जेसीआर ने भारतीय बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता सुधरने का श्रेय किस सुधार को दिया?
- A.दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता
- B.कंपनी अधिनियम
- C.प्रतिस्पर्धा अधिनियम
- D.विदेश व्यापार नीति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता है। जेसीआर ने भारतीय बैंकों की बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता के पीछे तीन बातें गिनाईं: इस संहिता की स्थापना, सरकार द्वारा बैंकों में डाली गई पूंजी और भारतीय रिजर्व बैंक की कड़ी निगरानी। उसने यह भी कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता ठीक बनी हुई है तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में भी परिसंपत्ति गुणवत्ता और पूंजी पर्याप्तता सुधरी है, जिससे पूरी वित्तीय प्रणाली मजबूत हुई है। विकल्प बी यानी कंपनी अधिनियम कंपनियों के गठन और संचालन से जुड़ा है, इसका यहां उल्लेख नहीं है। विकल्प सी यानी प्रतिस्पर्धा अधिनियम प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार से जुड़ा अलग विषय है। विकल्प डी यानी विदेश व्यापार नीति निर्यात और आयात से जुड़ी है। इनमें से किसी का भी नाम बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में विज्ञप्ति में नहीं आया है, इसलिए वे तीनों गलत हैं।
पूरा लेख पढ़ें: जेसीआर ने भारत की सॉवरेन रेटिंग बढ़ाकर 'ए-' की, आउटलुक स्थिर
अभ्यास प्रश्न
जेसीआर ने भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन जारीकर्ता रेटिंग ट्रिपल बी+ से बढ़ाकर क्या कर दी?
- A.ए+
- B.ए-
- C.डबल ए-
- D.ट्रिपल बी
उत्तर देखें
एजेंसी ने दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग और दीर्घकालिक स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग, दोनों को ठीक एक पायदान ऊपर किया है, यानी ट्रिपल बी+ से ए-, और आउटलुक स्थिर ही रखा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विज्ञप्ति के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा कितना रहा?
- A.5.6 प्रतिशत
- B.4.9 प्रतिशत
- C.4.7 प्रतिशत
- D.4.4 प्रतिशत
उत्तर देखें
जेसीआर ने कहा कि केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025 के 4.7 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 4.4 प्रतिशत रह गया, और यह तब हुआ जब पूंजीगत व्यय ऊंचा बना रहा तथा ढांचागत निवेश पर खास जोर रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जेसीआर के फैसले से पहले वाले वर्ष में इनमें से किसने भारत की सॉवरेन रेटिंग नहीं बढ़ाई थी?
- A.मॉर्निंगस्टार डीबीआरएस
- B.एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स
- C.रेटिंग एंड इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन, इंक.
- D.एशियाई विकास बैंक
उत्तर देखें
यह एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जो अपने सदस्य देशों को ऋण देता है। यह क्रेडिट रेटिंग एजेंसी नहीं है और किसी देश को सॉवरेन रेटिंग नहीं देता, इसलिए इस सूची में उसका नाम आ ही नहीं सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
उत्तर देखें
इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
उत्तर देखें
भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
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