किसी अर्थव्यवस्था में राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा स्वतः स्थिरकारक (ऑटोमैटिक स्टेबिलाइजर) के रूप में कार्य करता है?
- A.वैयक्तिक आयकर
- B.बैंक का प्रतिवर्ती रेपो दर (रिवर्स रेपो रेट)
- C.खुला बाजार परिचालन
- D.बॉन्ड कीमत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, वैयक्तिक आयकर। प्रगतिशील आयकर आय बढ़ने पर ज़्यादा और आय घटने पर कम हिस्सा लेता है, इसके लिए सरकार को कोई नया फैसला नहीं करना पड़ता। ऐसे उपायों को स्वतः या अंतर्निहित स्थिरकारक कहते हैं, क्योंकि वे तेज़ी और मंदी दोनों को अपने-आप नरम करते हैं। तेज़ी में बढ़ती आय लोगों को ऊँचे कर स्लैब में ले जाती है, कर वसूली आय से तेज़ बढ़ती है और खर्च ठंडा पड़ता है। मंदी में वसूली आय से तेज़ घटती है और लोगों के हाथ में ज़्यादा पैसा बचता है। बेरोज़गारी भत्ता बजट के खर्च वाले पक्ष में यही काम करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि रिवर्स रेपो दर भारतीय रिज़र्व बैंक सोच-समझकर लिए गए नीतिगत फैसले से बदलता है, इसलिए यह विवेकाधीन मौद्रिक नीति है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुला बाज़ार परिचालन, यानी RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री, भी सोचा-समझा नीतिगत कदम है। विकल्प D गलत है, क्योंकि बॉन्ड की कीमत बाज़ार का परिणाम है, नीति का साधन नहीं। परीक्षा टिप: स्वतः स्थिरकारक को किसी फैसले की ज़रूरत नहीं; प्रगतिशील कर और बेरोज़गारी भत्ता इसके क्लासिक उदाहरण हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →