मांग की कीमत लोच शून्य होने (जीरो प्राइस इलास्टिसिटी ऑफ डिमांड) का तात्पर्य है
- A.कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता
- B.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
- C.कीमत में एक छोटे परिवर्तन पर, मांग में एक विशाल परिवर्तन होता है
- D.कीमत में एक बड़े परिवर्तन पर, मांग में एक छोटा परिवर्तन होता है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, कीमत में जो कुछ भी परिवर्तन हो, मांग में बिलकुल परिवर्तन नहीं होता। लोच बताती है कि कीमत बदलने पर मांग की मात्रा कितनी बदलती है, और शून्य लोच का अर्थ है कोई प्रतिक्रिया नहीं। मांग की कीमत लोच, मांग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकलती है। जब यह शून्य हो, तो मांग पूर्णतः बेलोचदार होती है और मांग वक्र एक खड़ी सीधी रेखा होता है। इंसुलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएँ इसके सबसे करीब हैं, क्योंकि मरीज़ कीमत कुछ भी हो, उतनी ही खुराक खरीदता है। दूसरे छोर पर पूर्णतः लोचदार मांग, जिसकी लोच अनंत होती है, क्षैतिज मांग वक्र देती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मांग में कितना भी छोटा परिवर्तन हो, लोच शून्य से अधिक हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि छोटे कीमत परिवर्तन पर बड़ी प्रतिक्रिया लोचदार मांग है, जिसकी लोच एक से अधिक होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बड़े कीमत परिवर्तन पर छोटी प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत बेलोचदार मांग है, जिसकी लोच शून्य और एक के बीच होती है। परीक्षा टिप: शून्य लोच का वक्र खड़ा, अनंत लोच का वक्र क्षैतिज।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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