निम्नलिखित में से कौन-सा बायोगैस का प्रमुख घटक है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.नाइट्रस ऑक्साइड
- C.मीथेन
- D.ऑक्सीजन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, मीथेन। बायोगैस का सबसे बड़ा भाग मीथेन होता है, प्रायः 55 से 75 प्रतिशत, और यही गैस जलती है।
बायोगैस तब बनती है जब बंद डाइजेस्टर में ऑक्सीजन के अभाव में जीवाणु गोबर, रसोई का कचरा या फ़सल अवशेष को तोड़ते हैं। मीथेन बनाने वाले ये जीवाणु, जिन्हें मेथैनोजन कहते हैं, मवेशियों के रूमेन में भी रहते हैं, इसीलिए गोबर में ये भरपूर होते हैं। गैस का बाकी भाग अधिकतर कार्बन डाइऑक्साइड है, साथ में थोड़ी हाइड्रोजन सल्फ़ाइड और हाइड्रोजन। बायोगैस खाना पकाने और रोशनी के लिए साफ़ नीली लौ से जलती है, और बची हुई घोल-खाद अच्छी खाद है।
A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड बायोगैस का दूसरा सबसे बड़ा भाग है, मुख्य नहीं, और यह जलती नहीं।
B गलत है, क्योंकि नाइट्रस ऑक्साइड बायोगैस का उल्लेखनीय घटक नहीं है।
D गलत है, क्योंकि डाइजेस्टर ऑक्सीजन के बिना काम करता है; बायोगैस में ऑक्सीजन लगभग नहीं होती।
Exam tip: बायोगैस, गोबर गैस और प्राकृतिक गैस (CNG) मुख्यतः मीथेन हैं; LPG मुख्यतः ब्यूटेन और प्रोपेन है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का शुद्धतम रूप है?
- A.चारकोल (काष्ठ कोयला)
- B.कोक
- C.फ़ुलरीन
- D.कार्बन ब्लैक
उत्तर देखें
फ़ुलरीन केवल कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं और उनकी कोई ऐसी सतह नहीं होती जो दूसरे पदार्थों को फँसाए, इसलिए इन्हें कार्बन का शुद्धतम रूप माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक ग्रह का द्रव्यमान M₁ और त्रिज्या R₁ है। इसकी सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान g₁ है। एक अन्य ग्रह 2 का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पहले ग्रह के दोगुने हैं। ग्रह 2 की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.g₁
- B.2g₁
- C.g₁/2
- D.g₁/4
उत्तर देखें
सतह पर गुरुत्वीय त्वरण g = GM/R² है, इसलिए द्रव्यमान दोगुना होने से g दोगुना होता है और त्रिज्या दोगुनी होने से चार गुना घटता है, यानी g₁ × 2/4 = g₁/2।
पूरी व्याख्या पढ़ें →काँच के गिलास में पानी में रखा नींबू अपने वास्तविक आकार से बड़ा दिखाई देता है। इसका कारण है
- A.प्रकाश का परावर्तन
- B.प्रकाश का प्रकीर्णन
- C.प्रकाश का अपवर्तन
- D.प्रकाश का ध्रुवण
उत्तर देखें
नींबू बड़ा इसलिए दिखता है कि उससे आने वाला प्रकाश पानी से वक्र काँच होकर हवा में जाते समय मुड़ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष रदरफ़ोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग से नहीं निकाला जा सकता था?
- A.परमाणु का अधिकांश भाग खाली होता है।
- B.परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या की लगभग 10⁵ गुना होती है।
- C.इलेक्ट्रॉन नियत ऊर्जा वाले वृत्ताकार पथों में घूमते हैं, जिन्हें कक्षाएँ कहते हैं।
- D.परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में रहता है।
उत्तर देखें
। नियत ऊर्जा वाली कक्षाओं का प्रस्ताव नील्स बोर ने 1913 में दिया था; रदरफ़ोर्ड का प्रयोग इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा के बारे में कुछ नहीं बताता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुखीय गर्भनिरोधक गोलियों की क्रिया-विधि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- A.वे अंडाणु को मार देती हैं।
- B.वे शुक्राणु को मार देती हैं।
- C.वे युग्मनज को मार देती हैं।
- D.वे अंडाणु के मोचन को रोकती हैं।
उत्तर देखें
। मुखीय गर्भनिरोधक गोलियाँ मुख्य रूप से अंडाशय से अंडाणु के निकलने को रोककर गर्भधारण रोकती हैं।
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