भारत की संसद के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?
- A.राज्य सभा के अधिकांश सदस्य एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने जाते हैं
- B.राज्य सभा के उपसभापति को राष्ट्रपति राज्य सभा के सदस्यों में से मनोनीत करते हैं
- C.लोक सभा को उसका पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग नहीं किया जा सकता
- D.लोक सभा के सदस्य भी राज्य सभा के सदस्यों के चुनाव में मतदान करते हैं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A। राज्य सभा के अधिकतर सदस्य राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।
अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्य सभा की अधिकतम संख्या 250 है: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकतम 238 प्रतिनिधि, और साहित्य, विज्ञान, कला तथा समाज सेवा के ज्ञान के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 12 सदस्य। निर्वाचित सीटें, जो भारी बहुमत में हैं, हर राज्य के विधायक अनुच्छेद 80(4) के अनुसार एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से भरते हैं। सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दूसरे वर्ष एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं, इसलिए यह सदन कभी भंग नहीं होता।
B गलत है: अनुच्छेद 89 के अनुसार उपसभापति को राज्य सभा स्वयं अपने सदस्यों में से चुनती है।
C गलत है: मंत्रिपरिषद की सलाह पर राष्ट्रपति लोक सभा को समय से पहले भंग कर सकते हैं, और ऐसा कई बार हुआ है।
D गलत है: राज्य सभा के चुनाव में लोक सभा सदस्य मतदान नहीं करते, केवल निर्वाचित विधायक करते हैं।
परीक्षा टिप: राज्य सभा सदस्य विधायकों द्वारा एकल संक्रमणीय मत से चुने जाते हैं; उपसभापति सदन चुनता है (अनुच्छेद 89)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी संसदीय समिति इस बात की जाँच कर सदन को प्रतिवेदन देती है कि संविधान द्वारा प्रदत्त या संसद द्वारा प्रत्यायोजित विनियम, नियम, उपनियम, उपविधियाँ आदि बनाने की शक्तियों का कार्यपालिका द्वारा ऐसे प्रत्यायोजन की सीमा के भीतर उचित रूप से प्रयोग किया जा रहा है या नहीं?
- A.सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति
- B.अधीनस्थ विधान संबंधी समिति
- C.नियम समिति
- D.कार्य मंत्रणा समिति
उत्तर देखें
यह समिति जाँचती है कि प्रत्यायोजित शक्तियों के अंतर्गत कार्यपालिका द्वारा बनाए गए नियम, विनियम और उपविधियाँ संसद द्वारा तय सीमाओं के भीतर हैं या नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकसभा के उपाध्यक्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. लोकसभा की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमों के अनुसार उपाध्यक्ष का निर्वाचन उस तिथि को होगा, जो अध्यक्ष नियत करे।
2. यह अनिवार्य प्रावधान है कि लोकसभा उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित उम्मीदवार या तो प्रमुख विपक्षी दल से हो या सत्तारूढ़ दल से।
3. सदन की बैठक की अध्यक्षता करते समय उपाध्यक्ष को अध्यक्ष के समान शक्ति होती है और उसके निर्णयों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती।
4. उपाध्यक्ष की नियुक्ति के संबंध में सुस्थापित संसदीय प्रथा यह है कि प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा रखा जाता है और प्रधानमंत्री द्वारा उसका विधिवत समर्थन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 3
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 3 और 4
- D.केवल 2 और 4
उत्तर देखें
उपाध्यक्ष के निर्वाचन की तिथि अध्यक्ष तय करता है, और पीठासीन उपाध्यक्ष को अध्यक्ष की पूरी शक्तियाँ होती हैं; कथन 2 और 4 ऐसे नियम बताते हैं जो हैं ही नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में न्यायालयों द्वारा जारी की जाने वाली रिटों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. परमादेश (मैंडमस) किसी निजी संगठन के विरुद्ध तब तक जारी नहीं होगा, जब तक उसे कोई लोक कर्तव्य न सौंपा गया हो।
2. परमादेश किसी कंपनी के विरुद्ध जारी नहीं होगा, भले ही वह सरकारी कंपनी हो।
3. कोई भी लोकहित-चिंतक व्यक्ति अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट पाने के लिए न्यायालय में याचिका दायर कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
परमादेश हर उस संस्था पर लागू होता है जिस पर कोई लोक कर्तव्य है, सरकारी कंपनियों पर भी, और अधिकार-पृच्छा की माँग कोई भी इच्छुक व्यक्ति कर सकता है, केवल पीड़ित नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक भारत के संविधान का कार्य नहीं है?
- A.राजनीति में अच्छे लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना
- B.नागरिकों को अधिकारों का एक समूह प्रत्याभूत करना
- C.सरकार के विभिन्न अंगों की शक्तियों को परिभाषित करना
- D.एक न्यायपूर्ण समाज के लिए परिस्थितियां बनाना
उत्तर देखें
संविधान नियम और सीमाएं तय कर सकता है, पर यह गारंटी नहीं दे सकता कि अच्छे लोग ही राजनीति में आएंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मौलिक अधिकारों का भाग नहीं है?
- A.शिक्षा का अधिकार
- B.अल्पसंख्यकों द्वारा शिक्षण संस्थाओं की स्थापना का अधिकार
- C.उपाधियां प्रदान किए जाने का अधिकार
- D.अस्पृश्यता के विरुद्ध अधिकार
उत्तर देखें
संविधान इसका उल्टा करता है: अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है, इसलिए उपाधि पाना कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
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