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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 65

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 65) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: अयस्क, धातुकर्म और मिश्रधातुएं, औद्योगिक रसायन: कांच, सीमेंट, उर्वरक और विस्फोटक, ईंधन और दहन और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानकठिन

मंडल परिष्करण अत्यंत उच्च शुद्धता की धातुएं प्राप्त करने के लिए प्रयुक्त होता है और किस सिद्धांत पर निर्भर है?

  1. A.धातु का क्वथनांक उसकी अशुद्धियों से कम होता है
  2. B.अशुद्धियां ठोस धातु की अपेक्षा पिघली धातु में अधिक घुलनशील होती हैं
  3. C.अशुद्धि वाष्पशील कार्बोनिल बनाती है
  4. D.अशुद्धि ऑक्सीकृत होकर सरंध्र कपेल में सोख ली जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अशुद्धियां ठोस धातु की अपेक्षा पिघली धातु में अधिक घुलनशील होती हैं

व्याख्या

सही उत्तर B है। मंडल परिष्करण इस तथ्य पर आधारित है कि अशुद्धियां उसी धातु के ठोस रूप की अपेक्षा पिघले रूप में अधिक घुलनशील होती हैं। चल तापक से एक संकरा पिघला मंडल बनाया जाता है और छड़ के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाता है, जिससे अशुद्धियां पिघले भाग के साथ चलकर एक सिरे पर संचित हो जाती हैं, और वह सिरा काट दिया जाता है; यही विधि अर्धचालकों में प्रयुक्त अत्यंत शुद्ध सिलिकॉन, जर्मेनियम और गैलियम देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कम क्वथनांक आसवन द्वारा परिष्करण का आधार है, जो जस्ता, पारा और कैडमियम के लिए प्रयुक्त होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वाष्पशील कार्बोनिल बनना निकल के मॉण्ड प्रक्रम का आधार है, जिसमें निकल कार्बोनिल अधिक ताप पर वियोजित हो जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सरंध्र कपेल में ऑक्सीकरण कपेलन का वर्णन है, जो चांदी को सीसे से अलग करने में प्रयुक्त होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 04 Oct 2017, Shift 2आसान

सीमेंट, रोड़ी, मोटी बालू और पानी के मिश्रण को _______ कहा जाता है।

  1. A.मोर्टार
  2. B.कंक्रीट
  3. C.स्लरी
  4. D.मॉडरेटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कंक्रीट

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंक्रीट। कंक्रीट वह निर्माण सामग्री है जो सीमेंट के साथ रोड़ी जैसे मोटे गिट्टी पदार्थ, बालू जैसे महीन पदार्थ और पानी मिलाकर बनाई जाती है।

सीमेंट और पानी के बीच जलयोजन नामक अभिक्रिया होती है, जिससे मिश्रण जमकर कठोर हो जाता है और गिट्टी को बाँध लेता है। साधारण काम के लिए एक भाग सीमेंट, दो भाग बालू और चार भाग रोड़ी का अनुपात आम है, जिसे 1:2:4 लिखा जाता है। कंक्रीट संपीडन में मजबूत पर तनाव में कमजोर होती है, इसलिए इसमें लोहे की छड़ें डालकर प्रबलित सीमेंट कंक्रीट बनाई जाती है, जिससे आज की इमारतें, पुल और बाँध बनते हैं।

विकल्प A, मोर्टार, में केवल सीमेंट या चूना, बालू और पानी होता है, रोड़ी नहीं, और इससे ईंटें जोड़ी जाती हैं। विकल्प C, स्लरी, किसी ठोस का पतला बहने वाला मिश्रण है। विकल्प D, मॉडरेटर, नाभिकीय रिएक्टर में न्यूट्रॉन की गति धीमी करने वाला पदार्थ है।

परीक्षा सुझाव: मोर्टार में रोड़ी नहीं, कंक्रीट में रोड़ी, और लोहे की छड़ मिलाने पर आरसीसी।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से किस ईंधन का कैलोरी मान सर्वाधिक है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.द्रवित पेट्रोलियम गैस
  3. C.पेट्रोल
  4. D.कोयला
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हाइड्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर A, हाइड्रोजन है। इसका कैलोरी मान लगभग 150 किलोजूल प्रति ग्राम है, जो किसी भी ज्ञात ईंधन से अधिक और पेट्रोल का लगभग तीन गुना है, और इसके दहन का एकमात्र उत्पाद जलवाष्प है, जिससे यह स्वच्छ ईंधन भी बनता है। इसी कारण हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन कहा जाता है, यद्यपि उसका उत्पादन महंगा है और भंडारण तथा परिवहन कठिन है, क्योंकि वह बहुत हल्की गैस है जिसे अत्यधिक दबाव या बहुत कम ताप पर रखना पड़ता है। B गलत है क्योंकि द्रवित पेट्रोलियम गैस, जो ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, लगभग 55 किलोजूल प्रति ग्राम देती है। C गलत है क्योंकि पेट्रोल लगभग 45 किलोजूल प्रति ग्राम देता है, जो केरोसिन तथा डीजल के समान श्रेणी है। D गलत है क्योंकि कोयला श्रेणी के अनुसार केवल 25 से 33 किलोजूल प्रति ग्राम देता है और राख तथा धुआं भी छोड़ता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 12 April 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन फूल का भाग नहीं है?

  1. A.पर्णवृंत
  2. B.स्त्रीकेसर
  3. C.पुंकेसर
  4. D.बाह्यदल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्णवृंत

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्णवृंत। पर्णवृंत यानी पेटिओल वह डंठल है जो पत्ती के फलक को तने से जोड़ता है; यह पत्ती का भाग है, फूल का नहीं, और जिस पत्ती में यह न हो उसे अवृंत कहा जाता है। एक प्रारूपिक फूल पुष्पासन पर टिके चार चक्रों से बनता है। सबसे बाहर बाह्यदलपुंज होता है, जो बाह्यदलों से बना है और कली की रक्षा करता है। उसके भीतर दलपुंज होता है, जिसकी पंखुड़ियाँ परागणकों को आकर्षित करती हैं। इसके बाद पुमंग यानी नर चक्र आता है, जिसकी इकाई पुंकेसर है और हर पुंकेसर में तंतु पर परागकोश लगा रहता है। केंद्र में जायांग यानी मादा चक्र होता है, जिसकी इकाई स्त्रीकेसर है और वह वर्तिकाग्र, वर्तिका तथा अंडाशय से बनी होती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्त्रीकेसर फूल का मादा भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुंकेसर उसका नर भाग है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाह्यदल मिलकर फूल का सबसे बाहरी चक्र बाह्यदलपुंज बनाते हैं। परीक्षा टिप: फूल के चार चक्र हैं बाह्यदलपुंज, दलपुंज, पुमंग और जायांग; पर्णवृंत पत्ती का भाग है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

पीतल किन दो धातुओं की मिश्रधातु है?

  1. A.तांबा और टिन
  2. B.तांबा और जस्ता
  3. C.तांबा और निकल
  4. D.तांबा और एल्युमिनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तांबा और जस्ता

व्याख्या

सही उत्तर B, तांबा और जस्ता है। पीतल तांबे को जस्ते के साथ मिलाकर बनाया जाता है, जिससे तांबे से कठोर, ढालने तथा मशीनन में सरल और साधारण संक्षारण से बची रहने वाली धातु मिलती है, इसलिए वह बर्तनों, नलों, फिटिंग तथा वाद्य यंत्रों के ढांचे में प्रयुक्त होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि तांबा और टिन कांसा बनाते हैं, जो मूर्तियों, सिक्कों और पदकों की मिश्रधातु है; बेल मेटल वही युग्म है जिसमें टिन का अनुपात अधिक होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबा और निकल कॉन्स्टैन्टन बनाते हैं, जो प्रतिरोध तार तथा तापयुग्म में प्रयुक्त होता है, और तांबा, जस्ता तथा निकल तीनों मिलकर जर्मन सिल्वर बनाते हैं, जिसमें नाम के विपरीत चांदी नहीं होती। विकल्प D गलत है क्योंकि तांबा एल्युमिनियम मिश्रधातु ड्यूरालुमिन का एक संघटक है, किंतु ड्यूरालुमिन वायुयानों में प्रयुक्त एल्युमिनियम मिश्रधातु है और उसे पीतल नहीं कहा जाता।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019 (ME, CBT 2 Paper 1)मध्यम

कूलॉम घर्षण किनके बीच का घर्षण होता है?

  1. A.दो शुष्क सतहों
  2. B.दो स्नेहित सतहों
  3. C.सापेक्ष गति वाले पिंडों
  4. D.ठोस और द्रव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दो शुष्क सतहों

व्याख्या

सही उत्तर है A, दो शुष्क सतहों। कूलॉम घर्षण, जिसे शुष्क घर्षण भी कहा जाता है, वह प्रतिरोध है जो दो ठोस सतहों के बीच तब लगता है जब उनके बीच कोई स्नेहक न हो। चार्ल्स-ऑगस्टिन द कूलॉम ने इसके नियम दिए थे: घर्षण बल अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती होता है, वह स्पर्श के आभासी क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता, और सरकने की चाल से लगभग स्वतंत्र रहता है। शुष्क घर्षण में दोनों प्रकार आते हैं, वह स्थैतिक घर्षण जिसे गति शुरू करने से पहले पार करना पड़ता है, और वह गतिज घर्षण जो सरकना शुरू होने के बाद लगता है; इनमें सीमांत स्थैतिक मान बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि स्नेहित सतहों के बीच लगने वाले घर्षण को तरल या फिल्म घर्षण कहते हैं और वह श्यानता के नियमों से चलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सापेक्ष गति से केवल गतिज घर्षण का बोध होता है, जो कूलॉम घर्षण का एक अंश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ठोस और द्रव के बीच का प्रतिरोध श्यान कर्षण कहलाता है। परीक्षा टिप: कूलॉम घर्षण का अर्थ है शुष्क घर्षण, जो अभिलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती और स्पर्श क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

घरेलू रसोई ईंधन के रूप में प्रयुक्त द्रवित पेट्रोलियम गैस मुख्यतः किन गैसों से बनी होती है?

  1. A.मेथेन और एथेन
  2. B.ब्यूटेन और प्रोपेन
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन
  4. D.एथिलीन और एसिटिलीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्यूटेन और प्रोपेन

व्याख्या

सही उत्तर B, ब्यूटेन और प्रोपेन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस पेट्रोलियम के परिष्करण तथा प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण से प्राप्त होती है और मुख्यतः ब्यूटेन तथा प्रोपेन का मिश्रण है, जो साधारण ताप पर मध्यम दबाव से द्रवित हो जाते हैं और इसीलिए सिलेंडर में भरे जा सकते हैं। गैस में अपनी कोई गंध नहीं होती, इसलिए रिसाव की पहचान के लिए उसमें तीव्र गंध वाला एथिल मरकैप्टन मिलाया जाता है। A गलत है क्योंकि कुछ एथेन के साथ मेथेन प्राकृतिक गैस का संघटन है, जो संपीडित प्राकृतिक गैस या पाइपलाइन से दी जाती है, सिलेंडर गैस का नहीं। C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड तथा हाइड्रोजन का मिश्रण जल गैस है, जो औद्योगिक ईंधन है। D गलत है क्योंकि एथिलीन तथा एसिटिलीन औद्योगिक गैसें हैं, और एसिटिलीन अपनी अत्यंत गर्म ज्वाला के कारण ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग में प्रयोग होती है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 3 March 2023आसान

वर्ष 1787 में किस नियम का अध्ययन किया गया, जिसमें कहा गया कि गैस का आयतन उसके परम ताप के बढ़ने पर बढ़ता है और परम ताप घटने पर उसका आयतन घट जाता है?

  1. A.बॉयल का नियम
  2. B.डाल्टन का नियम
  3. C.आवोगाद्रो का नियम
  4. D.चार्ल्स का नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चार्ल्स का नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार्ल्स का नियम। चार्ल्स का नियम कहता है कि स्थिर दाब पर किसी निश्चित द्रव्यमान की गैस का आयतन उसके परम ताप के अनुक्रमानुपाती होता है, अर्थात V बटा T स्थिर रहता है। जैक्स चार्ल्स ने 1787 में इसका अध्ययन किया और जोसेफ गे-लुसाक ने 1802 में इसका संख्यात्मक रूप प्रकाशित किया। अनुपात रूप में यह V1 बटा T1 बराबर V2 बटा T2 देता है, जिसमें ताप सदा केल्विन में लिया जाता है। आयतन-ताप ग्राफ को पीछे शून्य आयतन तक बढ़ाने पर परम शून्य मिलता है, अर्थात ऋण 273.15 डिग्री सेल्सियस, और इसी से केल्विन मापक्रम तय हुआ। A गलत है क्योंकि बॉयल का नियम स्थिर ताप पर दाब और आयतन को जोड़ता है, जिसमें PV स्थिर रहता है। B गलत है क्योंकि डाल्टन का आंशिक दाब नियम मिश्रण की गैसों के दाब जोड़ता है। C गलत है क्योंकि आवोगाद्रो का नियम गैसों के समान आयतन को अणुओं की समान संख्या से जोड़ता है। परीक्षा टिप: तीनों अलग रखें - बॉयल में P और V, चार्ल्स में V और T, गे-लुसाक में P और T।

Q9.सामान्य विज्ञानमध्यम

जर्मन सिल्वर तांबे, जस्ते और किस तीसरी धातु की मिश्रधातु है?

  1. A.चांदी
  2. B.निकल
  3. C.टिन
  4. D.सीसा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. निकल

व्याख्या

सही उत्तर B, निकल है। जर्मन सिल्वर तांबे, जस्ते और निकल की मिश्रधातु है, और इसका नाम उसके सफेद चांदी जैसे रूप से आया है, उसके संघटन से नहीं, क्योंकि उसमें चांदी बिल्कुल नहीं होती; वह मेज के बर्तनों, आभूषणों तथा विद्युत संपर्कों में प्रयुक्त होता है। विकल्प A ठीक इसी भ्रम के कारण गलत है: जो अभ्यर्थी नाम से अनुमान लगाएगा वह चांदी चुनेगा और अंक खो देगा। विकल्प C गलत है क्योंकि टिन तांबे के साथ कांसा देता है, और टिन तांबे तथा जस्ते के साथ मिलकर गन मेटल देता है, जो गियर तथा भाप फिटिंग में प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सीसा टिन के साथ सोल्डर देता है, और सीसा एंटिमनी तथा टिन के साथ छपाई का टाइप मेटल देता है। भ्रामक नामों की सूची स्वयं सीखने योग्य है: जर्मन सिल्वर में चांदी नहीं होती, और निकल सिल्वर तथा डच मेटल भी इसी प्रकार अपने रूप के कारण नामित हैं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

कोयले की किस किस्म में कार्बन का प्रतिशत सर्वाधिक होता है?

  1. A.पीट
  2. B.लिग्नाइट
  3. C.बिटुमिनस
  4. D.एंथ्रासाइट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एंथ्रासाइट

व्याख्या

सही उत्तर D, एंथ्रासाइट है। कोयला वनस्पति पदार्थ के धीमे दबाव तथा दफन से बनता है, और यह प्रक्रिया जितनी लंबी और गहरी चलती है उतनी ही नमी तथा वाष्पशील पदार्थ निकल जाते हैं और पीछे कार्बन बचता है। एंथ्रासाइट अंतिम और सबसे कठोर अवस्था है, जिसमें कार्बन सर्वाधिक और कैलोरी मान सबसे ऊंचा होता है, और जो छोटी नीली ज्वाला के साथ लगभग धुआं रहित जलता है, इसलिए यह सर्वोत्तम श्रेणी का कोयला है। A गलत है क्योंकि पीट पहली अवस्था है, जिसमें नमी बहुत अधिक और कार्बन सबसे कम होता है। B गलत है क्योंकि लिग्नाइट अर्थात भूरा कोयला अगली अवस्था है, जो मुलायम और अब भी नम है। C गलत है क्योंकि बिटुमिनस कोयला, जो सबसे आम है और धातुकर्म के लिए कोक बनाने में काम आता है, लिग्नाइट तथा एंथ्रासाइट के बीच आता है। बढ़ता क्रम याद रखें: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रासाइट।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 19 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

मानक ताप और दाब (STP) पर 5.6 लीटर O2 गैस में उपस्थित अणुओं की संख्या है:

  1. A.6.022 × 10²³
  2. B.1.5055 × 10²³
  3. C.2.24 × 10²³
  4. D.3.011 × 10²³
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1.5055 × 10²³

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1.5055 × 10²³। मानक ताप और दाब पर किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर आयतन घेरता है, इसलिए 5.6 लीटर का अर्थ है 5.6 बटा 22.4, यानी एक चौथाई मोल। एक मोल में 6.022 × 10²³ कण होते हैं, जिसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं, इसलिए ऑक्सीजन के एक चौथाई मोल में 6.022 × 10²³ बटा चार, अर्थात 1.5055 × 10²³ अणु होंगे। ध्यान रखें कि प्रश्न अणुओं की संख्या पूछता है; ऑक्सीजन द्विपरमाणुक है, इसलिए परमाणुओं की संख्या इससे दोगुनी होगी। विकल्प A गलत है क्योंकि 6.022 × 10²³ पूरे एक मोल यानी 22.4 लीटर के लिए है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2.24 × 10²³ मोलर आयतन 22.4 को कणों की संख्या के साथ मिला देने से आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 3.011 × 10²³ आधे मोल यानी 11.2 लीटर के लिए होगा। परीक्षा टिप: STP पर 22.4 लीटर बराबर एक मोल बराबर 6.022 × 10²³ अणु, इसलिए पहले आयतन को 22.4 से भाग दें।

Q13.सामान्य विज्ञानकठिन

विद्युत अपघटन द्वारा एल्युमिनियम के निष्कर्षण में एल्युमिना में क्रायोलाइट मुख्यतः किस कारण मिलाया जाता है?

  1. A.अपचायक का कार्य करने के लिए
  2. B.गलनांक घटाने तथा पिघले मिश्रण की चालकता बढ़ाने के लिए
  3. C.कार्बन एनोड का ऑक्सीकरण करने के लिए
  4. D.लोहे को धातुमल के रूप में हटाने के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गलनांक घटाने तथा पिघले मिश्रण की चालकता बढ़ाने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर B है। शुद्ध एल्युमिना अत्यंत उच्च ताप पर पिघलता है, इसलिए हॉल तथा हेरॉल्ट प्रक्रम में उसे पिघले क्रायोलाइट, अर्थात सोडियम हेक्साफ्लुओरोएल्युमिनेट में घोला जाता है, सामान्यतः कुछ फ्लोरस्पार के साथ, जो नांद का कार्यकारी ताप घटाता है और पिघले मिश्रण को विद्युत का बहुत अच्छा चालक बना देता है। इसके बाद कार्बन एनोड प्रयुक्त होते हैं और एल्युमिनियम कैथोड पर संचित होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि क्रायोलाइट अपचायक के रूप में कोई भाग नहीं लेता; यहां अपचयन विद्युतीय है, इसीलिए एल्युमिनियम लोहे की तरह कोक से प्रगलन द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्बन एनोड वास्तव में मुक्त ऑक्सीजन से धीरे-धीरे क्षय होता है, किंतु वह एक अवांछित दुष्प्रभाव है, क्रायोलाइट मिलाने का प्रयोजन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि लोहे तथा सिलिका की अशुद्धियां पहले ही हट जाती हैं, जब बॉक्साइट का गर्म सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बेयर निक्षालन होता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 1आसान

पत्ती की निचली सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्रों को ________ कहा जाता है।

  1. A.छिद्र
  2. B.द्वार
  3. C.पक्ष्माभ
  4. D.रंध्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंध्र। पत्ती की सतह पर पाए जाने वाले बहुत छोटे छिद्रों को, जो अधिकतर उसकी निचली सतह पर होते हैं, रंध्र कहा जाता है।

प्रत्येक रंध्र एक दरार होती है, जिसके दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो द्वार कोशिकाएँ होती हैं; ये फूलकर उसे खोलती हैं और सिकुड़कर बंद कर देती हैं। इन छिद्रों से पौधा प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, ऑक्सीजन छोड़ता है, और इन्हीं से वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प बाहर निकलती है। छायादार निचली सतह पर होने से जल की हानि कम होती है। कुमुदिनी जैसे तैरने वाले पौधों में रंध्र ऊपरी सतह पर होते हैं, और डूबे पौधों में ये लगभग नहीं होते।

A गलत है: 'छिद्र' केवल किसी भी सुराख का सामान्य शब्द है, वनस्पति विज्ञान का नाम नहीं। B गलत है: 'द्वार' भी एक साधारण वर्णन है, कोई नाम नहीं। C गलत है: पक्ष्माभ बाल जैसी छोटी रचनाएँ हैं, जो कुछ कोशिकाओं और जीवों को चलने में मदद करती हैं और पत्तियों पर नहीं होती हैं।

परीक्षा टिप: रंध्र पत्ती के वे छिद्र हैं जिन्हें द्वार कोशिकाएँ घेरती हैं, जो मुख्यतः निचली सतह पर होते हैं और गैसों के आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन का काम करते हैं।

Q15.सामान्य विज्ञानमध्यम

पेट्रोल या केरोसिन के जलने से लगी आग बुझाने के लिए जल का प्रयोग मुख्यतः क्यों नहीं किया जाता?

  1. A.जल तेल का ज्वलन ताप बढ़ा देता है
  2. B.तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है
  3. C.जल तेल से रासायनिक अभिक्रिया करके हाइड्रोजन देता है
  4. D.जल जलते तेल से कोई ऊष्मा नहीं सोख सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है

व्याख्या

सही उत्तर B, तेल जल पर तैरता है और आग और फैल जाती है है। पेट्रोल तथा केरोसिन जल से हल्के हैं और उसमें मिलते नहीं, इसलिए तेल की आग पर डाला गया जल जलती परत के नीचे चला जाता है और उसे बाहर की ओर फैला देता है, जिससे आग बुझने के बजाय बढ़ जाती है। ऐसी आग कार्बन डाइऑक्साइड, फोम या शुष्क रासायनिक चूर्ण से दबाई जाती है, जो ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देते हैं। A गलत है क्योंकि ज्वलन ताप पदार्थ का निश्चित गुण है और कोई अग्निशामक उसे बदल नहीं सकता; जल साधारण आग पर ईंधन का ताप उस निश्चित मान से नीचे लाकर काम करता है। C गलत है क्योंकि जल पेट्रोलियम ईंधनों से कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करता; ऐसा व्यवहार सोडियम जैसी धातुओं तथा जलते मैग्नीशियम का है। D गलत है क्योंकि जल बहुत ऊष्मा सोखता है, क्योंकि उसकी विशिष्ट ऊष्मा तथा वाष्पन की गुप्त ऊष्मा अधिक है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 5 (Civil Engineering) 2012मध्यम

निम्नलिखित में से सही कथन चुनें: 1. हुक का नियम समानुपातिकता सीमा तक मान्य है। 2. हुक का नियम प्रत्यास्थता सीमा तक मान्य है। 3. समानुपातिकता सीमा सदैव प्रत्यास्थता सीमा से कम होती है। 4. समानुपातिकता सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है। सही उत्तर है

  1. A.1 और 4
  2. B.2 और 4
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1 और 4। हुक का नियम केवल समानुपातिकता सीमा तक लागू होता है, और यह सीमा प्रत्यास्थता सीमा के बराबर या उससे कम होती है, इसलिए कथन 1 और 4 ही सही जोड़ी बनाते हैं। हुक के नियम के अनुसार प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है, और यही प्रतिबल-विकृति ग्राफ का सीधा भाग है; जहाँ वक्र सीधी रेखा छोड़ देता है, वही बिंदु समानुपातिकता सीमा है। उससे कुछ आगे तक भी पदार्थ बल हटाने पर अपने मूल रूप में लौट आता है, और जहाँ तक ऐसा होता है वह अंतिम बिंदु प्रत्यास्थता सीमा कहलाता है। अधिकांश धातुओं में ये दोनों बिंदु बहुत पास होते हैं और आदर्श पदार्थ में एक ही हो जाते हैं। B गलत है क्योंकि कथन 2 नियम को ग्राफ के सीधे भाग से आगे तक खींच देता है, जहाँ समानुपात नहीं रहता। C और D गलत हैं क्योंकि कथन 3 सदैव कम कहता है, जबकि दोनों सीमाएँ बराबर भी हो सकती हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - समानुपातिकता सीमा, प्रत्यास्थता सीमा, पराभव बिंदु, परम प्रतिबल।

Q17.सामान्य विज्ञानआसान

जंग रोकने के लिए लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाने की प्रक्रिया कहलाती है

  1. A.कलई करना
  2. B.जस्तीकरण
  3. C.एनोडीकरण
  4. D.क्रोमियम की विद्युत लेपन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जस्तीकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, जस्तीकरण है। जस्तीकरण लोहे या इस्पात पर जस्ते की परत चढ़ाना है, जो सामान्यतः उसे पिघले जस्ते में डुबोकर किया जाता है। जस्ता लोहे से अधिक क्रियाशील है, इसलिए परत खुरच जाने पर भी जस्ता नीचे के लोहे के स्थान पर स्वयं संक्षारित होता है, और इस व्यवहार को बलिदानी सुरक्षा कहते हैं, इसीलिए जस्तीकृत चादरें तथा पाइप खुले लोहे से कहीं अधिक चलते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कलई करना टिन की परत चढ़ाना है, जो खाद्य डिब्बों के भीतर प्रयुक्त होता है; टिन लोहे से कम क्रियाशील है, इसलिए टिन चढ़ी चादर में खरोंच वस्तुतः जंग लगने को तेज कर देती है। विकल्प C गलत है क्योंकि एनोडीकरण एल्युमिनियम पर प्राकृतिक ऑक्साइड परत को मोटा करना है, लोहे का उपचार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि क्रोमियम लेपन मुख्यतः रूप तथा कठोरता के लिए किया जाता है और लोहे को कोई बलिदानी सुरक्षा नहीं देता।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

बिजली से लगी आग के लिए कार्बन डाइऑक्साइड को उत्तम अग्निशामक क्यों माना जाता है?

  1. A.यह वायु से हल्की है और आग के ऊपर उठ जाती है
  2. B.यह ईंधन से अभिक्रिया करके अदहनशील ठोस बनाती है
  3. C.यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है
  4. D.यह जलते पदार्थ का ज्वलन ताप बढ़ा देती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है

व्याख्या

सही उत्तर C, यह वायु से भारी है, आग को ढक लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति काट देती है है। कार्बन डाइऑक्साइड वायु से लगभग डेढ़ गुना घनी है, इसलिए छोड़ने पर वह जलते पदार्थ पर चादर बना लेती है और उसे वायुमंडलीय ऑक्सीजन से अलग कर देती है, अर्थात अग्नि त्रिभुज की एक भुजा हटा देती है। वह विद्युत की कुचालक है और कोई अवशेष नहीं छोड़ती, इसलिए जल की तरह न उपकरण बिगाड़ती है और न प्रयोगकर्ता को झटका देती है। सिलेंडर से निकलते समय उसका अचानक प्रसार ईंधन को ठंडा भी करता है। A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड वायु से भारी है, हल्की नहीं; हल्की गैस उड़ जाती और बेकार होती। B गलत है क्योंकि यह साधारण ईंधनों से अभिक्रिया नहीं करती, बल्कि भौतिक रूप से ऑक्सीजन रोककर काम करती है। D गलत है क्योंकि ज्वलन ताप निश्चित गुण है।

Q19.सामान्य विज्ञानमध्यम

मॉण्ड प्रक्रम किस धातु के परिष्करण के लिए प्रयुक्त होता है?

  1. A.निकल
  2. B.टाइटेनियम
  3. C.तांबा
  4. D.जस्ता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. निकल

व्याख्या

सही उत्तर A, निकल है। मॉण्ड प्रक्रम में अशुद्ध निकल को कार्बन मोनोऑक्साइड की धारा में मध्यम ताप पर गर्म किया जाता है, जिससे वाष्पशील यौगिक निकल टेट्राकार्बोनिल बनता है; इस वाष्प को ठोस अशुद्धियों से दूर ले जाकर अधिक ताप पर गर्म किया जाता है, जिससे वह वियोजित होकर अत्यंत शुद्ध निकल जमा कर देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि टाइटेनियम का, ज़िरकोनियम के साथ, परिष्करण वान आर्केल प्रक्रम से होता है, जिसमें धातु वाष्पशील आयोडाइड बनाती है जो तप्त टंगस्टन तंतु पर वियोजित हो जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबे का परिष्करण विद्युत अपघटन से होता है, जिसमें अशुद्ध तांबा एनोड और शुद्ध तांबा कैथोड होता है, और पहले हरी लकड़ी से पोलिंग द्वारा होता था। विकल्प D गलत है क्योंकि जस्ते का परिष्करण आसवन से होता है, क्योंकि वह तुलनात्मक रूप से कम ताप पर उबलता है और अशुद्धियां नहीं।

Q20.सामान्य विज्ञानआसान

वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ लेता है, उसे क्या कहते हैं?

  1. A.क्वथनांक
  2. B.फ्लैश बिंदु
  3. C.ज्वलन ताप
  4. D.कैलोरी मान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ज्वलन ताप

व्याख्या

सही उत्तर C, ज्वलन ताप है। यह वह न्यूनतम ताप है जिस तक किसी दहनशील पदार्थ को गर्म करना आवश्यक है जिससे वह जलने लगे, और यह उस पदार्थ का निश्चित गुण है; जिन पदार्थों का ज्वलन ताप बहुत कम होता है, जैसे पेट्रोल, एल्कोहल तथा द्रवित पेट्रोलियम गैस, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहा जाता है और सावधानी से रखा जाता है। A गलत है क्योंकि क्वथनांक वह ताप है जिस पर द्रव किसी दिए गए दबाव पर वाष्प बनता है, और इसका आग पकड़ने से कोई संबंध नहीं। B, फ्लैश बिंदु, सबसे निकट का भ्रामक विकल्प है और संबंधित परंतु भिन्न धारणा है: यह वह न्यूनतम ताप है जिस पर द्रव ईंधन के ऊपर की वाष्प ज्वाला पास लाने पर क्षणिक लपट देती है, जबकि द्रव स्वयं जलता नहीं रहता। D गलत है क्योंकि कैलोरी मान ईंधन की इकाई मात्रा के जलने पर निकली ऊष्मा है, जो ऊर्जा का माप है, ताप का नहीं।

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