एक सूक्ष्मदर्शी किसका संयोजन हो सकता है?
- A.दो उत्तल लेंस।
- B.एक उत्तल और एक अवतल लेंस।
- C.दो अवतल लेंस।
- D.एक उत्तल लेंस और एक उत्तल दर्पण।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, दो उत्तल लेंस। संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो अभिसारी लेंस, अभिदृश्यक और नेत्रिका, होते हैं, जो सूक्ष्म वस्तु का बहुत बड़ा प्रतिबिंब देते हैं।
अभिदृश्यक लेंस की फ़ोकस दूरी बहुत कम होती है और वह वस्तु के पास रहता है; यह नली के भीतर वास्तविक, उल्टा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है। नेत्रिका भी उत्तल होती है और आवर्धक लेंस की तरह काम करके उस प्रतिबिंब को आँख के लिए और बड़े आभासी प्रतिबिंब में बदल देती है। कुल आवर्धन दोनों लेंसों के आवर्धन का गुणनफल होता है। सरल सूक्ष्मदर्शी केवल एक उत्तल लेंस होता है, जिसे आवर्धक की तरह प्रयोग किया जाता है।
B गलत है, क्योंकि उत्तल अभिदृश्यक और अवतल नेत्रिका गैलीलियो की दूरबीन बनाते हैं, सूक्ष्मदर्शी नहीं। C गलत है, क्योंकि दो अवतल लेंस केवल प्रकाश फैलाते हैं और बड़ा वास्तविक प्रतिबिंब नहीं बना सकते। D गलत है, क्योंकि उत्तल दर्पण हमेशा छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जैसे वाहनों के पीछे देखने वाले दर्पण में।
Exam tip: सूक्ष्मदर्शी और खगोलीय दूरबीन दोनों में दो उत्तल लेंस होते हैं; सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्यक की फ़ोकस दूरी कम होती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंफ़्यूज़ तार होना चाहिए
- A.चालक और निम्न गलनांक वाला
- B.चालक और उच्च गलनांक वाला
- C.विद्युतरोधी और उच्च गलनांक वाला
- D.विद्युतरोधी और निम्न गलनांक वाला
उत्तर देखें
फ़्यूज़ को सामान्य धारा प्रवाहित करनी होती है, इसलिए वह चालक हो, और धारा बहुत बढ़ने पर उसे जल्दी पिघल जाना चाहिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तापदीप्त विद्युत बल्ब का तंतु किस धातु से बना होता है?
- A.ऐलुमिनियम
- B.ताँबा
- C.टंगस्टन
- D.चाँदी
उत्तर देखें
तंतु के लिए टंगस्टन का प्रयोग इसलिए होता है क्योंकि सभी धातुओं में इसका गलनांक सबसे अधिक, लगभग 3,422°C, है और यह बिना पिघले श्वेत-तप्त होकर चमक सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →क्लोरीन प्रकृति में 35 u और 37 u द्रव्यमान वाले दो समस्थानिक रूपों में क्रमशः 3 : 1 के अनुपात में पाई जाती है। क्लोरीन परमाणु का औसत परमाणु द्रव्यमान क्या है?
- A.36.1 u
- B.35.5 u
- C.36.5 u
- D.35.1 u
उत्तर देखें
औसत परमाणु द्रव्यमान समस्थानिकों के द्रव्यमानों का भारित माध्य है, जिसमें हर समस्थानिक को उसकी प्रचुरता के अनुपात में गिना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2.0 kg द्रव्यमान का एक गुटका 3.0 kg द्रव्यमान के दूसरे गुटके के ऊपर रखा है। दोनों गुटकों के बीच स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.2 है। नीचे वाले गुटके को क्षैतिज बल F से इस प्रकार खींचा जाता है कि दोनों गुटके बिना फिसले साथ-साथ चलें। गुरुत्वीय त्वरण 10 m/s² मानते हुए, घर्षण बल का अधिकतम मान है :
- A.50 N
- B.30 N
- C.4 N
- D.10 N
उत्तर देखें
दोनों गुटकों के बीच का घर्षण ही ऊपर वाले गुटके को साथ खींचता है, और उसका अधिकतम मान ऊपर वाले गुटके के अभिलंब बल का μ गुना होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक फेरे वाली वृत्ताकार कुंडली का प्रतिरोध 20 Ω है। कुंडली के किसी भी व्यास के सिरों के बीच प्रतिरोध का सही मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.5 Ω
- B.10 Ω
- C.20 Ω
- D.40 Ω
उत्तर देखें
व्यास के दोनों सिरे वलय को 10 Ω-10 Ω के दो बराबर भागों में बाँटते हैं, और ये दोनों भाग समांतर क्रम में जुड़े होते हैं।
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