली कहा जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा उन्होंने नहीं बनवाया था?
- A.सीरी
- B.जहाँपनाह
- C.लाल कोट
- D.तुगलकाबाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लाल कोट
व्याख्या
सही उत्तर है C, लाल कोट। लाल कोट दिल्ली सल्तनत के शुरू होने से पहले तोमर राजपूतों ने बनवाया था। तोमर राजा अनंगपाल को 11वीं शताब्दी में यह किला बनवाने का श्रेय दिया जाता है, और इसे दिल्ली के 'शहरों' में पहला माना जाता है। बाद में पृथ्वीराज चौहान के समय चौहानों ने इसे बढ़ाकर किला राय पिथौरा बनाया। कुतुबुद्दीन ऐबक ने जब दिल्ली जीती, तो सुल्तानों ने पहले यहीं से शासन किया, और महरौली का कुतुब मीनार परिसर इसी पुराने किले के क्षेत्र में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सीरी को अलाउद्दीन खिलजी ने लगभग 1303 में मंगोलों से बचाव के लिए सैनिक नगर के रूप में बनवाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जहाँपनाह मुहम्मद बिन तुगलक ने बनवाया, जिसने किला राय पिथौरा और सीरी के बीच के क्षेत्र को दीवार से घेरा। विकल्प D गलत है, क्योंकि तुगलकाबाद को तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 के दशक में बनवाया। परीक्षा टिप: लाल कोट (तोमर) → सीरी (खिलजी) → तुगलकाबाद (गयासुद्दीन) → जहाँपनाह (मुहम्मद बिन तुगलक)।
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को 8 और 9 सितंबर _____ को दिल्ली के फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के रूप में पुनर्गठित किया गया था।
- A.1927
- B.1930
- C.1929
- D.1928
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1928
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1928। 8 और 9 सितंबर 1928 को युवा क्रांतिकारी दिल्ली में फ़िरोज़ शाह कोटला के खंडहरों में गुप्त रूप से मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का नाम बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन कर दिया। चंद्रशेखर आज़ाद इसके सेनापति बने, और भगत सिंह, सुखदेव तथा भगवती चरण वोहरा इसके प्रमुख सदस्यों में थे। 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि अब यह दल केवल आज़ादी नहीं, बल्कि शोषण से मुक्त समाज भी चाहता था। HRA की स्थापना 1924 में कानपुर में शचींद्रनाथ सान्याल और साथियों ने की थी, और 1925 का काकोरी ट्रेन कांड इसी संगठन ने किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1927 में काकोरी मामले में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खान और अन्य को फाँसी दी गई थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1930 में चटगाँव शस्त्रागार पर धावा हुआ था, HSRA का गठन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा में बम फेंके थे। परीक्षा टिप: HRA 1924 में कानपुर, HSRA 1928 में फ़िरोज़ शाह कोटला, दिल्ली।
जब तैमूर लंग ने भारत पर आक्रमण किया, तब दिल्ली सल्तनत का शासक निम्नलिखित में से कौन था?
- A.नुसरत शाह
- B.सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
- C.नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय
- D.खिज्र खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक
व्याख्या
सही उत्तर है B, सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक। 1398 में तैमूर के आक्रमण के समय वही दिल्ली का सुल्तान था। समरकंद के तुर्क-मंगोल शासक तैमूर ने सिंधु पार की, दिसंबर 1398 में दिल्ली के पास महमूद शाह की सेना को हराया और कई दिनों तक शहर को लूटा। सुल्तान भागकर गुजरात चला गया, और तुगलक राज्य फिर कभी नहीं संभल पाया। तैमूर ने अपने समर्थक खिज्र खान को मुल्तान का ज़िम्मा सौंपा, और इसी संबंध के सहारे खिज्र खान ने आगे चलकर 1414 में सैयद वंश की नींव रखी। विकल्प A गलत है, क्योंकि नुसरत शाह तुगलक वंश का एक प्रतिद्वंद्वी दावेदार था, जिसने कुछ साल फ़िरोज़ाबाद पर कब्ज़ा रखा; वह दिल्ली का मान्य सुल्तान नहीं था। विकल्प C गलत है, क्योंकि फ़िरोज़ शाह का पुत्र नासिरुद्दीन मुहम्मद शाह तृतीय इससे पहले, 1390 से 1394 तक, शासक था। विकल्प D गलत है, क्योंकि खिज्र खान दिल्ली का शासक 1414 में ही बना। परीक्षा टिप: 1398 में तैमूर के हमले से तुगलक शासन व्यावहारिक रूप से खत्म हो गया; सैयद वंश 1414 से शुरू हुआ।
1801 में जब अवध के नवाब को अपना आधा क्षेत्र ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपने के लिए मजबूर किया गया, तब भारत का गवर्नर जनरल कौन था?
- A.रिचर्ड वेलेज़ली
- B.वारेन हेस्टिंग्स
- C.चार्ल्स कॉर्नवॉलिस
- D.रॉबर्ट क्लाइव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रिचर्ड वेलेज़ली
व्याख्या
सही उत्तर है A, रिचर्ड वेलेज़ली। लॉर्ड रिचर्ड वेलेज़ली 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे, और 1801 में उन्होंने अवध के नवाब सआदत अली खान को अपने राज्य का लगभग आधा हिस्सा कंपनी को सौंपने पर मजबूर किया। नवाब अपने राज्य में रखी गई ब्रिटिश सेना का बढ़ता खर्च नहीं चुका पाया था, और वेलेज़ली ने बदले में रुहेलखंड और निचले दोआब जैसे उपजाऊ इलाके ले लिए। यह वेलेज़ली की सहायक संधि का एक साफ़ उदाहरण था, जिसके तहत भारतीय शासक ब्रिटिश सेना का खर्च उठाता, एक ब्रिटिश रेज़िडेंट रखता और कंपनी की अनुमति के बिना कोई संधि नहीं कर सकता था। इसे सबसे पहले 1798 में हैदराबाद ने स्वीकार किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स 1785 में भारत छोड़ चुके थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस तब तक जा चुके थे; वे केवल 1805 में थोड़े समय के लिए लौटे। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्लासी के विजेता रॉबर्ट क्लाइव की मृत्यु 1774 में हो चुकी थी। परीक्षा टिप: सहायक संधि यानी वेलेज़ली; अवध ने 1801 में अपना आधा क्षेत्र खोया और 1856 में डलहौज़ी ने उसका विलय कर लिया।