हड़प्पाकालीन मकानों में प्रयुक्त ईंटों की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का निश्चित अनुपात क्या था?
- A.1:2:4
- B.2:2:1
- C.4:2:1
- D.3:2:1
सही उत्तर
C. 4:2:1
व्याख्या
सही उत्तर C, 4:2:1 है। हड़प्पाकालीन पकी ईंट की लंबाई चार इकाई, चौड़ाई दो इकाई और मोटाई एक इकाई होती थी, और सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे स्थलों पर भी यही अनुपात मिलता है। यह मानकीकरण इस बात का प्रबल प्रमाण है कि पूरी सभ्यता में कोई साझा प्रशासन या कम से कम साझा नियम प्रचलित थे। इसी के साथ तौल की इकाइयों का सोलह के गुणकों में चलना भी याद रखें।
विकल्प A, 1:2:4 वही तीन अंक उलटे क्रम में हैं और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है; लंबाई सबसे अधिक होती है, इसलिए अनुपात 4 से ही आरंभ होगा। विकल्प B और D, अर्थात 2:2:1 तथा 3:2:1 किसी भी हड़प्पाकालीन ईंट से मेल नहीं खाते। उत्तर चुनने से पहले प्रश्न में दिए गए शब्दों का क्रम ध्यान से पढ़ें।
पूरा लेख पढ़ें: सिंधु घाटी सभ्यता: स्थल, नगर नियोजन और पतन
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसिंधु घाटी सभ्यता का विशाल स्नानागार किस स्थल से प्राप्त हुआ है?
- A.हड़प्पा
- B.मोहनजोदड़ो
- C.लोथल
- D.कालीबंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मोहनजोदड़ो
व्याख्या
सही उत्तर B, मोहनजोदड़ो है। विशाल स्नानागार सिंध स्थित मोहनजोदड़ो के दुर्ग क्षेत्र में बना है। यह ईंटों का जलकुंड है, लगभग बारह मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा, जिसके दोनों सिरों पर सीढ़ियां हैं और चारों ओर छोटे कक्ष बने हैं। फर्श के नीचे प्राकृतिक तारकोल की परत लगाकर उसे जलरोधी बनाया गया था। विद्वान इसे धार्मिक स्नान का स्थान मानते हैं और यही इस सभ्यता का सर्वाधिक प्रसिद्ध सार्वजनिक भवन है।
विकल्प A, हड़प्पा से अन्नागार और समाधि स्थल आर-37 मिले हैं, स्नानागार नहीं। विकल्प C, गुजरात के लोथल से गोदीबाड़ा, चावल की भूसी और मनके बनाने का कारखाना मिला है। विकल्प D, राजस्थान के कालीबंगा से जुते हुए खेत और अग्निकुंडों की पंक्ति मिली है। प्रत्येक स्थल एक विशेष प्राप्ति से जुड़ा है, और परीक्षक यही जोड़े जांचता है।
हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र कृत्रिम गोदीबाड़ा किस स्थल पर पहचाना गया है?
- A.लोथल
- B.सुरकोटदा
- C.चन्हूदड़ो
- D.बनावली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लोथल
व्याख्या
सही उत्तर A, लोथल है। लोथल गुजरात में साबरमती की सहायक नदी भोगावा के किनारे स्थित है और इसके पूर्वी भाग में ईंटों का बड़ा हौज मिला है जो एक नहर द्वारा नदी से जुड़ा था। अधिकांश पुरातत्वविद इसे गोदीबाड़ा मानते हैं, जहां नावें लाकर माल चढ़ाया-उतारा जाता था। यहां से मिले मनके कारखाने और मुहरें भी इसी बात की पुष्टि करती हैं कि लोथल खाड़ी क्षेत्र से होने वाले व्यापार का बंदरगाह था।
विकल्प B, कच्छ का सुरकोटदा घोड़े की हड्डियों और पत्थर से घिरे शवाधानों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, सिंध का चन्हूदड़ो मनके, चूड़ी और मुहर बनाने वाला शिल्प नगर था तथा यह दुर्ग रहित एकमात्र बड़ा नगर है। विकल्प D, हरियाणा के बनावली से मिट्टी का खिलौना हल और जौ के भंडार मिले हैं। इनमें से किसी स्थल पर गोदीबाड़ा नहीं है।
वर्ष 1921 में हड़प्पा की खुदाई किस पुरातत्वविद ने की थी?
- A.राखालदास बनर्जी
- B.सर जॉन मार्शल
- C.दयाराम साहनी
- D.मार्टिमर व्हीलर
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सही उत्तर: C. दयाराम साहनी
व्याख्या
सही उत्तर C, दयाराम साहनी है। उन्होंने 1921 में रावी नदी के किनारे हड़प्पा में खुदाई की और उसी सत्र की प्राप्तियों ने एक पूर्णतः अज्ञात नगरीय संस्कृति की पहचान कराई, जिसका नाम इसी स्थल पर पड़ा। विकल्प A, राखालदास बनर्जी ने एक वर्ष बाद 1922 में सिंधु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो की खुदाई की और वहां वैसी ही मुहरें तथा ईंटें पाकर सिद्ध किया कि यह संस्कृति विशाल क्षेत्र में फैली थी।
विकल्प B, सर जॉन मार्शल उस समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक थे। उन्होंने दोनों के कार्य का निर्देशन किया और 1924 में खोज की घोषणा की, परंतु हड़प्पा की खुदाई स्वयं नहीं की। विकल्प D, मार्टिमर व्हीलर बहुत बाद में 1940 के दशक में आए और आर्य आक्रमण के सिद्धांत के लिए याद किए जाते हैं, जिसे आज अधिकांश इतिहासकार अस्वीकार करते हैं।
उपमहाद्वीप में जुते हुए खेत का सबसे प्राचीन प्रमाण किस हड़प्पाकालीन स्थल से मिला है?
- A.धौलावीरा
- B.कालीबंगा
- C.राखीगढ़ी
- D.आलमगीरपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कालीबंगा
व्याख्या
सही उत्तर B, कालीबंगा है। कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के सूखे प्रवाह पर स्थित है। यहां पूर्व हड़प्पा स्तर का एक खेत मिला है जिसमें हल की रेखाएं दो दिशाओं में समकोण पर कटती हैं, जिससे पता चलता है कि एक ही खेत में एक साथ दो फसलें बोई जाती थीं। कालीबंगा से अग्निकुंडों की पंक्ति और ऊंट की हड्डियां भी मिली हैं।
विकल्प A, कच्छ का धौलावीरा तीन भागों में बंटे नगर और वर्षा जल संचय करने वाले पत्थर के जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C, हरियाणा का राखीगढ़ी भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है, किंतु जुते खेत से इसका संबंध नहीं है। विकल्प D, उत्तर प्रदेश का आलमगीरपुर सभ्यता की पूर्वी सीमा है। परीक्षक एक स्थल को एक प्रसिद्ध प्राप्ति से जोड़कर पूछता है, इसलिए इन्हें साथ ही याद करें।
मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र को किस नाम से पुकारा गया है?
- A.दिलमुन
- B.मगन
- C.मेलुहा
- D.सिंडोन
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सही उत्तर: C. मेलुहा
व्याख्या
सही उत्तर C, मेलुहा है। मेसोपोटामिया के लेखों में मेलुहा को उन देशों में गिना गया है जहां से जहाज कार्नेलियन मनके, हाथी दांत, लकड़ी और तांबा लेकर आते थे, और ये वस्तुएं ठीक वही हैं जो हड़प्पा स्थलों पर बनती थीं। यह व्यापार वस्तु विनिमय पर आधारित था, क्योंकि हड़प्पा सभ्यता का कोई सिक्का नहीं मिला है, और हड़प्पाई शैली की मुहरें मेसोपोटामिया में भी पाई गई हैं।
विकल्प A, दिलमुन की पहचान बहरीन से और विकल्प B, मगन की पहचान ओमान से की जाती है; ये दोनों मेसोपोटामिया और सिंधु के बीच समुद्री मार्ग के पड़ाव थे, भारत के नाम नहीं। विकल्प D, सिंडोन मेसोपोटामियाई शब्द है ही नहीं: यह कपास के लिए प्रयुक्त बाद का यूनानी नाम है, जो सिंधु से बना और यह स्मरण कराता है कि कपास उगाने वाले हड़प्पावासी विश्व में पहले थे।