उपराष्ट्रपति के संबोधन के अनुसार स्वतंत्रता के समय कितनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था?
- A.350 से अधिक
- B.450 से अधिक
- C.550 से अधिक
- D.650 से अधिक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 550 से अधिक है। वर्ष 1947 की स्थिति याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन ने देश को अनिश्चय में डाल दिया था और इतनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था, जिसे सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता, प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया। विकल्प A, B और D में दिए आंकड़े या तो कम हैं या अधिक। भारत के राजनीतिक एकीकरण पर किसी भी प्रश्न में यह संख्या केंद्रीय होती है, इसलिए इसे ठीक-ठीक याद रखना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने इस काम को आज से जोड़ते हुए कहा कि वही एकता का भाव अब विकसित भारत @2047 के मिशन में लगाया जा रहा है, और 1947 से अब तक का सफर साहस तथा सामूहिक संकल्प का रहा है, जबकि 2047 तक का सफर इससे भी बड़ी महत्वाकांक्षा मांगेगा।
पूरा लेख पढ़ें: उपराष्ट्रपति भवन में 'सरदार कथा', उपराष्ट्रपति शामिल हुए
अभ्यास प्रश्न
उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में हुई 'सरदार कथा' किसने प्रस्तुत की?
- A.डॉ. शोभना राधाकृष्ण
- B.सुधा मूर्ति
- C.डॉ. किरण बेदी
- D.चित्रा मुद्गल
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उनके वाचन ने उपराष्ट्रपति भवन में जुटे श्रोताओं तक सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, आदर्शों और योगदान को पहुंचाया, और अंत में उपराष्ट्रपति ने उन्हें तथा उनकी टीम को धन्यवाद दिया कि कथा की परंपरा से यह विरासत श्रोताओं के और निकट आई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →31 अक्टूबर 2026 का राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की कौन सी जयंती पर मनाया गया?
- A.148वीं
- B.150वीं
- C.151वीं
- D.152वीं
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राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को पड़ता है क्योंकि यही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है, और वर्ष 2026 में देश ने उनकी 151वीं जयंती मनाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'सरदार कथा' कार्यक्रम में कौन से उपराज्यपाल अतिथियों में शामिल थे?
- A.तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल
- B.मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल
- C.प्रफुल्ल पटेल, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक
- D.आर. के. माथुर, लद्दाख के उपराज्यपाल
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सही उत्तर तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल हैं, जो अन्य आमंत्रित अतिथियों के साथ उपराष्ट्रपति भवन के इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन किन निकायों के कागज रहित कामकाज में सहायता करती है?
- A.राज्य विधानमंडल
- B.जिला न्यायालय
- C.ग्राम पंचायतें
- D.केंद्रीय विश्वविद्यालय
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नेवा को संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल बताया गया है और यह राज्य विधानमंडलों के कागज रहित कामकाज को संभालती है, जिससे विधायी कामकाज तेज होता है और कागज की खपत घटती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6.0 के तहत संसदीय कार्य मंत्रालय ने कितनी ई-फाइलें बंद कीं?
- A.58
- B.117
- C.134
- D.200
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मंत्रालय ने अभियान के दौरान 200 ई-फाइलों की समीक्षा की और उनमें से 117 बंद कर दीं। बाकी तीनों विकल्प इसी समूह के दूसरे आंकड़े हैं, और इसी वजह से यह प्रश्न ध्यान से पढ़ने लायक है।
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