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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास क्विज: सिंधु घाटी सभ्यता

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास के अंतर्गत "सिंधु घाटी सभ्यता" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासआसान

सिंधु घाटी सभ्यता का विशाल स्नानागार किस स्थल से प्राप्त हुआ है?

  1. A.हड़प्पा
  2. B.मोहनजोदड़ो
  3. C.लोथल
  4. D.कालीबंगा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मोहनजोदड़ो

व्याख्या

सही उत्तर B, मोहनजोदड़ो है। विशाल स्नानागार सिंध स्थित मोहनजोदड़ो के दुर्ग क्षेत्र में बना है। यह ईंटों का जलकुंड है, लगभग बारह मीटर लंबा और सात मीटर चौड़ा, जिसके दोनों सिरों पर सीढ़ियां हैं और चारों ओर छोटे कक्ष बने हैं। फर्श के नीचे प्राकृतिक तारकोल की परत लगाकर उसे जलरोधी बनाया गया था। विद्वान इसे धार्मिक स्नान का स्थान मानते हैं और यही इस सभ्यता का सर्वाधिक प्रसिद्ध सार्वजनिक भवन है।

विकल्प A, हड़प्पा से अन्नागार और समाधि स्थल आर-37 मिले हैं, स्नानागार नहीं। विकल्प C, गुजरात के लोथल से गोदीबाड़ा, चावल की भूसी और मनके बनाने का कारखाना मिला है। विकल्प D, राजस्थान के कालीबंगा से जुते हुए खेत और अग्निकुंडों की पंक्ति मिली है। प्रत्येक स्थल एक विशेष प्राप्ति से जुड़ा है, और परीक्षक यही जोड़े जांचता है।

Q2.भारतीय इतिहासआसान

हड़प्पा सभ्यता का एकमात्र कृत्रिम गोदीबाड़ा किस स्थल पर पहचाना गया है?

  1. A.लोथल
  2. B.सुरकोटदा
  3. C.चन्हूदड़ो
  4. D.बनावली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लोथल

व्याख्या

सही उत्तर A, लोथल है। लोथल गुजरात में साबरमती की सहायक नदी भोगावा के किनारे स्थित है और इसके पूर्वी भाग में ईंटों का बड़ा हौज मिला है जो एक नहर द्वारा नदी से जुड़ा था। अधिकांश पुरातत्वविद इसे गोदीबाड़ा मानते हैं, जहां नावें लाकर माल चढ़ाया-उतारा जाता था। यहां से मिले मनके कारखाने और मुहरें भी इसी बात की पुष्टि करती हैं कि लोथल खाड़ी क्षेत्र से होने वाले व्यापार का बंदरगाह था।

विकल्प B, कच्छ का सुरकोटदा घोड़े की हड्डियों और पत्थर से घिरे शवाधानों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, सिंध का चन्हूदड़ो मनके, चूड़ी और मुहर बनाने वाला शिल्प नगर था तथा यह दुर्ग रहित एकमात्र बड़ा नगर है। विकल्प D, हरियाणा के बनावली से मिट्टी का खिलौना हल और जौ के भंडार मिले हैं। इनमें से किसी स्थल पर गोदीबाड़ा नहीं है।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

वर्ष 1921 में हड़प्पा की खुदाई किस पुरातत्वविद ने की थी?

  1. A.राखालदास बनर्जी
  2. B.सर जॉन मार्शल
  3. C.दयाराम साहनी
  4. D.मार्टिमर व्हीलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दयाराम साहनी

व्याख्या

सही उत्तर C, दयाराम साहनी है। उन्होंने 1921 में रावी नदी के किनारे हड़प्पा में खुदाई की और उसी सत्र की प्राप्तियों ने एक पूर्णतः अज्ञात नगरीय संस्कृति की पहचान कराई, जिसका नाम इसी स्थल पर पड़ा। विकल्प A, राखालदास बनर्जी ने एक वर्ष बाद 1922 में सिंधु नदी के किनारे मोहनजोदड़ो की खुदाई की और वहां वैसी ही मुहरें तथा ईंटें पाकर सिद्ध किया कि यह संस्कृति विशाल क्षेत्र में फैली थी।

विकल्प B, सर जॉन मार्शल उस समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक थे। उन्होंने दोनों के कार्य का निर्देशन किया और 1924 में खोज की घोषणा की, परंतु हड़प्पा की खुदाई स्वयं नहीं की। विकल्प D, मार्टिमर व्हीलर बहुत बाद में 1940 के दशक में आए और आर्य आक्रमण के सिद्धांत के लिए याद किए जाते हैं, जिसे आज अधिकांश इतिहासकार अस्वीकार करते हैं।

Q4.भारतीय इतिहासमध्यम

उपमहाद्वीप में जुते हुए खेत का सबसे प्राचीन प्रमाण किस हड़प्पाकालीन स्थल से मिला है?

  1. A.धौलावीरा
  2. B.कालीबंगा
  3. C.राखीगढ़ी
  4. D.आलमगीरपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कालीबंगा

व्याख्या

सही उत्तर B, कालीबंगा है। कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के सूखे प्रवाह पर स्थित है। यहां पूर्व हड़प्पा स्तर का एक खेत मिला है जिसमें हल की रेखाएं दो दिशाओं में समकोण पर कटती हैं, जिससे पता चलता है कि एक ही खेत में एक साथ दो फसलें बोई जाती थीं। कालीबंगा से अग्निकुंडों की पंक्ति और ऊंट की हड्डियां भी मिली हैं।

विकल्प A, कच्छ का धौलावीरा तीन भागों में बंटे नगर और वर्षा जल संचय करने वाले पत्थर के जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C, हरियाणा का राखीगढ़ी भारत का सबसे बड़ा हड़प्पा स्थल है, किंतु जुते खेत से इसका संबंध नहीं है। विकल्प D, उत्तर प्रदेश का आलमगीरपुर सभ्यता की पूर्वी सीमा है। परीक्षक एक स्थल को एक प्रसिद्ध प्राप्ति से जोड़कर पूछता है, इसलिए इन्हें साथ ही याद करें।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

हड़प्पाकालीन मकानों में प्रयुक्त ईंटों की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का निश्चित अनुपात क्या था?

  1. A.1:2:4
  2. B.2:2:1
  3. C.4:2:1
  4. D.3:2:1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4:2:1

व्याख्या

सही उत्तर C, 4:2:1 है। हड़प्पाकालीन पकी ईंट की लंबाई चार इकाई, चौड़ाई दो इकाई और मोटाई एक इकाई होती थी, और सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे स्थलों पर भी यही अनुपात मिलता है। यह मानकीकरण इस बात का प्रबल प्रमाण है कि पूरी सभ्यता में कोई साझा प्रशासन या कम से कम साझा नियम प्रचलित थे। इसी के साथ तौल की इकाइयों का सोलह के गुणकों में चलना भी याद रखें।

विकल्प A, 1:2:4 वही तीन अंक उलटे क्रम में हैं और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है; लंबाई सबसे अधिक होती है, इसलिए अनुपात 4 से ही आरंभ होगा। विकल्प B और D, अर्थात 2:2:1 तथा 3:2:1 किसी भी हड़प्पाकालीन ईंट से मेल नहीं खाते। उत्तर चुनने से पहले प्रश्न में दिए गए शब्दों का क्रम ध्यान से पढ़ें।

Q6.भारतीय इतिहासमध्यम

मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र को किस नाम से पुकारा गया है?

  1. A.दिलमुन
  2. B.मगन
  3. C.मेलुहा
  4. D.सिंडोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेलुहा

व्याख्या

सही उत्तर C, मेलुहा है। मेसोपोटामिया के लेखों में मेलुहा को उन देशों में गिना गया है जहां से जहाज कार्नेलियन मनके, हाथी दांत, लकड़ी और तांबा लेकर आते थे, और ये वस्तुएं ठीक वही हैं जो हड़प्पा स्थलों पर बनती थीं। यह व्यापार वस्तु विनिमय पर आधारित था, क्योंकि हड़प्पा सभ्यता का कोई सिक्का नहीं मिला है, और हड़प्पाई शैली की मुहरें मेसोपोटामिया में भी पाई गई हैं।

विकल्प A, दिलमुन की पहचान बहरीन से और विकल्प B, मगन की पहचान ओमान से की जाती है; ये दोनों मेसोपोटामिया और सिंधु के बीच समुद्री मार्ग के पड़ाव थे, भारत के नाम नहीं। विकल्प D, सिंडोन मेसोपोटामियाई शब्द है ही नहीं: यह कपास के लिए प्रयुक्त बाद का यूनानी नाम है, जो सिंधु से बना और यह स्मरण कराता है कि कपास उगाने वाले हड़प्पावासी विश्व में पहले थे।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

निम्नलिखित में से कौन सी धातु सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों को ज्ञात नहीं थी?

  1. A.तांबा
  2. B.लोहा
  3. C.सोना
  4. D.चांदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लोहा

व्याख्या

सही उत्तर B, लोहा है। हड़प्पा सभ्यता कांस्य युग की संस्कृति है और इसके किसी भी स्तर से लोहे की कोई वस्तु नहीं मिली है। भारतीय उपमहाद्वीप में लोहे का प्रयोग उत्तर वैदिक काल में आरंभ हुआ, अर्थात नगरों के उजड़ने के कई शताब्दियों बाद। इसीलिए इस प्रकार के नकारात्मक प्रश्न में लोहा प्रायः सही उत्तर होता है।

विकल्प A, तांबा राजस्थान की खेतड़ी खानों से आता था और इससे औजार, बर्तन तथा प्रसिद्ध कांसे की नर्तकी बनी, जो तांबे और टिन का मिश्र धातु है। विकल्प C और D, सोना और चांदी दोनों आभूषणों में प्रयुक्त हुए और हड़प्पा तथा मोहनजोदड़ो से गहनों के भंडार मिले हैं। सीसा भी ज्ञात था। यह भी याद रखें कि हड़प्पावासियों के पास सिक्के, मंदिर और पढ़ी जा सकने वाली लिपि नहीं थी।

Q8.भारतीय इतिहासकठिन

हड़प्पा सभ्यता का सबसे दक्षिणी स्थल दैमाबाद वर्तमान में किस राज्य में स्थित है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर C, महाराष्ट्र है। दैमाबाद महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में गोदावरी की सहायक नदी प्रवरा के किनारे स्थित है और यही हड़प्पा सभ्यता की दक्षिणी सीमा है। यह स्थल कांसे की ठोस मूर्तियों के भंडार के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें दो बैलों द्वारा खींचा जाने वाला रथ और उस पर खड़ा चालक, तथा गैंडा, हाथी और भैंसे की आकृतियां सम्मिलित हैं।

विकल्प A, गुजरात में लोथल, धौलावीरा, सुरकोटदा और रंगपुर स्थित हैं, किंतु इनमें से कोई सबसे दक्षिणी नहीं है। विकल्प B, राजस्थान में घग्गर पर कालीबंगा स्थित है। विकल्प D, हरियाणा में राखीगढ़ी और बनावली हैं। चारों सीमावर्ती स्थलों को एक साथ याद करें: पश्चिम में बलूचिस्तान के मकरान तट पर सुत्कागेंडोर, पूर्व में उत्तर प्रदेश में हिंडन नदी पर आलमगीरपुर, उत्तर में जम्मू में चिनाब नदी पर मांडा और दक्षिण में महाराष्ट्र में प्रवरा नदी पर दैमाबाद। परीक्षाओं में यह समूह प्रायः दिशा आधारित प्रश्न के रूप में पूछा जाता है, इसलिए नाम और दिशा दोनों साथ याद रखें।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

पशुओं से घिरी योगमुद्रा में बैठी आकृति वाली प्रसिद्ध पशुपति मुहर किस स्थल से मिली है?

  1. A.मोहनजोदड़ो
  2. B.चन्हूदड़ो
  3. C.रोपड़
  4. D.बनावली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोहनजोदड़ो

व्याख्या

सही उत्तर A, मोहनजोदड़ो है। इस मुहर पर सिर पर सींग धारण किए एक आकृति योगमुद्रा में बैठी है और उसके चारों ओर हाथी, बाघ, गैंडा तथा भैंसा उत्कीर्ण हैं, और आसन के नीचे हरिण दिखाए गए हैं। सर जॉन मार्शल ने इस आकृति को आद्य शिव अथवा पशुपति, अर्थात पशुओं का स्वामी बताया था, और यही हड़प्पाकालीन धर्म का सर्वाधिक उद्धृत प्रमाण है।

विकल्प B, चन्हूदड़ो मनके और चूड़ी बनाने वाली शिल्प बस्ती थी और दुर्ग रहित एकमात्र बड़ा नगर है। विकल्प C, पंजाब के रोपड़ से ऐसा शवाधान मिला है जिसमें स्वामी के साथ कुत्ता दफनाया गया था। विकल्प D, हरियाणा के बनावली से मिट्टी का खिलौना हल मिला है। सामान्यतः मुहरें सेलखड़ी की बनी होती थीं और उन पर सबसे अधिक एक सींग वाला पशु अंकित मिलता है।

Q10.भारतीय इतिहासमध्यम

गुजरात का कौन सा हड़प्पाकालीन स्थल तीन भागों में विभाजित है और पत्थर के विशाल जलाशयों के लिए प्रसिद्ध है?

  1. A.लोथल
  2. B.धौलावीरा
  3. C.रंगपुर
  4. D.सुरकोटदा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धौलावीरा

व्याख्या

सही उत्तर B, धौलावीरा है। धौलावीरा कच्छ के रण में खदिर बेट नामक द्वीप पर स्थित है। सामान्य हड़प्पा नगरों की दो भागों वाली रचना के विपरीत यह तीन भागों में बंटा है: दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर, और तीनों पत्थर की दीवारों से घिरे हैं। यहां चट्टान काटकर बनाए गए जलाशयों की श्रृंखला है जिनमें वर्षा तथा दो मौसमी नालों का जल संचित किया जाता था, और एक द्वार पर दस बड़े चिह्नों वाला साइनबोर्ड मिला है जो सबसे लंबा हड़प्पाई अभिलेख है।

विकल्प A, लोथल गोदीबाड़ा वाला बंदरगाह है। विकल्प C, रंगपुर गुजरात का छोटा स्थल है जहां परवर्ती स्तर से चावल की भूसी मिली। विकल्प D, सुरकोटदा से घोड़े की विवादित हड्डियां मिली हैं। धौलावीरा को 2021 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया, जो अब परीक्षाओं में लोकप्रिय तथ्य है।

Q11.भारतीय इतिहासकठिन

सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. A.यह वर्णमाला आधारित थी और पूरी तरह पढ़ी जा चुकी है
  2. B.यह चित्रात्मक थी, बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी और आज तक अपठित है
  3. C.यह केवल बाएं से दाएं ब्राह्मी अक्षरों में लिखी जाती थी
  4. D.यह मेसोपोटामिया की कीलाक्षर लिपि से ज्यों की त्यों ली गई थी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह चित्रात्मक थी, बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी और आज तक अपठित है

व्याख्या

सही उत्तर B है। हड़प्पा लिपि में लगभग चार सौ चित्रनुमा चिह्न हैं और यह बुस्ट्रोफेडन शैली में लिखी जाती थी, अर्थात पहली पंक्ति दाएं से बाएं और अगली पंक्ति बाएं से दाएं, ठीक वैसे ही जैसे हल चलाते समय बैल मुड़ता है। अभिलेख बहुत छोटे हैं और कोई द्विभाषी लेख उपलब्ध नहीं है, इसलिए कोई पाठ सर्वमान्य नहीं हो सका और यह सभ्यता आद्य-ऐतिहासिक कहलाती है।

विकल्प A दोनों दृष्टि से गलत है: इतने अधिक चिह्न वर्णमाला के नहीं हो सकते और लिपि पढ़ी भी नहीं जा सकी है। विकल्प C में ब्राह्मी का उल्लेख है, जो बहुत बाद की ऐतिहासिक काल की लिपि है और जिसे अशोक के अभिलेखों से पढ़ा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि हड़प्पावासी मेसोपोटामिया से व्यापार करते थे, किंतु लिखते अपनी ही लिपि में थे, जो कीलाक्षर लिपि से पूर्णतः भिन्न है।

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