72वीं वार्षिक आमसभा में बताई गई भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की सदस्यता कितनी है?
- A.9,611
- B.10,116
- C.11,611
- D.16,111
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 11,611 है। संस्थान की सदस्यता इसी आंकड़े तक पहुंची है और मंत्री ने बताया कि सदस्यता के ढांचे को व्यापक किया गया है, जिससे युवा पेशेवर और हाल के स्नातक भी जुड़ सकें। विकल्प A, B और D उन्हीं अंकों के मिलते-जुलते रूप हैं और दिए गए आंकड़े से मेल नहीं खाते, इसलिए गलत हैं। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसी पर आगे की बात टिकी है: इस आकार की सदस्यता के साथ संस्थान अनुभवी प्रशासकों, युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाता है, और देशव्यापी पहुंच बढ़ाने का आह्वान इसी मिश्रण का उपयोग करने के लिए है। बैठक में यह भी बताया गया कि 31 मार्च 2026 तक संस्थान की 26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय शाखाएं थीं।
पूरा लेख पढ़ें: आईआईपीए की 72वीं आमसभा, सदस्यता 11,611 पहुंची
अभ्यास प्रश्न
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष कौन हैं, जिनकी उपस्थिति में 72वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित किया गया?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
- C.डॉ. जितेंद्र सिंह
- D.कैबिनेट सचिव
उत्तर देखें
सही उत्तर भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन हैं, जो भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष पद पर हैं और 72वीं वार्षिक आमसभा के संबोधन के समय उपस्थित थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1947
- B.1950
- C.1954
- D.1959
उत्तर देखें
72वीं वार्षिक आमसभा में बोलते हुए मंत्री ने इसी वर्ष हुई स्थापना से संस्थान की यात्रा का उल्लेख किया और सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत तथा राष्ट्र निर्माण में सिविल सेवाओं की भूमिका का स्मरण किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →31 मार्च 2026 तक आईआईपीए की कितनी क्षेत्रीय और स्थानीय शाखाएं थीं?
- A.26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय
- B.43 क्षेत्रीय और 26 स्थानीय
- C.13 क्षेत्रीय और 45 स्थानीय
- D.35 क्षेत्रीय और 30 स्थानीय
उत्तर देखें
सही उत्तर 26 क्षेत्रीय शाखाएं और 43 स्थानीय शाखाएं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'सरदार कथा' कार्यक्रम में कौन से उपराज्यपाल अतिथियों में शामिल थे?
- A.तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल
- B.मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल
- C.प्रफुल्ल पटेल, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक
- D.आर. के. माथुर, लद्दाख के उपराज्यपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल हैं, जो अन्य आमंत्रित अतिथियों के साथ उपराष्ट्रपति भवन के इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उपराष्ट्रपति के संबोधन के अनुसार स्वतंत्रता के समय कितनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था?
- A.350 से अधिक
- B.450 से अधिक
- C.550 से अधिक
- D.650 से अधिक
उत्तर देखें
वर्ष 1947 की स्थिति याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन ने देश को अनिश्चय में डाल दिया था और इतनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था, जिसे सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता, प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया।
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