कार्बनिक प्रकाश उत्सर्जक डायोड (OLED) का प्रयोग अनेक उपकरणों में डिजिटल डिस्प्ले बनाने में होता है। लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले की तुलना में OLED डिस्प्ले के क्या लाभ हैं? 1. OLED डिस्प्ले को लचीले प्लास्टिक आधार पर बनाया जा सकता है। 2. OLED के प्रयोग से कपड़ों में लगे, लपेटे जा सकने वाले डिस्प्ले बनाए जा सकते हैं। 3. OLED के प्रयोग से पारदर्शी डिस्प्ले संभव हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.1, 2 और 3
- D.उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1, 2 और 3। तीनों OLED के वास्तविक लाभ हैं, और ये इस तथ्य से निकलते हैं कि OLED का हर पिक्सेल अपना प्रकाश स्वयं बनाता है। OLED दो इलेक्ट्रोडों के बीच रखी कार्बनिक (कार्बन आधारित) यौगिकों की पतली परत है, जो धारा बहने पर चमकती है। इसके विपरीत LCD स्वयं प्रकाश नहीं बनाता; उसे बैकलाइट के साथ लिक्विड क्रिस्टल, पोलराइज़र और कठोर काँच की परतें चाहिए। बैकलाइट न होने से OLED बहुत पतले बन सकते हैं और लचीली प्लास्टिक शीट पर लगाए जा सकते हैं, इसलिए कथन 1 सही है। इसी लचीलेपन से मुड़ने, तह होने या लिपटने वाले डिस्प्ले, यहाँ तक कि कपड़ों में लगे डिस्प्ले भी बन सकते हैं, इसलिए कथन 2 सही है। पारदर्शी इलेक्ट्रोड और बैकलाइट के अभाव में आर-पार दिखने वाली OLED स्क्रीन भी संभव है, इसलिए कथन 3 सही है। OLED गहरा काला रंग और चौड़ा देखने का कोण भी देते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें कथन 2 छूट गया है। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 और 3 छूट गए हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तीनों कथन सही हैं। Exam tip: OLED = स्वयं प्रकाश देने वाले पिक्सेल, बैकलाइट नहीं, इसलिए पतला, लचीला, लपेटने योग्य और पारदर्शी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) किससे बना है?
- A.एक अकेला परवलयिक एंटीना
- B.अनेक परवलयिक एंटीना
- C.अनेक वृत्ताकार एंटीना
- D.वृत्ताकार और परवलयिक एंटीना का मिश्रण
उत्तर देखें
जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) 30 पूरी तरह घुमाए जा सकने वाले परवलयिक डिश एंटीना का समूह है, जिनमें से हर एक का व्यास 45 मीटर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में, निम्नलिखित में से किसके लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना देना कानूनी रूप से अनिवार्य है? 1. सेवा प्रदाता 2. डेटा सेंटर 3. कॉर्पोरेट निकाय नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों के लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (CERT-In) को देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : इसरो द्वारा प्रक्षेपित मंगलयान 1. को मंगल कक्षित्र मिशन (मार्स ऑर्बिटर मिशन) भी कहा जाता है 2. ने भारत को अमेरिका के बाद मंगल की परिक्रमा करने वाला अंतरिक्ष यान रखने वाला दूसरा देश बना दिया 3. ने भारत को अपने पहले ही प्रयास में अपने अंतरिक्ष यान को मंगल की कक्षा में स्थापित करने में सफल होने वाला एकमात्र देश बना दिया उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
मंगलयान इसरो के मार्स ऑर्बिटर मिशन का लोकप्रिय नाम है, और भारत पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा तक पहुंचा, पर ऐसा करने वाला दूसरा देश नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोमैटिक सेल न्यूक्लियर ट्रांसफर (कायिक कोशिका केंद्रक स्थानांतरण) प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग क्या है?
- A.जैव लार्वानाशकों का उत्पादन
- B.जैव निम्नीकरणीय प्लास्टिक का विनिर्माण
- C.पशुओं का प्रजननीय क्लोनन
- D.रोगमुक्त जीवों का उत्पादन
उत्तर देखें
सोमैटिक सेल न्यूक्लियर ट्रांसफर, यानी SCNT, किसी पशु का क्लोन बनाने की तकनीक है। इसमें वैज्ञानिक एक अंड कोशिका लेकर उसका केंद्रक निकाल देते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत 'अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर (ITER)' का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो भारत को तात्कालिक लाभ क्या होगा?
- A.यह विद्युत उत्पादन के लिए यूरेनियम के स्थान पर थोरियम का प्रयोग कर सकता है
- B.यह उपग्रह नौवहन में वैश्विक भूमिका प्राप्त कर सकता है
- C.यह विद्युत उत्पादन में अपने विखंडन रिएक्टरों की दक्षता में भारी सुधार कर सकता है
- D.यह विद्युत उत्पादन के लिए संलयन रिएक्टर बना सकता है
उत्तर देखें
ITER यह सिद्ध करने का प्रयोग है कि नाभिकीय संलयन बड़े पैमाने पर ऊर्जा का स्रोत बन सकता है, और इसकी तकनीक सभी सदस्यों के साथ साझा होती है।
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