यदि किसी कुंडली के अंदर गतिमान चुंबक की चाल बढ़ा दी जाए, तो कुंडली में विद्युत धारा
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.उलट जाती है
- D.वैसी ही रहती है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, बढ़ जाती है। जब कोई चुंबक कुंडली के भीतर चलता है, तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, और यही बदलाव विद्युत वाहक बल (emf) तथा धारा पैदा करता है। इसे विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं, जिसकी खोज माइकल फैराडे ने 1831 में की थी। फैराडे का नियम कहता है कि प्रेरित emf चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के बराबर होता है। चुंबक तेज़ चले तो फ्लक्स जल्दी बदलता है, इसलिए प्रेरित emf अधिक होता है और कुंडली का प्रतिरोध वही रहने पर धारा भी अधिक होती है। अधिक शक्तिशाली चुंबक या अधिक फेरों वाली कुंडली से भी धारा बढ़ती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तेज़ चुंबक से फ्लक्स जल्दी बदलता है, जिससे धारा कभी घटती नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि धारा की दिशा इस पर निर्भर है कि चुंबक अंदर जा रहा है या बाहर और कौन-सा ध्रुव आगे है, जैसा लेंज़ का नियम बताता है, चाल पर नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि धारा फ्लक्स परिवर्तन की दर पर निर्भर है, इसलिए वह वैसी नहीं रहती। परीक्षा टिप: प्रेरित धारा गति की चाल, चुंबक की शक्ति और फेरों की संख्या के साथ बढ़ती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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