एंटैंगलमेंट के अचानक अंत को टालने वाले अध्ययन का नेतृत्व किस संस्थान ने किया?
- A.भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान
- B.रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट
- C.साहा परमाणु भौतिकी संस्थान
- D.टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान है और जिसकी क्वांटम सूचना एवं कंप्यूटिंग प्रयोगशाला ने इस काम का नेतृत्व किया। टीम ने कैलगरी विश्वविद्यालय और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम किया, और अध्ययन को उसी विभाग के प्रमुख राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से आंशिक वित्त पोषण मिला। शेष विकल्पों में खगोल भौतिकी, परमाणु भौतिकी और मूलभूत अनुसंधान के जाने-माने भारतीय संस्थान हैं, पर विज्ञप्ति इस अध्ययन का श्रेय उनमें से किसी को नहीं देती। संस्थान के साथ दो नाम भी याद रखने लायक हैं: प्रयोगशाला की समूह प्रमुख और वरिष्ठ प्रोफेसर उर्बासी सिन्हा, जिन्होंने कहा कि समय केवल प्रयोग का ब्योरा नहीं बल्कि नियंत्रण का साधन है, और प्रमुख लेखक सौम्या रंजन बेहरा, जिनका शोध पत्र फिजिकल रिव्यू ए में जुलाई में छपा।
पूरा लेख पढ़ें: आरआरआई: सही समय के एक फ्लिप से एंटैंगलमेंट का नुकसान टला
अभ्यास प्रश्न
एंटैंगलमेंट के अचानक अंत से क्या अभिप्राय है?
- A.दोनों कणों का स्थिर अवस्था में पूर्ण क्षय
- B.क्षय पूरा होने से पहले ही निश्चित समय पर एंटैंगलमेंट का अचानक लुप्त हो जाना
- C.क्वांटम कंप्यूटर का परिणाम पढ़ने में विफल हो जाना
- D.मापन पर तरंग फलन का पतन
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विज्ञप्ति बताती है कि दो एंटैंगल कणों में से हर कण उत्तेजित अवस्था से स्थिर अवस्था की ओर खिसकता है, ठीक वैसे जैसे कोई परमाणु अपने परिवेश को ऊर्जा देता है, और इसी के साथ एंटैंगलमेंट कमजोर पड़ता जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के किस मिशन से इस अध्ययन को आंशिक वित्त पोषण मिला?
- A.राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
- B.अंतरविषयी साइबर-भौतिक प्रणाली राष्ट्रीय मिशन
- C.राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
- D.गहरे समुद्र मिशन
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शेष विकल्पों में भी असली राष्ट्रीय मिशन दिए गए हैं, और यही इस प्रश्न को सही परख बनाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
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6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
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उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
- A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
- B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
- C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
- D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
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I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।
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