निम्नलिखित में से कौन-सा, स्तनपान कराने वाली माँ द्वारा उत्पन्न वह विशेष प्रकार का दूध है, जो मानव नवजात शिशु में प्रतिरक्षा अनुक्रिया के विकास के लिए आवश्यक है?
- A.प्रसव के एक महीने बाद बनने वाला स्तन दूध
- B.संक्रमणकालीन दूध
- C.खीस (कोलोस्ट्रम)
- D.खनिजयुक्त दूध
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, खीस (कोलोस्ट्रम)। खीस वह गाढ़ा, पीलापन लिए पहला दूध है जो माँ प्रसव के बाद शुरुआती कुछ दिनों में बनाती है। इसकी मात्रा कम होती है, पर इसमें प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), विशेषकर इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA), के साथ श्वेत रक्त कोशिकाएँ, प्रोटीन और विटामिन A भरपूर होते हैं। ये प्रतिरक्षी शिशु की आंत पर परत बनाकर उसे संक्रमण से तब तक बचाते हैं, जब तक उसकी अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली परिपक्व नहीं हो जाती। यह प्राकृतिक रूप से प्राप्त निष्क्रिय प्रतिरक्षा का उदाहरण है, क्योंकि शिशु स्वयं प्रतिरक्षी बनाने के बजाय बने-बनाए प्रतिरक्षी पाता है। इसीलिए डॉक्टर जन्म के पहले घंटे में ही स्तनपान शुरू करने की सलाह देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक महीने बाद का दूध परिपक्व दूध है, जिसमें पोषक तत्व तो बहुत हैं पर खीस की तुलना में प्रतिरक्षी बहुत कम होते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि संक्रमणकालीन दूध खीस के बाद, लगभग पाँचवें दिन से दूसरे सप्ताह तक आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि खनिजयुक्त दूध मानव स्तन दूध की कोई अवस्था नहीं है। परीक्षा टिप: खीस में IgA होता है और यह नवजात को निष्क्रिय प्रतिरक्षा देता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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