गुजरात का कौन सा हड़प्पाकालीन स्थल तीन भागों में विभाजित है और पत्थर के विशाल जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है?
- A.लोथल
- B.धौलावीरा
- C.रंगपुर
- D.सुरकोटदा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, धौलावीरा है। धौलावीरा कच्छ के रण में खदिर बेट नामक द्वीप पर स्थित है। सामान्य हड़प्पा नगरों की दो भागों वाली रचना के विपरीत यह तीन भागों में बंटा है: दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर, और तीनों पत्थर की दीवारों से घिरे हैं। यहां चट्टान काटकर बनाए गए जलाशयों की श्रृंखला है जिनमें वर्षा तथा दो मौसमी नालों का जल संचित किया जाता था, और एक द्वार पर दस बड़े चिह्नों वाला साइनबोर्ड मिला है जो सबसे लंबा हड़प्पाई अभिलेख है।
विकल्प A, लोथल गोदीबाड़ा वाला बंदरगाह है। विकल्प C, रंगपुर गुजरात का छोटा स्थल है जहां परवर्ती स्तर से चावल की भूसी मिली। विकल्प D, सुरकोटदा से घोड़े की विवादित हड्डियां मिली हैं। धौलावीरा को 2021 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया, जो अब परीक्षाओं में लोकप्रिय तथ्य है।
पूरा लेख पढ़ें: सिंधु घाटी सभ्यता: स्थल, नगर नियोजन और पतन
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसिंधु घाटी सभ्यता का विशाल स्नानागार किस स्थल से प्राप्त हुआ है?
- A.हड़प्पा
- B.मोहनजोदड़ो
- C.लोथल
- D.कालीबंगा
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विशाल स्नानागार सिंध स्थित मोहनजोदड़ो के दुर्ग क्षेत्र में बना है। यह ईंटों का जलकुंड है, लगभग बारह मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा, जिसके दोनों सिरों पर सीढ़ियां हैं और चारों ओर छोटे कक्ष बने हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र कृत्रिम गोदीबाड़ा किस स्थल पर पहचाना गया है?
- A.लोथल
- B.सुरकोटदा
- C.चन्हूदड़ो
- D.बनावली
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लोथल गुजरात में साबरमती की सहायक नदी भोगावा के किनारे स्थित है और इसके पूर्वी भाग में ईंटों का बड़ा हौज मिला है जो एक नहर द्वारा नदी से जुड़ा था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्ष 1921 में हड़प्पा की खुदाई किस पुरातत्वविद ने की थी?
- A.राखालदास बनर्जी
- B.सर जॉन मार्शल
- C.दयाराम साहनी
- D.मार्टिमर व्हीलर
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उन्होंने 1921 में रावी नदी के किनारे हड़प्पा में खुदाई की और उसी सत्र की प्राप्तियों ने एक पूर्णतः अज्ञात नगरीय संस्कृति की पहचान कराई, जिसका नाम इसी स्थल पर पड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उपमहाद्वीप में जुते हुए खेत का सबसे प्राचीन प्रमाण किस हड़प्पाकालीन स्थल से मिला है?
- A.धौलावीरा
- B.कालीबंगा
- C.राखीगढ़ी
- D.आलमगीरपुर
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कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के सूखे प्रवाह पर स्थित है। यहां पूर्व हड़प्पा स्तर का एक खेत मिला है जिसमें हल की रेखाएं दो दिशाओं में समकोण पर कटती हैं, जिससे पता चलता है कि एक ही खेत में एक साथ दो फसलें बोई जाती थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हड़प्पाकालीन मकानों में प्रयुक्त ईंटों की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का निश्चित अनुपात क्या था?
- A.1:2:4
- B.2:2:1
- C.4:2:1
- D.3:2:1
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हड़प्पाकालीन पकी ईंट की लंबाई चार इकाई, चौड़ाई दो इकाई और मोटाई एक इकाई होती थी, और सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे स्थलों पर भी यही अनुपात मिलता है।
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