ध्वनि और प्रकाश तरंगें हैं
- A.वायु में क्रमशः अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ
- B.वायु में क्रमशः अनुप्रस्थ और अनुदैर्ध्य
- C.वायु में दोनों अनुदैर्ध्य
- D.वायु में दोनों अनुप्रस्थ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, वायु में क्रमशः अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ। ध्वनि संपीडन और विरलन के रूप में चलती है, जबकि प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत-चुंबकीय तरंग है।
अनुदैर्ध्य तरंग में माध्यम के कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिस दिशा में तरंग चलती है। वायु में ध्वनि इसी प्रकार चलती है; उसे माध्यम चाहिए और 20 °C पर उसकी चाल लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है। अनुप्रस्थ तरंग में कंपन चलने की दिशा के लंबवत होता है। प्रकाश में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के और चलने की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, इसलिए वह अनुप्रस्थ है; उसे माध्यम नहीं चाहिए और उसका ध्रुवण हो सकता है, जो अनुदैर्ध्य तरंग में संभव नहीं।
B गलत है क्योंकि इसमें दोनों तरंगों के प्रकार उलट दिए गए हैं। C गलत है क्योंकि प्रकाश कभी अनुदैर्ध्य नहीं होता; उसका ध्रुवण सिद्ध करता है कि वह अनुप्रस्थ है। D गलत है क्योंकि वायु में ध्वनि अनुप्रस्थ नहीं हो सकती, क्योंकि गैसें अनुप्रस्थ तरंग के लिए आवश्यक कर्तन गति नहीं सह सकतीं।
Exam tip: वायु में ध्वनि = अनुदैर्ध्य, माध्यम आवश्यक; प्रकाश = अनुप्रस्थ, ध्रुवण संभव, निर्वात में चलता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ द्वारा डाला गया दाब कहलाता है
- A.1 पास्कल
- B.1 वायुमंडल (एटमॉस्फियर)
- C.1 बार
- D.1 पॉइज़
उत्तर देखें
समुद्र तल पर मानक वायुमंडलीय दाब को 0 °C पर पारे के 760 मिमी स्तंभ के दाब के रूप में परिभाषित किया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है। बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →काँच के गिलास में पानी में रखा नींबू अपने वास्तविक आकार से बड़ा दिखाई देता है। इसका कारण है
- A.प्रकाश का परावर्तन
- B.प्रकाश का प्रकीर्णन
- C.प्रकाश का अपवर्तन
- D.प्रकाश का ध्रुवण
उत्तर देखें
नींबू बड़ा इसलिए दिखता है कि उससे आने वाला प्रकाश पानी से वक्र काँच होकर हवा में जाते समय मुड़ जाता है।
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