केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना 1964 में किस समिति की सिफारिश पर की गई थी?
- A.संथानम समिति
- B.कोठारी समिति
- C.बलवंत राय मेहता समिति
- D.अशोक मेहता समिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, संथानम समिति। के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति ने 1964 में रिपोर्ट दी और उसी वर्ष सरकारी संकल्प द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग को संघीय प्रशासन में सतर्कता की शीर्ष संस्था के रूप में बनाया गया। यह 2003 के केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम तक गैर-सांविधिक निकाय रहा; उस अधिनियम ने इसे सांविधिक दर्जा दिया, जिसमें एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त चार वर्ष या पैंसठ वर्ष की आयु तक पद पर रहते हैं। विकल्प B, कोठारी समिति, शिक्षा तथा सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली से जुड़ी है। विकल्प C, 1957 की बलवंत राय मेहता समिति, ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। विकल्प D, 1977 की अशोक मेहता समिति, ने द्विस्तरीय पंचायत ढांचे की सिफारिश की, अर्थात दोनों पंचायत से जुड़ी समितियां हैं।
पूरा लेख पढ़ें: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 और सुशासन कानून
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पूर्ण रूप से किस तारीख को लागू हुआ?
- A.15 जून 2005
- B.12 अक्टूबर 2005
- C.1 जनवरी 2006
- D.26 नवंबर 2005
उत्तर देखें
सूचना का अधिकार अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति 15 जून 2005 को मिली थी और इसकी धारा 1(3) में कहा गया था कि शेष प्रावधान अधिनियमन के एक सौ बीसवें दिन लागू होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी सूचना कितने समय में देनी होती है?
- A.48 घंटे
- B.7 दिन
- C.30 दिन
- D.35 दिन
उत्तर देखें
अधिनियम की धारा 7(1) दो समय-सीमाएं देती है। सामान्य सीमा आवेदन प्राप्ति से तीस दिन है, परंतु जहां मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी हो, वहां लोक सूचना अधिकारी को अड़तालीस घंटे के भीतर सूचना देनी होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी पर अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
- A.10,000 रुपये
- B.25,000 रुपये
- C.50,000 रुपये
- D.1,00,000 रुपये
उत्तर देखें
धारा 20(1) कहती है कि यदि सूचना आयोग पाता है कि लोक सूचना अधिकारी ने बिना उचित कारण आवेदन अस्वीकार किया, निर्धारित समय में सूचना नहीं दी, गलत या भ्रामक सूचना दी अथवा सूचना नष्ट कर दी, तो वह विलंब के प्रत्येक दिन के लिए दो सौ पचास रुपये का…
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की कौन सी धारा इसे शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 पर अध्यारोही प्रभाव देती है?
- A.धारा 8
- B.धारा 18
- C.धारा 22
- D.धारा 24
उत्तर देखें
धारा 22 कहती है कि इस अधिनियम के प्रावधान शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923, किसी अन्य प्रवृत्त विधि अथवा किसी अन्य विधि के अधीन प्रभावी किसी लिखत में असंगत बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत द्वितीय अपील सूचना आयोग को कितने दिन के भीतर की जाती है?
- A.30 दिन
- B.45 दिन
- C.60 दिन
- D.90 दिन
उत्तर देखें
अधिनियम दो अपीलों की व्यवस्था करता है। धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील उत्तर मिलने या समय-सीमा बीतने के तीस दिन के भीतर की जाती है और वह उसी लोक प्राधिकारी में लोक सूचना अधिकारी से वरिष्ठ अधिकारी, यानी प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को जाती है।
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