भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत प्रख्यापित अध्यादेश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इसे राज्य की विधान सभा के समक्ष, या जहाँ राज्य में विधान परिषद है वहाँ दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा 2. यह विधानमंडल के पुनः समवेत होने से दो महीने की समाप्ति पर प्रवर्तन में नहीं रहेगा 3. राज्यपाल इसे किसी भी समय वापस ले सकते हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल का अध्यादेश राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जाता है और राज्यपाल इसे कभी भी वापस ले सकते हैं, लेकिन विधानमंडल के पुनः समवेत होने के बाद इसकी अवधि छह सप्ताह होती है, दो महीने नहीं।
जब राज्य का विधानमंडल (या दो सदन होने पर कोई एक सदन) सत्र में न हो और तुरंत कार्रवाई ज़रूरी हो, तब अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है। इसका बल विधानमंडल के अधिनियम के समान होता है। इसे विधान सभा के समक्ष, और विधान परिषद वाले राज्य में दोनों सदनों के समक्ष रखना होता है। पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद यह स्वतः समाप्त हो जाता है, यदि पहले ही अस्वीकृत न कर दिया जाए।
A गलत है: कथन 3 भी सही है।
B गलत है: कथन 1 भी सही है।
D गलत है: कथन 2 में दो महीने लिखा है, जबकि संविधान छह सप्ताह की अवधि तय करता है।
परीक्षा टिप: अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति का अध्यादेश, अनुच्छेद 213 राज्यपाल का; दोनों पुनः समवेत होने के छह सप्ताह बाद समाप्त हो जाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कथन किसी देश के 'संविधान' के मुख्य उद्देश्य को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
- A.यह आवश्यक कानून बनाने का उद्देश्य निर्धारित करता है।
- B.यह राजनीतिक पदों और सरकार के सृजन को संभव बनाता है।
- C.यह सरकार की शक्तियों को परिभाषित और सीमित करता है।
- D.यह सामाजिक न्याय, सामाजिक समानता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
उत्तर देखें
संविधान का मूल विचार संविधानवाद है: सरकार को शक्ति दी जाती है, पर केवल तय सीमाओं के भीतर। संविधान राज्य के अंगों की स्थापना करता है और उनके बीच शक्ति बाँटता है, पर इसका मुख्य उद्देश्य उस शक्ति को मनमानी बनने से रोकना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संशोधन के लिए कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक है?
- A.आठवीं अनुसूची में नई भाषा जोड़ने वाला संशोधन
- B.राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बदलने वाला संशोधन
- C.किसी राज्य का नाम बदलने वाला संशोधन
- D.मंत्रियों के वेतन में परिवर्तन करने वाला संशोधन
उत्तर देखें
अनुच्छेद 368(2) उन प्रावधानों की सूची देता है जिनके संशोधन के लिए प्रत्येक सदन में विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन भी आवश्यक है: राष्ट्रपति का निर्वाचन, संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय, संघ और राज्यों…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस संशोधन ने मंत्रिपरिषद का आकार सदन की सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित किया?
- A.88वां संशोधन अधिनियम
- B.91वां संशोधन अधिनियम
- C.97वां संशोधन अधिनियम
- D.104वां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
इसने अनुच्छेद 75 और 164 में खंड जोड़े, जिनके अनुसार प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा अथवा राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, और राज्य में न्यूनतम सीमा बारह मंत्री है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान की नौवीं अनुसूची, जो कुछ कानूनों को न्यायिक समीक्षा से संरक्षण देती है, किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
- A.पहला संशोधन अधिनियम, 1951
- B.चौथा संशोधन अधिनियम, 1955
- C.सातवां संशोधन अधिनियम, 1956
- D.सत्रहवां संशोधन अधिनियम, 1964
उत्तर देखें
इसने अनुच्छेद 31ख तथा नौवीं अनुसूची जोड़ी, जिससे राज्यों के जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार कानूनों को मूल अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर अपास्त न किया जा सके; साथ ही इसने अनुच्छेद 19(2) में वाक् स्वातंत्र्य पर युक्तियुक्त निर्बंधन और पिछड़े वर्गों की उन्नति के लिए अनुच्छेद 15(4) जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्यारहवीं अनुसूची, जिसमें पंचायतों के विषय दिए गए हैं, किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?
- A.73वां संशोधन अधिनियम
- B.74वां संशोधन अधिनियम
- C.65वां संशोधन अधिनियम
- D.97वां संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
इस अनुसूची में उनतीस विषय हैं जो राज्य पंचायतों को सौंप सकता है, जिनमें कृषि, लघु सिंचाई, ग्रामीण आवास, पेयजल और गरीबी उपशमन शामिल हैं।
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