अमोनिया के निर्माण की प्रचलित विधि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- A.ओस्टवाल्ड प्रक्रम
- B.हेबर-बॉश प्रक्रम
- C.विद्युत भट्ठी प्रक्रम
- D.विद्युत अपघटन प्रक्रम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, हेबर-बॉश प्रक्रम। दुनिया की लगभग सारी अमोनिया इसी प्रक्रम में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन को सीधे मिलाकर बनाई जाती है। हेबर-बॉश प्रक्रम में वायु से ली गई नाइट्रोजन और प्रायः प्राकृतिक गैस से प्राप्त हाइड्रोजन को 1 और 3 के अनुपात में अभिक्रिया कराई जाती है। यह अभिक्रिया लगभग 450 से 500 डिग्री सेल्सियस ताप और करीब 200 वायुमंडल दाब पर होती है, जिसमें बारीक लोहा उत्प्रेरक और मॉलिब्डेनम वर्धक का काम करता है। फ्रिट्ज़ हेबर ने यह अभिक्रिया खोजी और कार्ल बॉश ने इसे उद्योग के स्तर पर पहुँचाया; दोनों को नोबेल पुरस्कार मिला। इस अमोनिया का मुख्य उपयोग यूरिया जैसे उर्वरक बनाने में होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओस्टवाल्ड प्रक्रम अमोनिया के ऑक्सीकरण से नाइट्रिक अम्ल बनाता है, यानी वह अमोनिया का उपयोग करता है, उसे बनाता नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत भट्ठी प्रक्रम कैल्शियम कार्बाइड और फॉस्फोरस जैसे उत्पादों के लिए है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विद्युत अपघटन से सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्लोरीन और एल्युमिनियम जैसी धातुएँ बनती हैं। परीक्षा टिप: हेबर से अमोनिया, ओस्टवाल्ड से नाइट्रिक अम्ल, संपर्क प्रक्रम से सल्फ्यूरिक अम्ल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा, स्तनपान कराने वाली माँ द्वारा उत्पन्न वह विशेष प्रकार का दूध है, जो मानव नवजात शिशु में प्रतिरक्षा अनुक्रिया के विकास के लिए आवश्यक है?
- A.प्रसव के एक महीने बाद बनने वाला स्तन दूध
- B.संक्रमणकालीन दूध
- C.खीस (कोलोस्ट्रम)
- D.खनिजयुक्त दूध
उत्तर देखें
खीस वह गाढ़ा, पीलापन लिए पहला दूध है जो माँ प्रसव के बाद शुरुआती कुछ दिनों में बनाती है। इसकी मात्रा कम होती है, पर इसमें प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), विशेषकर इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA), के साथ श्वेत रक्त कोशिकाएँ, प्रोटीन और विटामिन A भरपूर होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि किसी कुंडली के अंदर गतिमान चुंबक की चाल बढ़ा दी जाए, तो कुंडली में विद्युत धारा
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.उलट जाती है
- D.वैसी ही रहती है
उत्तर देखें
जब कोई चुंबक कुंडली के भीतर चलता है, तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, और यही बदलाव विद्युत वाहक बल (emf) तथा धारा पैदा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाने के सोडे (कुकिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र है
- A.NaCl
- B.NaOCl
- C.Na2CO3
- D.NaHCO3
उत्तर देखें
खाने का सोडा, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी सोडियम बाइकार्बोनेट है। यह एक हल्का क्षार है, जिसमें सोडियम, हाइड्रोजन और कार्बन का एक-एक तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थर्मस फ़्लास्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.फ़्लास्क की दीवारों के बीच निर्वात होता है और वे कांच की बनी होती हैं, जो ऊष्मा का कुचालक है
- B.कांच की दीवारों की सतहें स्वयं चमकीली होती हैं
- C.भीतरी दीवार की सतह अच्छी मात्रा में ऊष्मा विकिरित करती है और बाहरी दीवार की सतह भीतरी दीवार से विकिरित ऊष्मा का कुछ भाग अवशोषित करती है
- D.कॉर्क के आधार ऊष्मा के कुचालक होते हैं
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि थर्मस फ़्लास्क की भीतरी दीवार पर चांदी की परत होती है, जिससे वह बहुत कम ऊष्मा विकिरित करती है; बाहरी दीवार की चमकीली सतह भी ऊष्मा को अवशोषित करने के बजाय वापस परावर्तित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्य एक जूल कहा जाता है, जब किसी बल द्वारा
- A.4 N का बल किसी वस्तु को 25 cm विस्थापित करता है।
- B.2 N का बल किसी वस्तु को 1 m विस्थापित करता है।
- C.1 N का बल किसी वस्तु को 1 cm विस्थापित करता है।
- D.1 N का बल किसी वस्तु को 50 cm विस्थापित करता है।
उत्तर देखें
कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, और 4 N गुणा 0.25 m ठीक 1 जूल होता है। एक जूल वह कार्य है जो तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर खिसकाता है, अर्थात 1 J = 1 N m।
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