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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 8

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 8) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, विभाजन और स्वतंत्रता, मुगल साम्राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासकठिन

सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. A.यह वर्णमाला आधारित थी और पूरी तरह पढ़ी जा चुकी है
  2. B.यह चित्रात्मक थी, बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी और आज तक अपठित है
  3. C.यह केवल बाएं से दाएं ब्राह्मी अक्षरों में लिखी जाती थी
  4. D.यह मेसोपोटामिया की कीलाक्षर लिपि से ज्यों की त्यों ली गई थी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह चित्रात्मक थी, बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी और आज तक अपठित है

व्याख्या

सही उत्तर B है। हड़प्पा लिपि में लगभग चार सौ चित्रनुमा चिह्न हैं और यह बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी, अर्थात पहली पंक्ति दाएं से बाएं और अगली पंक्ति बाएं से दाएं, ठीक वैसे ही जैसे हल चलाते समय बैल मुड़ता है। अभिलेख बहुत छोटे हैं और कोई द्विभाषी लेख उपलब्ध नहीं है, इसलिए कोई पाठ सर्वमान्य नहीं हो सका और यह सभ्यता आद्य-ऐतिहासिक कहलाती है।

विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: इतने अधिक चिह्न वर्णमाला के नहीं हो सकते और लिपि पढ़ी भी नहीं जा सकी है। विकल्प C में ब्राह्मी का उल्लेख है, जो बहुत बाद की ऐतिहासिक काल की लिपि है और जिसे अशोक के अभिलेखों से पढ़ा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया से व्यापार करते थे, किंतु लिखते अपनी ही लिपि में थे, जो कीलाक्षर लिपि से पूर्णतः भिन्न है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 1आसान

दिल्ली की जामा मस्जिद किस भारतीय बादशाह के शासनकाल में बनी थी?

  1. A.हुमायूँ
  2. B.बाबर
  3. C.औरंगज़ेब
  4. D.शाहजहाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. शाहजहाँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, शाहजहाँ। दिल्ली की जामा मस्जिद शाहजहाँ ने 1650 से 1656 के बीच अपनी नई राजधानी शाहजहाँनाबाद की मुख्य मस्जिद के रूप में बनवाई थी। यह भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है, जो लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बनी है; इसमें तीन बड़े दरवाज़े, चार बुर्ज और दो ऊँची मीनारें हैं। इसके आँगन में लगभग 25,000 लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं। इसका मूल नाम मस्जिद-ए-जहाँनुमा था और यह लाल किले के सामने खड़ी है, जिसे भी शाहजहाँ ने ही बनवाया था। A गलत है क्योंकि हुमायूँ की मृत्यु 1556 में हो गई थी, यानी मस्जिद बनने से लगभग सौ साल पहले। B गलत है क्योंकि बाबर ने 1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना की और 1530 में उसकी मृत्यु हो गई। C गलत है क्योंकि औरंगज़ेब ने लाहौर की बादशाही मस्जिद और लाल किले के अंदर मोती मस्जिद बनवाई थी, जामा मस्जिद नहीं। परीक्षा टिप: शाहजहाँ = ताजमहल, लाल किला, जामा मस्जिद (दिल्ली), मोती मस्जिद (आगरा); औरंगज़ेब = बादशाही मस्जिद (लाहौर), बीबी का मकबरा (औरंगाबाद)।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023मध्यम

चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावती का विवाह किस राजवंश में कर अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाया?

  1. A.लिच्छवी वंश
  2. B.कदम्ब वंश
  3. C.वाकाटक वंश
  4. D.नाग वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वाकाटक वंश

व्याख्या

सही उत्तर है C, वाकाटक वंश। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावतीगुप्ता का विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेन द्वितीय से किया, जिनका राज्य गुप्त साम्राज्य के दक्षिण में दक्कन में था। रुद्रसेन की कम उम्र में मृत्यु के बाद प्रभावती ने अपने नाबालिग पुत्रों की संरक्षिका बनकर शासन चलाया, इसलिए गुप्तों को दक्षिणी सीमा पर एक मित्र शक्ति मिल गई। इस गठबंधन से चन्द्रगुप्त द्वितीय को पश्चिम भारत के शक क्षत्रपों के विरुद्ध अभियान में मदद मिली, जिन्हें हराकर उसने गुजरात और मालवा जीते। प्रभावती के ताम्रपत्र, जैसे पूना ताम्रपत्र, इस काल के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लिच्छवी संबंध चन्द्रगुप्त प्रथम का है, जिसने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया था। विकल्प B गलत है, क्योंकि कर्नाटक के कदम्बों ने गुप्तों से वैवाहिक संबंधों का दावा किया, पर प्रभावती का विवाह वहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि नाग संबंध स्वयं चन्द्रगुप्त द्वितीय के नाग राजकुमारी कुबेरनागा से विवाह का है, जो प्रभावती की माता थीं। परीक्षा टिप: कुमारदेवी (लिच्छवी) चन्द्रगुप्त प्रथम के साथ; प्रभावती वाकाटकों में, चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 3 Oct 2023, Shift 3मध्यम

ब्रिटिश शासन के दौरान निम्नलिखित में से किस गवर्नर जनरल ने ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन का व्यावसायीकरण, नौकरशाहीकरण और यूरोपीयकरण किया?

  1. A.लॉर्ड कैनिंग
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.वॉरेन हेस्टिंग्स
  4. D.लॉर्ड डलहौज़ी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड कॉर्नवालिस। 1786 से 1793 तक गवर्नर जनरल रहते हुए उन्होंने कंपनी के भ्रष्ट व्यापारी कर्मचारियों को वेतन पाने वाली, नियमों से बंधी सिविल सेवा में बदला। उन्होंने वेतन बढ़ाए, निजी व्यापार और उपहारों पर रोक लगाई और वरिष्ठता से पदोन्नति वाली श्रेणीबद्ध सेवा बनाई, इसीलिए उन्हें भारत में सिविल सेवा का जनक कहा जाता है। उन्होंने सभी ऊँचे पद यूरोपियों के लिए रखे, यही प्रश्न का 'यूरोपीयकरण' वाला भाग है। 1793 की कॉर्नवालिस संहिता ने राजस्व वसूली को न्यायिक कार्य से अलग किया, और उसी वर्ष बंगाल में भू-राजस्व का स्थायी बंदोबस्त लागू हुआ। A गलत है क्योंकि लॉर्ड कैनिंग अंतिम गवर्नर जनरल और पहले वायसराय के रूप में जाने जाते हैं, जिनके समय 1857 का विद्रोह हुआ। C गलत है क्योंकि 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स ने शुरुआती नींव रखी, पर पेशेवर सेवा नहीं बनाई। D गलत है क्योंकि लॉर्ड डलहौज़ी व्यपगत सिद्धांत, रेल और टेलीग्राफ के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: कॉर्नवालिस 1793 = सिविल सेवा, कॉर्नवालिस संहिता और स्थायी बंदोबस्त।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने __________ पर शासन किया।

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.केरल
  4. D.कश्मीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है D, कश्मीर। ललितादित्य मुक्तापीड आठवीं सदी में कश्मीर के कार्कोट वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था, जिसने लगभग 724 से 760 ईस्वी तक शासन किया। उसे अनंतनाग के पास मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाने के लिए याद किया जाता है, जिसके खंडहर आज भी खड़े हैं, और उसने परिहासपुर नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसके बारे में लगभग सारी जानकारी कल्हण की राजतरंगिणी से मिलती है, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखा कश्मीर के राजाओं का इतिहास है और जिसमें कन्नौज के यशोवर्मन के विरुद्ध उसके अभियान और दूर-दूर तक की विजयें दर्ज हैं। कार्कोट, मार्तंड और राजतरंगिणी, ये तीनों शब्द कश्मीर की ओर इशारा करते हैं, इसलिए इनमें से कोई एक भी याद हो तो प्रश्न हल हो जाता है। A, गुजरात, पर उस समय वल्लभी के मैत्रक और बाद में चालुक्य शासन कर रहे थे। B, सिक्किम, में ऐसा कोई राजा नहीं हुआ; वहाँ नामग्याल राजवंश 1642 में ही शुरू हुआ। C, केरल, चेरों के अधीन था और वहाँ कभी कार्कोट शासक नहीं रहा। परीक्षा टिप: ललितादित्य, कार्कोट, मार्तंड मंदिर, राजतरंगिणी, सबका मतलब कश्मीर।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

बाल विवाह निरोधक अधिनियम 1929 में पारित हुआ था। इस अधिनियम के अनुसार पुरुषों और महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु क्रमशः कितनी तय की गई थी?

  1. A.17 वर्ष और 15 वर्ष
  2. B.20 वर्ष और 18 वर्ष
  3. C.18 वर्ष और 14 वर्ष
  4. D.21 वर्ष और 18 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18 वर्ष और 14 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है C, 18 वर्ष और 14 वर्ष। 1929 के इस कानून ने पुरुषों और महिलाओं के विवाह की यही न्यूनतम आयु तय की थी। इसे शारदा अधिनियम भी कहते हैं, क्योंकि यह विधेयक हरबिलास शारदा ने केंद्रीय विधान सभा में रखा था। कानून 1929 में पारित हुआ और 1 अप्रैल 1930 से लागू हुआ, और यह सभी धर्मों के लोगों पर लागू था। NCERT की इतिहास की किताब इसे बाल विवाह के खिलाफ सुधारकों के लंबे अभियान का अहम पड़ाव मानती है। स्वतंत्र भारत ने 1978 में यह सीमा पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष कर दी, और बाद में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 ने पुराने कानून की जगह ली। A गलत है क्योंकि इस कानून ने 17 और 15 वर्ष की आयु तय नहीं की थी। B गलत है क्योंकि 20 और 18 वर्ष इस कानून की आयु कभी नहीं रही। D गलत है क्योंकि 21 और 18 वर्ष 1978 के संशोधन से आए, 1929 में नहीं। परीक्षा टिप: शारदा अधिनियम 1929 – लड़के 18, लड़कियाँ 14; 1978 का संशोधन – 21 और 18।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

दक्कन सल्तनत और उनके संबंधित क्षेत्र के निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था; बीजापुर आदिल शाही वंश का था। 1347 में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह द्वारा स्थापित बहमनी सल्तनत 15वीं सदी के अंत और 16वीं सदी की शुरुआत में पाँच दक्कन सल्तनतों में टूट गई: अहमदनगर, बीजापुर, गोलकुंडा, बीदर और बरार। इनमें से चार ने मिलकर 1565 के तालीकोटा युद्ध में विजयनगर को हराया, जबकि बरार इसमें शामिल नहीं था। हर वंश का नाम उसके संस्थापक की उपाधि पर है, इसलिए जोड़ियाँ याद रखना आसान है। विकल्प B सही सुमेलित है, क्योंकि बरीद शाही वंश ने बहमनी की अंतिम राजधानी बीदर पर राज किया। विकल्प C सही सुमेलित है, क्योंकि कुतुब शाही वंश गोलकुंडा का था, जो अपने किले और हीरों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D सही सुमेलित है, क्योंकि इमाद शाही वंश बरार का था, जिसे 1574 में अहमदनगर ने अपने में मिला लिया। परीक्षा टिप: निजाम शाही अहमदनगर, आदिल शाही बीजापुर, कुतुब शाही गोलकुंडा, बरीद शाही बीदर, इमाद शाही बरार।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (I) 2020, 2 Feb 2020आसान

31 दिसंबर, 1929 को निम्नलिखित में से किस कांग्रेस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी?

  1. A.अहमदाबाद
  2. B.कलकत्ता
  3. C.लाहौर
  4. D.लखनऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाहौर

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाहौर। जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन ने पूर्ण स्वराज यानी पूर्ण स्वतंत्रता का प्रस्ताव पारित किया। 31 दिसंबर 1929 की आधी रात को नेहरू ने रावी नदी के तट पर तिरंगा फहराया। इसके बाद कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में पूर्ण स्वराज दिवस मनाना तय किया, और इसी अधिवेशन ने कार्यसमिति को सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का अधिकार दिया, जो मार्च 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुआ। इसी कारण संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। A गलत है, 1921 का अहमदाबाद अधिवेशन असहयोग आंदोलन के दौरान हुआ, जिसमें हकीम अजमल खान कार्यवाहक अध्यक्ष थे। B गलत है, 1928 के कलकत्ता अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में अंग्रेजों को डोमिनियन स्टेटस मानने के लिए केवल एक साल दिया गया था। D गलत है, 1916 का लखनऊ अधिवेशन कांग्रेस-लीग समझौते और नरम-गरम दल के फिर से मिलने के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: लाहौर 1929, नेहरू, पूर्ण स्वराज; 26 जनवरी 1930, पहला स्वतंत्रता दिवस।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

सूफ़ी कृति कश्फ़-अल-महजूब का लेखक कौन था?

  1. A.अबुल हसन अल हुजविरी
  2. B.मोइनुद्दीन चिश्ती
  3. C.शेख निज़ामुद्दीन औलिया
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अबुल हसन अल हुजविरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अबुल हसन अल हुजविरी। उन्होंने 11वीं सदी में लाहौर में कश्फ़-अल-महजूब लिखी, जो सूफ़ीवाद पर फ़ारसी का सबसे पुराना ग्रंथ है। अल हुजविरी अफ़गानिस्तान के गज़नी से आकर लाहौर में बस गए थे। पुस्तक के नाम का अर्थ है "पर्दे में छिपे का अनावरण", और इसमें सूफ़ी विचार, साधना और पहले के संतों का जीवन आम पाठकों के लिए समझाया गया है। लाहौर में उनकी दरगाह दाता दरबार आज भी दक्षिण एशिया की सबसे व्यस्त दरगाहों में है और लोग उन्हें दाता गंज बख्श यानी "खज़ाने बाँटने वाला" कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं सदी के अंत में अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिला स्थापित किया, यह ग्रंथ उनका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया की बातें अमीर हसन सिज़्ज़ी ने फ़वाइद-उल-फ़ुआद में दर्ज कीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अमीर खुसरो कवि और संगीतज्ञ थे, जिनकी रचनाएँ ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह और तुगलकनामा हैं। परीक्षा टिप: कश्फ़-अल-महजूब लाहौर के हुजविरी की; फ़वाइद-उल-फ़ुआद में निज़ामुद्दीन औलिया की बातें।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 03 Dec 2023, S1मध्यम

हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को 8 और 9 सितंबर _____ को दिल्ली के फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के रूप में पुनर्गठित किया गया था।

  1. A.1927
  2. B.1930
  3. C.1929
  4. D.1928
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1928

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1928। 8 और 9 सितंबर 1928 को युवा क्रांतिकारी दिल्ली में फ़िरोज़ शाह कोटला के खंडहरों में गुप्त रूप से मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का नाम बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन कर दिया। चंद्रशेखर आज़ाद इसके सेनापति बने, और भगत सिंह, सुखदेव तथा भगवती चरण वोहरा इसके प्रमुख सदस्यों में थे। 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि अब यह दल केवल आज़ादी नहीं, बल्कि शोषण से मुक्त समाज भी चाहता था। HRA की स्थापना 1924 में कानपुर में शचींद्रनाथ सान्याल और साथियों ने की थी, और 1925 का काकोरी ट्रेन कांड इसी संगठन ने किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1927 में काकोरी मामले में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खान और अन्य को फाँसी दी गई थी। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1930 में चटगाँव शस्त्रागार पर धावा हुआ था, HSRA का गठन नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1929 में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा में बम फेंके थे। परीक्षा टिप: HRA 1924 में कानपुर, HSRA 1928 में फ़िरोज़ शाह कोटला, दिल्ली।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024आसान

गेहूँ और जौ जैसी फसलें उगाने के सबसे पुराने साक्ष्य निम्नलिखित में से किस स्थान पर मिलते हैं? सही विकल्प चुनिए।

  1. A.नीलगिरि की पहाड़ियाँ
  2. B.गारो की पहाड़ियाँ
  3. C.मालाबार की पहाड़ियाँ
  4. D.सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ। उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में, आज के पाकिस्तान में स्थित ये पहाड़ियाँ उन जगहों में हैं जहाँ लोगों ने सबसे पहले गेहूँ और जौ उगाना शुरू किया। NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की किताब बताती है कि यह लगभग 8000 साल पहले हुआ, जब यहाँ के लोगों ने भेड़, बकरी और गाय-बैल पालना और गाँवों में बसना भी शुरू किया। इसी क्षेत्र में बोलन दर्रे के पास उपजाऊ मैदान में बसा मेहरगढ़ हमें ज्ञात सबसे पुराने खेतिहर गाँवों में से एक है। A गलत है क्योंकि सुदूर दक्षिण की नीलगिरि पहाड़ियाँ गेहूँ-जौ की पहली खेती से नहीं जुड़ी हैं। B गलत है क्योंकि उत्तर-पूर्व की गारो पहाड़ियों को खेती के विकास वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, पर गेहूँ और जौ के सबसे पुराने साक्ष्य वहाँ के नहीं हैं। C गलत है क्योंकि दक्षिण-पश्चिमी तट का मालाबार क्षेत्र गेहूँ-जौ की खेती का आरंभ-स्थल नहीं है। परीक्षा टिप: पहला गेहूँ-जौ – सुलेमान और किरथर पहाड़ियाँ; सबसे पुराना खेतिहर गाँव – बोलन दर्रे के पास मेहरगढ़।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022कठिन

भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. डचों ने पूर्वी तट पर अपने कारखाने/गोदाम गजपति शासकों द्वारा दी गई भूमि पर स्थापित किए।

2. अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने गोवा को बीजापुर सल्तनत से छीना।

3. अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास में कारखाना विजयनगर साम्राज्य के एक प्रतिनिधि से पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। गोवा बीजापुर से छीना गया और मद्रास की जमीन विजयनगर के एक नायक से मिली, लेकिन डचों को पूर्वी तट की जमीन गजपतियों से नहीं मिली थी। अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत से जीता, और यह पूर्व में पुर्तगाली शक्ति का केंद्र बना। 1639 में फ्रांसिस डे ने विजयनगर शासक के अधीन स्थानीय सरदार दामरला वेंकटाद्रि नायक से मद्रास की जगह ली, जहाँ फोर्ट सेंट जॉर्ज बना। कथन 1 गलत है, क्योंकि डचों ने मसूलीपट्टनम (1605) और पुलिकट (1610) जैसे कारखाने गोलकुंडा सल्तनत तथा विजयनगर और उसके नायकों से मिले अनुदान पर बनाए, जब ओडिशा में गजपति सत्ता बहुत पहले खत्म हो चुकी थी। इसलिए कथन 1 वाले विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा टिप: गोवा 1510 बीजापुर से, मद्रास 1639 विजयनगर के नायक से, डच मसूलीपट्टनम और पुलिकट में।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 4 Oct 2023, Shift 2आसान

हड़प्पा सभ्यता का मोहनजोदड़ो स्थल किस नदी के किनारे स्थित है?

  1. A.झेलम नदी
  2. B.सिंधु नदी
  3. C.घाघरा नदी
  4. D.ब्यास नदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सिंधु नदी

व्याख्या

सही उत्तर है B, सिंधु नदी। मोहनजोदड़ो सिंध (अब पाकिस्तान) के लरकाना ज़िले में सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर है। इसकी खुदाई 1922 में आर. डी. बनर्जी ने की थी, और इसके नाम का अर्थ है 'मृतकों का टीला'। यह सभ्यता का सबसे बड़ा नियोजित नगर था, और परीक्षा में इसकी खोजें पूछी जाती हैं: विशाल स्नानागार, अन्नागार, काँसे की नर्तकी, दाढ़ी वाला पुरोहित-राजा और पशुपति मुहर। साथी स्थल भी याद रखें: 1921 में दयाराम साहनी द्वारा खोजा गया पहला नगर हड़प्पा रावी नदी पर है। A गलत है क्योंकि झेलम कश्मीर और पंजाब से बहती है और सिंध से बहुत उत्तर में सिंधु तंत्र से मिलती है। C गलत है क्योंकि घाघरा उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा की हिमालयी सहायक नदी है, हड़प्पा क्षेत्र से बहुत पूर्व में। D गलत है क्योंकि ब्यास पंजाब में सतलुज की सहायक नदी है, मोहनजोदड़ो की नदी नहीं। परीक्षा टिप: मोहनजोदड़ो-सिंधु, हड़प्पा-रावी, लोथल-भोगवा, कालीबंगा-घग्गर, रोपड़-सतलुज।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 1मध्यम

1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने बल्लभगढ़ रियासत को अपने राज्य में मिला लिया था। इसके अंतिम शासक कौन थे?

  1. A.नाहर सिंह
  2. B.बलराम सिंह
  3. C.अजीत सिंह
  4. D.गोपाल सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाहर सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, नाहर सिंह। राजा नाहर सिंह बल्लभगढ़ के अंतिम शासक थे, जो आज के हरियाणा के फरीदाबाद ज़िले में, दिल्ली के ठीक दक्षिण में स्थित एक छोटी जाट रियासत थी। 1857 के विद्रोह में उन्होंने विद्रोहियों और मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र का साथ दिया। दिल्ली पर अंग्रेजों का दोबारा कब्ज़ा होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाया गया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चाँदनी चौक में फाँसी दे दी गई; इसके बाद उनकी रियासत अंग्रेजी राज में मिला ली गई। फरीदाबाद आज भी उन्हें याद करता है, क्योंकि वहाँ का क्रिकेट स्टेडियम और बल्लभगढ़ का दिल्ली मेट्रो स्टेशन उनके नाम पर हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बलराम सिंह, जिन्हें बल्लू भी कहा जाता है, 18वीं सदी में बल्लभगढ़ रियासत के संस्थापक थे, यानी 1857 से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजीत सिंह विद्रोह के समय बल्लभगढ़ के शासक नहीं थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि गोपाल सिंह भी इसके अंतिम शासक नहीं थे; 1857 में गद्दी पर नाहर सिंह थे। परीक्षा टिप: हरियाणा में 1857 के नायकों में रेवाड़ी के राव तुलाराम, बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह और झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान शामिल हैं।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021आसान

मुगल प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मनसबदारी व्यवस्था की विशेषताओं से जुड़ा है?

  1. A.ज़ात, सवार
  2. B.बरकत, फ़ना
  3. C.नामूस, दीन
  4. D.पेशकश, नज़्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ज़ात, सवार

व्याख्या

सही उत्तर है A, ज़ात, सवार। मुगल काल में हर मनसब दो संख्याओं से बताया जाता था, ज़ात और सवार। अकबर ने 1570 के दशक में मनसबदारी व्यवस्था को व्यवस्थित किया, ताकि हर अमीर और अधिकारी, चाहे वह सैनिक हो या नागरिक, एक ही श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर अपनी जगह पाए। ज़ात से मनसबदार का दर्जा और उसका निजी वेतन तय होता था, जबकि सवार से यह तय होता था कि उसे बादशाह के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। मनसबदारों को आमतौर पर जागीर के रूप में वेतन मिलता था, यानी किसी इलाके से लगान वसूलने का अधिकार, ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, और बादशाह उनका तबादला कभी भी कर सकता था। यह पद वंशानुगत नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि बरकत (आशीर्वाद) और फ़ना (ईश्वर में स्वयं का विलय) सूफ़ी विचार के शब्द हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि नामूस और दीन इज़्ज़त और धर्म के लिए प्रयुक्त शब्द हैं, कोई पद नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पेशकश और नज़्र शासक या बड़े अधिकारी को दिए जाने वाले नज़राने और भेंट थे। परीक्षा टिप: ज़ात यानी निजी पद और वेतन; सवार यानी घुड़सवारों की संख्या; दोनों मिलकर एक मनसब बनाते हैं।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 27 Jun 2024, Shift 3मध्यम

ब्रिटिश भारत के निम्नलिखित में से कौन-से गवर्नर जनरल स्वतंत्र प्रेस के पक्ष में थे और उन्होंने 1823 के प्रेस विनियमों को रद्द किया?

  1. A.लॉर्ड लिटन
  2. B.लॉर्ड मेटकाफ
  3. C.लॉर्ड रिपन
  4. D.लॉर्ड एलनबरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड मेटकाफ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड मेटकाफ। कार्यवाहक गवर्नर जनरल सर चार्ल्स मेटकाफ ने 1835 के प्रेस अधिनियम से 1823 के लाइसेंस विनियम रद्द किए, इसलिए उन्हें 'भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता' कहा जाता है। 1823 के विनियम कार्यवाहक गवर्नर जनरल जॉन एडम ने लगाए थे, जिनके तहत हर छापेखाने को सरकारी लाइसेंस लेना पड़ता था, जिसे कभी भी वापस लिया जा सकता था। मेटकाफ ने इसकी जगह सरल नियम रखा: मुद्रक या प्रकाशक को केवल छापेखाने का पता घोषित करना होता था। A गलत है क्योंकि लॉर्ड लिटन ने उलटा काम किया; उन्होंने 1878 का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पास किया, जिसे 'मुँह बंद करने वाला कानून' कहा गया। C गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन ने 1882 में लिटन का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट रद्द किया, 1823 के विनियम नहीं। D गलत है क्योंकि 1842 से 1844 तक गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड एलनबरो सिंध के विलय के लिए जाने जाते हैं, प्रेस की आज़ादी के लिए नहीं। परीक्षा टिप: एडम 1823 ने रोका, मेटकाफ 1835 ने खोला, लिटन 1878 ने फिर रोका, रिपन 1882 ने फिर खोला।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 20 Aug 2023मध्यम

'निम्न' जातियों की दयनीय स्थिति पर 1873 में लिखी ज्योतिराव फुले की पुस्तक किसे समर्पित थी?

  1. A.भारत के उपनिवेश-विरोधी आंदोलन के राष्ट्रवादियों को
  2. B.भक्ति गायकों को
  3. C.अमेरिकी गृहयुद्ध के दास-प्रथा विरोधी कार्यकर्ताओं को
  4. D.ब्रह्म समाज के सुधारकों को
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमेरिकी गृहयुद्ध के दास-प्रथा विरोधी कार्यकर्ताओं को

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमेरिकी गृहयुद्ध के दास-प्रथा विरोधी कार्यकर्ताओं को। फुले भारत की 'निम्न' जातियों की हालत को एक तरह की गुलामी मानते थे, इसलिए उन्होंने अपनी किताब उन अमेरिकियों को समर्पित की जिन्होंने दासों को आज़ाद कराने के लिए संघर्ष किया था। यह किताब 'गुलामगिरी' है, जिसका अर्थ है गुलामी, और यह 1873 में छपी। इससे आठ साल पहले, 1865 में, अमेरिकी गृहयुद्ध खत्म हुआ था और संयुक्त राज्य अमेरिका में दास प्रथा समाप्त हुई थी। इस समर्पण से फुले ने अमेरिका में नस्ली गुलामी के खिलाफ संघर्ष को भारत में जाति के खिलाफ संघर्ष से जोड़ा। उसी वर्ष, 1873 में, उन्होंने जातिगत समानता के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की। A गलत है क्योंकि किताब भारत के उपनिवेश-विरोधी राष्ट्रवादियों को समर्पित नहीं थी। B गलत है क्योंकि भक्ति संत पहले के युग के कवि थे, इस किताब में फुले ने उन्हें सम्मान नहीं दिया। D गलत है क्योंकि बंगाल के ब्रह्म समाज सुधारक इस समर्पण में नहीं थे। परीक्षा टिप: गुलामगिरी (1873) और सत्यशोधक समाज (1873), दोनों ज्योतिराव फुले के।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

1940 में विनोबा भावे ने व्यक्तिगत सत्याग्रह कहाँ से शुरू किया था?

  1. A.पुन्नप्रा-वायलार, केरल
  2. B.खेड़ा जिले का नडियाद, गुजरात
  3. C.पवनार, महाराष्ट्र
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पवनार, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, पवनार, महाराष्ट्र। विनोबा भावे वर्धा के पास पवनार में अपने आश्रम में रहते थे और 17 अक्टूबर 1940 को वहीं से व्यक्तिगत सत्याग्रह शुरू किया। 1940 का अगस्त प्रस्ताव ठुकराने के बाद गांधीजी ने यह सीमित आंदोलन चलाया, ताकि दिखाया जा सके कि भारत को उसकी मर्ज़ी के बिना दूसरे विश्व युद्ध में नहीं घसीटा जा सकता। इसमें केवल चुने हुए लोग युद्ध-विरोधी भाषण देकर गिरफ्तारी देते थे, ताकि जन आंदोलन से युद्ध के प्रयास में बाधा न पड़े। गांधीजी ने पहले सत्याग्रही के रूप में विनोबा भावे और दूसरे के रूप में जवाहरलाल नेहरू को चुना। विकल्प A गलत है, क्योंकि त्रावणकोर के पुन्नप्रा-वायलार में 1946 में कम्युनिस्टों के नेतृत्व में विद्रोह हुआ था। विकल्प B गलत है, क्योंकि खेड़ा का नडियाद 1918 के खेड़ा सत्याग्रह से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत सत्याग्रह एक ही जगह, पवनार से शुरू हुआ। परीक्षा टिप: अगस्त प्रस्ताव 1940, फिर पवनार से व्यक्तिगत सत्याग्रह; पहले विनोबा, दूसरे नेहरू।

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