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GK24
अर्थव्यवस्थाआसान

एआईआईबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 11वीं वार्षिक बैठक किस शहर में हो रही है?

  1. A.रियाद
  2. B.अबू धाबी
  3. C.दोहा
  4. D.कुवैत सिटी

सही उत्तर

C. दोहा

व्याख्या

सही उत्तर दोहा है। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की ग्यारहवीं वार्षिक बैठक कतर की राजधानी दोहा में होनी है और केंद्रीय वित्त मंत्री इसी के लिए आधिकारिक यात्रा पर गई हैं। विकल्प A यानी रियाद सऊदी अरब की राजधानी है, और सऊदी समकक्ष से बैठक प्रस्तावित होने के बावजूद बैठक का स्थान वहाँ नहीं है। विकल्प B यानी अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात में है और मेजबान शहर नहीं है। विकल्प D यानी कुवैत सिटी भी खाड़ी की एक अलग राजधानी है। परीक्षार्थियों को बैठक का संस्करण, यानी ग्यारहवाँ, और मेजबान शहर दोहा एक साथ जोड़कर रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न में इनमें से एक बदला जा सकता है। इसके साथ यह भी याद रखें कि वित्त मंत्री इसी यात्रा में कतर सरकार के नेतृत्व से मुलाकात करेंगी तथा कतरी कारोबारियों और निवेशकों से बातचीत करेंगी, जिससे यह दौरा केवल बैठक तक सीमित नहीं रहता।

पूरा लेख पढ़ें: एआईआईबी की 11वीं वार्षिक बैठक, सीतारमण कतर यात्रा पर

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के शेयरधारकों में भारत का कौन सा स्थान है?

  1. A.सबसे बड़ा शेयरधारक
  2. B.दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक
  3. C.तीसरा सबसे बड़ा शेयरधारक
  4. D.पाँचवाँ सबसे बड़ा शेयरधारक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक

व्याख्या

सही उत्तर दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। भारत एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है और इसी हैसियत से केंद्रीय वित्त मंत्री बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की वार्षिक बैठक में एआईआईबी के लिए भारत की गवर्नर के रूप में शामिल होती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारत इस संस्था का सबसे बड़ा शेयरधारक नहीं है, भले उसकी हिस्सेदारी उसे अग्रणी आवाज देती है। विकल्प C और D यानी तीसरा और पाँचवाँ स्थान भारत की स्थिति को कम करके बताते हैं और अन्य सदस्यों को उससे आगे रख देते हैं। जब भी एआईआईबी परीक्षा में आता है, यही स्थान सबसे अधिक पूछा जाता है, इसलिए इसे बैंक की प्रकृति के साथ दोहराना चाहिए, जो एशिया में संपोषित बुनियादी ढांचे का बहुपक्षीय विकास बैंक है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

एआईआईबी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भारत की गवर्नर के रूप में कौन प्रतिनिधित्व करते हैं?

  1. A.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
  2. B.केंद्रीय वित्त मंत्री
  3. C.केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
  4. D.नीति आयोग के उपाध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय वित्त मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय वित्त मंत्री है। एआईआईबी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की वार्षिक बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री एआईआईबी के लिए भारत की गवर्नर के रूप में शामिल होती हैं और इस अवसर पर वे वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी कर रही हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर केंद्रीय बैंक के प्रमुख हैं और इस बोर्ड में भारत की सीट उनके पास नहीं होती। विकल्प C गलत है, क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग विभाग व्यापार तथा औद्योगिक नीति देखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीति आयोग सरकार का नीति विषयक थिंक टैंक है और उसकी ऐसी प्रतिनिधि भूमिका नहीं है। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि वे एआईआईबी अध्यक्ष तथा जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के समकक्षों से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी, जो इस यात्रा का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

वर्ष 2025-26 में भारत के प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों ने कितना माल संभाला?

  1. A.950 मिलियन मीट्रिक टन
  2. B.1,200 मिलियन मीट्रिक टन
  3. C.1,668 मिलियन मीट्रिक टन
  4. D.2,400 मिलियन मीट्रिक टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1,668 मिलियन मीट्रिक टन

व्याख्या

सही उत्तर 1,668 मिलियन मीट्रिक टन है, जो 2025-26 में भारत के बंदरगाहों से गुजरा माल है, और व्यापार बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है। भारत में 12 प्रमुख और 217 गैर-प्रमुख बंदरगाह हैं, इसलिए यह कुल दोनों श्रेणियों को मिलाकर बनता है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D में दिए 950, 1,200 और 2,400 मिलियन मीट्रिक टन गढ़े हुए आंकड़े हैं और उस वर्ष के रिकॉर्ड से इनका कोई संबंध नहीं है। इस आंकड़े के आसपास कुछ और अंक याद रखने लायक हैं, जैसे 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 2.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर का विशेष आर्थिक क्षेत्र, 14,500 किलोमीटर से अधिक अंतर्देशीय जलमार्ग, 30 मिलियन से ज्यादा लोगों की रोजी और 2026 के मध्य में 1,609 जहाजों तथा 14.33 मिलियन सकल टनभार का भारतीय बेड़ा।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

संप्रभु गारंटी का उपयोग करने से पहले भारत समुद्री बीमा पूल अपनी आरक्षित निधियों से कितनी राशि तक के दावे चुकाता है?

  1. A.50 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  2. B.100 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  3. C.500 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  4. D.1.5 अरब अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। इस सीमा तक के दावे पूल की संचित आरक्षित निधियों और पुनर्बीमा वसूली से पूरे किए जाते हैं, और सरकार की गारंटी तभी सक्रिय होती है जब ये निधियां पूरी तरह समाप्त हो जाएं। यह परतदार बनावट ही इस ढांचे का मूल विचार है, जिसमें सामान्य नुकसान व्यावसायिक स्तर पर सहे जाते हैं और संप्रभु सहारा अंतिम उपाय के रूप में बचाकर रखा जाता है, ताकि उस पर निर्भरता कम से कम रहे। विकल्प D यानी 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर पूल की कुल हामीदारी क्षमता है, दावे की सीमा नहीं, इसलिए वह आकर्षक जाल बनता है। विकल्प A और विकल्प C गढ़े हुए आंकड़े हैं। परीक्षार्थी दावा सीमा, संप्रभु गारंटी और कुल क्षमता, तीनों अंक साथ जोड़कर याद रखें।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत समुद्री बीमा पूल का पूल प्रशासक किसे बनाया गया है?

  1. A.भारतीय साधारण बीमा निगम
  2. B.भारतीय जीवन बीमा निगम
  3. C.भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण
  4. D.न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय साधारण बीमा निगम

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय साधारण बीमा निगम यानी जीआईसी री है, जिसने पूल प्रबंधक और प्रशासक का दायित्व संभाला है। वह पूल का रोजमर्रा का संचालन, प्रदर्शन रिपोर्ट देना और हामीदारी, दावों तथा नियामक अनुपालन की व्यवस्थाएं देखता है। विकल्प D यानी न्यू इंडिया एश्योरेंस सबसे मजबूत भ्रम है, क्योंकि यह सदस्य बीमा कंपनी है और इसने शुरुआती कई पॉलिसियां जारी भी कीं, जिनमें पहली हल एवं मशीनरी युद्ध पॉलिसी तथा पहली संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति पॉलिसी शामिल हैं, पर पॉलिसी जारी करना प्रशासक होना नहीं है। विकल्प B यानी जीवन बीमा निगम जीवन बीमा का काम करता है और समुद्री जोखिम में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C क्षेत्र का नियामक है और किसी पूल का संचालन नहीं करता। यहां दो और ढांचे महत्वपूर्ण हैं, शासी निकाय और हामीदारी समिति।