जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) किससे बना है?
- A.एक अकेला परवलयिक एंटीना
- B.अनेक परवलयिक एंटीना
- C.अनेक वृत्ताकार एंटीना
- D.वृत्ताकार और परवलयिक एंटीना का मिश्रण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनेक परवलयिक एंटीना। जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) 30 पूरी तरह घुमाए जा सकने वाले परवलयिक डिश एंटीना का समूह है, जिनमें से हर एक का व्यास 45 मीटर है। यह महाराष्ट्र में पुणे से लगभग 80 किमी उत्तर में नारायणगांव के पास खोडद में स्थित है और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान का राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र (NCRA) इसे चलाता है। इसकी डिशें लगभग 25 किमी क्षेत्र में फैली हैं और व्यतिकरणमिति (इंटरफेरोमेट्री) से साथ मिलकर काम करती हैं, इसलिए पूरा समूह एक बहुत बड़े टेलीस्कोप जैसा बन जाता है। यह मीटर तरंगदैर्ध्य पर पल्सर, दूर की आकाशगंगाओं और आरंभिक ब्रह्मांड की उदासीन हाइड्रोजन का अध्ययन करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अकेली डिश 30 जुड़ी डिशों जैसी विभेदन क्षमता नहीं दे सकती। विकल्प C गलत है, क्योंकि ये डिशें परवलयिक परावर्तक हैं, सपाट वृत्ताकार एंटीना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सभी 30 एंटीना एक ही परवलयिक बनावट के हैं। परीक्षा टिप: GMRT = 45 मीटर की 30 डिशें, पुणे के पास खोडद, NCRA-TIFR, मीटर-तरंग रेडियो खगोलिकी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में, निम्नलिखित में से किसके लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना देना कानूनी रूप से अनिवार्य है? 1. सेवा प्रदाता 2. डेटा सेंटर 3. कॉर्पोरेट निकाय नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों के लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की सूचना भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (CERT-In) को देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : इसरो द्वारा प्रक्षेपित मंगलयान 1. को मंगल कक्षित्र मिशन (मार्स ऑर्बिटर मिशन) भी कहा जाता है 2. ने भारत को अमेरिका के बाद मंगल की परिक्रमा करने वाला अंतरिक्ष यान रखने वाला दूसरा देश बना दिया 3. ने भारत को अपने पहले ही प्रयास में अपने अंतरिक्ष यान को मंगल की कक्षा में स्थापित करने में सफल होने वाला एकमात्र देश बना दिया उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
मंगलयान इसरो के मार्स ऑर्बिटर मिशन का लोकप्रिय नाम है, और भारत पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा तक पहुंचा, पर ऐसा करने वाला दूसरा देश नहीं था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोमैटिक सेल न्यूक्लियर ट्रांसफर (कायिक कोशिका केंद्रक स्थानांतरण) प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग क्या है?
- A.जैव लार्वानाशकों का उत्पादन
- B.जैव निम्नीकरणीय प्लास्टिक का विनिर्माण
- C.पशुओं का प्रजननीय क्लोनन
- D.रोगमुक्त जीवों का उत्पादन
उत्तर देखें
सोमैटिक सेल न्यूक्लियर ट्रांसफर, यानी SCNT, किसी पशु का क्लोन बनाने की तकनीक है। इसमें वैज्ञानिक एक अंड कोशिका लेकर उसका केंद्रक निकाल देते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्बनिक प्रकाश उत्सर्जक डायोड (OLED) का प्रयोग अनेक उपकरणों में डिजिटल डिस्प्ले बनाने में होता है। लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले की तुलना में OLED डिस्प्ले के क्या लाभ हैं? 1. OLED डिस्प्ले को लचीले प्लास्टिक आधार पर बनाया जा सकता है। 2. OLED के प्रयोग से कपड़ों में लगे, लपेटे जा सकने वाले डिस्प्ले बनाए जा सकते हैं। 3. OLED के प्रयोग से पारदर्शी डिस्प्ले संभव हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2
- C.1, 2 और 3
- D.उपर्युक्त में से कोई भी कथन सही नहीं है
उत्तर देखें
तीनों OLED के वास्तविक लाभ हैं, और ये इस तथ्य से निकलते हैं कि OLED का हर पिक्सेल अपना प्रकाश स्वयं बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत 'अंतर्राष्ट्रीय ताप-नाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर (ITER)' का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो भारत को तात्कालिक लाभ क्या होगा?
- A.यह विद्युत उत्पादन के लिए यूरेनियम के स्थान पर थोरियम का प्रयोग कर सकता है
- B.यह उपग्रह नौवहन में वैश्विक भूमिका प्राप्त कर सकता है
- C.यह विद्युत उत्पादन में अपने विखंडन रिएक्टरों की दक्षता में भारी सुधार कर सकता है
- D.यह विद्युत उत्पादन के लिए संलयन रिएक्टर बना सकता है
उत्तर देखें
ITER यह सिद्ध करने का प्रयोग है कि नाभिकीय संलयन बड़े पैमाने पर ऊर्जा का स्रोत बन सकता है, और इसकी तकनीक सभी सदस्यों के साथ साझा होती है।
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