फ़्यूज़ तार होना चाहिए
- A.चालक और निम्न गलनांक वाला
- B.चालक और उच्च गलनांक वाला
- C.विद्युतरोधी और उच्च गलनांक वाला
- D.विद्युतरोधी और निम्न गलनांक वाला
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, चालक और निम्न गलनांक वाला। फ़्यूज़ को सामान्य धारा प्रवाहित करनी होती है, इसलिए वह चालक हो, और धारा बहुत बढ़ने पर उसे जल्दी पिघल जाना चाहिए।
फ़्यूज़ एक सुरक्षा युक्ति है, जिसे परिपथ के विद्युन्मय तार के साथ श्रेणी में जोड़ा जाता है। लघुपथन या अतिभार के कारण अधिक धारा बहने पर उत्पन्न ऊष्मा, जो धारा के वर्ग के साथ बढ़ती है, पतले तार को पिघला देती है और उपकरणों या घर की तारों के खराब होने से पहले परिपथ तोड़ देती है। फ़्यूज़ तार प्रायः टिन और सीसे की मिश्रधातु होता है, जिसे कम गलनांक के लिए चुना जाता है। आजकल लघु परिपथ वियोजक (MCB) भी यही काम करते हैं और उन्हें फिर से चालू किया जा सकता है।
B गलत है, क्योंकि उच्च गलनांक वाला तार समय पर नहीं पिघलेगा और परिपथ सुरक्षित नहीं रहेगा। C गलत है, क्योंकि विद्युतरोधी पदार्थ धारा प्रवाहित ही नहीं कर सकता, इसलिए परिपथ कभी नहीं चलेगा। D भी इसी कारण गलत है: विद्युतरोधी फ़्यूज़ सामान्य धारा को भी रोक देगा।
Exam tip: फ़्यूज़ तार, टिन–सीसा मिश्रधातु, निम्न गलनांक, विद्युन्मय तार के साथ श्रेणी में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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