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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

खरीफ 2026-27 की इस खरीद मंजूरी में सबसे बड़ा हिस्सा किस राज्य को मिला है?

  1. A.कर्नाटक
  2. B.तेलंगाना
  3. C.उत्तर प्रदेश
  4. D.मध्य प्रदेश

सही उत्तर

C. उत्तर प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर उत्तर प्रदेश है। इस राज्य को 3,992.57 करोड़ रुपये मिले, जो तीनों राज्यों में सबसे बड़ा हिस्सा है। इसका लगभग पूरा भाग तुअर के लिए है, अर्थात 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर जिसका मूल्य 3,937.70 करोड़ रुपये है, और इसके साथ 6,250 मीट्रिक टन मूंग जिसका मूल्य 54.87 करोड़ रुपये है। विकल्प A, कर्नाटक, 1,107 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है और वहां सोयाबीन, मूंग तथा सूरजमुखी तीनों शामिल हैं, इसलिए वह मंजूरी में है पर सबसे बड़ा नहीं। विकल्प B, तेलंगाना, 448.42 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है। विकल्प D, मध्य प्रदेश, दलहन-तिलहन का बड़ा उत्पादक है इसलिए अनुमान लगाना स्वाभाविक है, लेकिन इस स्वीकृति में शामिल तीन राज्यों में उसका नाम नहीं है।

पूरा लेख पढ़ें: खरीफ 2026-27: 5,547.99 करोड़ रुपये की पीएसएस खरीद मंजूर

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Q1.सरकारी योजनाएंआसान

खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत कुल कितने मूल्य की खरीद मंजूर की गई है?

  1. A.3,992.57 करोड़ रुपये
  2. B.5,547.99 करोड़ रुपये
  3. C.6,547.99 करोड़ रुपये
  4. D.1,107 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5,547.99 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5,547.99 करोड़ रुपये है। यही पूरी राशि है जो उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में मिलाकर खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के दलहन और तिलहन को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए स्वीकृत की गई है। विकल्प A, 3,992.57 करोड़ रुपये, केवल उत्तर प्रदेश का हिस्सा है; यह तीनों राज्यों में सबसे बड़ा हिस्सा है, इसलिए भ्रम पैदा करता है, लेकिन यह कुल राशि नहीं है। विकल्प D, 1,107 करोड़ रुपये, केवल कर्नाटक का हिस्सा है, जिसमें सोयाबीन, मूंग और सूरजमुखी शामिल हैं। विकल्प C एक बड़ा आंकड़ा है, जिसका इस मंजूरी में कोई आधार नहीं है। तीनों राज्यों के हिस्से - 3,992.57 करोड़, 1,107 करोड़ और 448.42 करोड़ रुपये - जोड़ने पर स्वीकृत कुल राशि बनती है, इसलिए केवल विकल्प B पूरी मंजूरी बताता है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

इस मूल्य समर्थन योजना स्वीकृति में निम्नलिखित में से कौन-सी फसल शामिल नहीं है?

  1. A.तुअर (अरहर)
  2. B.सूरजमुखी
  3. C.धान
  4. D.सोयाबीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. धान

व्याख्या

सही उत्तर धान है। यह स्वीकृति केवल दलहन और तिलहन के लिए है, और धान एक अनाज है जिसकी खरीद केंद्रीय पूल की अलग व्यवस्था से होती है, मूल्य समर्थन योजना से नहीं। विकल्प A, तुअर या अरहर, इस मंजूरी की सबसे बड़ी मद है और उत्तर प्रदेश में इसी की खरीद होगी। विकल्प D, सोयाबीन, दो राज्यों में शामिल है, कर्नाटक और तेलंगाना दोनों में, और यह स्वीकृति का प्रमुख तिलहन है। विकल्प B, सूरजमुखी, केवल कर्नाटक में शामिल है और वहां की तीन मदों में सबसे छोटी है। मूंग चौथी फसल है, जो तीनों राज्यों में आती है। इस प्रकार सूची से बाहर केवल धान है, जो इस दलहन-तिलहन स्वीकृति का हिस्सा नहीं है। जो अभ्यर्थी यह याद रखता है कि यह योजना दलहन, तिलहन और नारियल गरी तक सीमित है, वह धान को तुरंत अलग कर सकता है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

एनआरआईडीए के अध्ययन ढांचे में निर्माण से पहले होने वाला बेसलाइन सर्वेक्षण कितने समय तक चलेगा?

  1. A.6 माह
  2. B.14 माह
  3. C.22 माह
  4. D.36 माह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 14 माह

व्याख्या

सही उत्तर 14 माह है। यह आकलन तीन चरणों में बना है। पहले चौदह माह का बेसलाइन यानी निर्माण-पूर्व सर्वेक्षण होगा, फिर लगभग बारह माह की परिवर्तन अवधि, और अंत में बाईस माह का एंडलाइन यानी निर्माण-पश्चात सर्वेक्षण। चूंकि हर चरण में उन्हीं परिवारों और उन्हीं सड़कों के पास लौटा जाएगा, इसलिए इस ढांचे को लॉन्गिट्यूडिनल कहा जाता है और यह अलग-अलग नमूनों की तुलना करने के बजाय समय के साथ आए बदलाव को दिखा सकता है। विकल्प A बताई गई बेसलाइन अवधि से कम है, इसलिए गलत है। विकल्प C निर्माण के बाद होने वाले एंडलाइन सर्वेक्षण की अवधि है, बेसलाइन की नहीं, इसलिए यह आम जाल है। विकल्प D किसी भी एक चरण से लंबा है और योजना से मेल नहीं खाता। पूरा अध्ययन चार वर्ष चलेगा।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

एनआरआईडीए ने पीएमजीएसवाई-IV और पीएम-जनमन सड़कों के चार वर्षीय प्रभाव आकलन के लिए किस संस्थान से एमओयू किया?

  1. A.आईआईएम अहमदाबाद
  2. B.आईआईएम कलकत्ता
  3. C.आईआईटी रुड़की
  4. D.राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईआईएम कलकत्ता

व्याख्या

सही उत्तर आईआईएम कलकत्ता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन काम करने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी ने भारतीय प्रबंध संस्थान कलकत्ता के साथ पीएमजीएसवाई-IV और पीएम-जनमन के तहत बनी सड़कों के चार वर्षीय लॉन्गिट्यूडिनल अध्ययन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने वाले थे एनआरआईडीए महानिदेशक अदिति सिंह और आईआईएम कलकत्ता के निदेशक आलोक कुमार राय, जबकि ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल उपस्थित रहे। विकल्प A यानी आईआईएम अहमदाबाद एक अलग प्रबंध संस्थान है और इस समझौते का पक्ष नहीं था, इसलिए गलत है। विकल्प C यानी आईआईटी रुड़की एक अभियांत्रिकी संस्थान है और यहां शामिल नहीं था। विकल्प D यानी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान इसी क्षेत्र में काम करता है, इसलिए भ्रम पैदा करता है, पर इस एमओयू में नामित साझेदार नहीं है।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

एनआरआईडीए का प्रभाव आकलन अध्ययन कितनी सड़कों को कवर करेगा?

  1. A.150
  2. B.200
  3. C.250
  4. D.500
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 250

व्याख्या

सही उत्तर 250 है। अध्ययन में इतनी ग्रामीण सड़कें शामिल होंगी, जो दस राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों, पचास जिलों और एक सौ पचास ब्लॉकों में फैली हैं। साथ ही आवागमन, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बदलाव दर्ज करने के लिए लगभग पांच हजार परिवारों का सर्वेक्षण होगा। विकल्प A सड़कों की नहीं, बल्कि ब्लॉकों की संख्या है, इसलिए यह आकर्षक भ्रम है पर गलत है। विकल्प B और विकल्प D गोल-मटोल आंकड़े हैं जो घोषित दायरे से मेल नहीं खाते, अतः दोनों गलत हैं। परीक्षार्थी चारों आंकड़ों को क्रम में याद रखें, पहले राज्य व केंद्र शासित प्रदेश, फिर जिले, फिर ब्लॉक और अंत में सड़कें, क्योंकि प्रश्नों में अक्सर इनमें से एक को दूसरे से बदल दिया जाता है। अध्ययन में शामिल राज्य आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम और उत्तराखंड हैं।