एक फेरे वाली वृत्ताकार कुंडली का प्रतिरोध 20 Ω है। कुंडली के किसी भी व्यास के सिरों के बीच प्रतिरोध का सही मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.5 Ω
- B.10 Ω
- C.20 Ω
- D.40 Ω
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, 5 Ω। व्यास के दोनों सिरे वलय को 10 Ω-10 Ω के दो बराबर भागों में बाँटते हैं, और ये दोनों भाग समांतर क्रम में जुड़े होते हैं।
एक समान तार का प्रतिरोध उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती होता है, इसलिए हर अर्धवृत्त का प्रतिरोध कुल का आधा, 20 ÷ 2 = 10 Ω होगा। व्यास के सिरों के बीच धारा दोनों में से किसी भी आधे भाग से बह सकती है, इसलिए दोनों भाग समांतर हैं। दो बराबर प्रतिरोध R समांतर में हों तो कुल मान R/2 होता है, यानी 10 ÷ 2 = 5 Ω। सामान्य नियम 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ है, और समांतर संयोजन का मान सबसे छोटी शाखा से भी कम होता है।
B गलत है, क्योंकि 10 Ω केवल एक आधे भाग का प्रतिरोध है, जिसमें दूसरा मार्ग छोड़ दिया गया है। C गलत है, क्योंकि 20 Ω पूरे तार का एक सिरे से दूसरे सिरे तक का प्रतिरोध है। D गलत है, क्योंकि 40 Ω का अर्थ होगा प्रतिरोधों को श्रेणी में जोड़ना, जबकि दोनों भाग इस तरह नहीं जुड़े हैं।
Exam tip: R प्रतिरोध वाले वलय का व्यास के सिरों के बीच प्रतिरोध R/4 होता है; किन्हीं दो बिंदुओं के बीच r₁r₂/(r₁ + r₂) लगाएँ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंफ़्यूज़ तार होना चाहिए
- A.चालक और निम्न गलनांक वाला
- B.चालक और उच्च गलनांक वाला
- C.विद्युतरोधी और उच्च गलनांक वाला
- D.विद्युतरोधी और निम्न गलनांक वाला
उत्तर देखें
फ़्यूज़ को सामान्य धारा प्रवाहित करनी होती है, इसलिए वह चालक हो, और धारा बहुत बढ़ने पर उसे जल्दी पिघल जाना चाहिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तापदीप्त विद्युत बल्ब का तंतु किस धातु से बना होता है?
- A.ऐलुमिनियम
- B.ताँबा
- C.टंगस्टन
- D.चाँदी
उत्तर देखें
तंतु के लिए टंगस्टन का प्रयोग इसलिए होता है क्योंकि सभी धातुओं में इसका गलनांक सबसे अधिक, लगभग 3,422°C, है और यह बिना पिघले श्वेत-तप्त होकर चमक सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →क्लोरीन प्रकृति में 35 u और 37 u द्रव्यमान वाले दो समस्थानिक रूपों में क्रमशः 3 : 1 के अनुपात में पाई जाती है। क्लोरीन परमाणु का औसत परमाणु द्रव्यमान क्या है?
- A.36.1 u
- B.35.5 u
- C.36.5 u
- D.35.1 u
उत्तर देखें
औसत परमाणु द्रव्यमान समस्थानिकों के द्रव्यमानों का भारित माध्य है, जिसमें हर समस्थानिक को उसकी प्रचुरता के अनुपात में गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2.0 kg द्रव्यमान का एक गुटका 3.0 kg द्रव्यमान के दूसरे गुटके के ऊपर रखा है। दोनों गुटकों के बीच स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.2 है। नीचे वाले गुटके को क्षैतिज बल F से इस प्रकार खींचा जाता है कि दोनों गुटके बिना फिसले साथ-साथ चलें। गुरुत्वीय त्वरण 10 m/s² मानते हुए, घर्षण बल का अधिकतम मान है :
- A.50 N
- B.30 N
- C.4 N
- D.10 N
उत्तर देखें
दोनों गुटकों के बीच का घर्षण ही ऊपर वाले गुटके को साथ खींचता है, और उसका अधिकतम मान ऊपर वाले गुटके के अभिलंब बल का μ गुना होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक सूक्ष्मदर्शी किसका संयोजन हो सकता है?
- A.दो उत्तल लेंस।
- B.एक उत्तल और एक अवतल लेंस।
- C.दो अवतल लेंस।
- D.एक उत्तल लेंस और एक उत्तल दर्पण।
उत्तर देखें
संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो अभिसारी लेंस, अभिदृश्यक और नेत्रिका, होते हैं, जो सूक्ष्म वस्तु का बहुत बड़ा प्रतिबिंब देते हैं।
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