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आईआईपीए की 72वीं आमसभा, सदस्यता 11,611 पहुंची

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की 72वीं वार्षिक आमसभा में डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशव्यापी पहुंच पर जोर दिया, संस्थान की सदस्यता 11,611 तक पहुंच गई है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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आईआईपीए की 72वीं आमसभा, सदस्यता 11,611 पहुंची

चर्चा में क्यों

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की 72वीं वार्षिक आमसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्षेत्रीय एवं स्थानीय शाखाओं को मजबूत कर देशव्यापी पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया और बताया कि संस्थान की सदस्यता 11,611 तक पहुंच गई है।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) की 72वीं वार्षिक आमसभा हुई, जिसमें संस्थान को दिल्ली से बाहर ले जाने का आह्वान किया गया। आईआईपीए की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शासन में समावेशी क्षमता निर्माण की कुंजी देशव्यापी पहुंच है।

कौन उपस्थित रहे

डॉ. जितेंद्र सिंह केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री भी हैं। उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति तथा आईआईपीए के अध्यक्ष श्री सी. पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति में संबोधन दिया। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और संस्थान के शासी निकायों के सदस्य भी मौजूद थे।

राष्ट्रीय राजधानी से आगे

मंत्री की मुख्य बात भौगोलिक विस्तार की थी। उन्होंने कहा कि संस्थान की शिक्षण सामग्री, शैक्षणिक गतिविधियों और पेशेवर नेटवर्क को व्यापक समुदाय तक पहुंचाने का रास्ता क्षेत्रीय एवं स्थानीय शाखाओं को मजबूत करना तथा उन्हें भागीदारी और ज्ञान प्रसार का माध्यम बनाना है। लोक प्रशासन में क्षमता निर्माण दिल्ली तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर क्षेत्र के अधिकारियों और पेशेवरों तक पहुंचना चाहिए।

सदस्यता और पहुंच

संस्थान की सदस्यता बढ़कर 11,611 हो गई है, जिसमें युवा पेशेवरों और हाल के स्नातकों की भागीदारी बढ़ी है। इससे संस्थान को अनुभवी प्रशासकों, नए प्रवेशकों और शोधकर्ताओं का मिश्रण मिलता है। 31 मार्च 2026 तक देश भर में उसकी 26 क्षेत्रीय शाखाएं और 43 स्थानीय शाखाएं थीं।

वर्ष का कार्य

  • 2025-26 में 45 शोध परियोजनाएं पूरी हुईं, 13 अध्ययन अभी चल रहे हैं
  • 130 प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा संबंधित शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित हुईं
  • इनमें 35 कार्यक्रम राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर कार्यरत राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए थे

डिजिटल शिक्षण और निजी क्षेत्र

डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल शिक्षण एवं ऑनलाइन पाठ्यक्रमों पर बल दिया और निजी क्षेत्र के सहयोग की बात कही, जिससे शिक्षण सामग्री बड़े वर्ग तक पहुंच सके। उनके अनुसार ये रास्ते संस्थान की भौतिक उपस्थिति के पूरक बन सकते हैं।

पटेल की विरासत और आगे का रास्ता

सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत तथा राष्ट्र निर्माण में सिविल सेवाओं की भूमिका का स्मरण करते हुए मंत्री ने 1954 में स्थापना से लेकर अब तक की संस्थान की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की दिशा में बढ़ते देश के लिए लोक प्रशासन में शिक्षण, शोध और व्यावसायिक विकास पहले जितने ही प्रासंगिक हैं। बैठक में संस्थान की गतिविधियों और प्राथमिकताओं की समीक्षा हुई, जिसमें विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप व्यापक भागीदारी पर चर्चा केंद्रित रही।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमआईआईपीए की 72वीं वार्षिक आमसभा
संस्थानभारतीय लोक प्रशासन संस्थान, स्थापना 1954
आईआईपीए के अध्यक्षश्री सी. पी. राधाकृष्णन, भारत के उपराष्ट्रपति
कार्यकारी परिषद के अध्यक्षडॉ. जितेंद्र सिंह
सदस्यता11,611
31 मार्च 2026 तक शाखाएं26 क्षेत्रीय शाखाएं और 43 स्थानीय शाखाएं
2025-26 में शोध45 परियोजनाएं पूरी, 13 जारी
2025-26 में प्रशिक्षण130 कार्यक्रम, जिनमें 35 राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए
उल्लिखित दृष्टिकोणविकसित भारत @ 2047

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (72वीं वार्षिक आमसभा), उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का आईआईपीए अध्यक्ष होना तथा डॉ. जितेंद्र सिंह का कार्यकारी परिषद अध्यक्ष होना, सदस्यता (11,611), स्थापना वर्ष (1954), 31 मार्च 2026 तक शाखाएं (26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय) तथा वर्ष का कार्य: 45 शोध परियोजनाएं पूरी, 13 जारी और 130 प्रशिक्षण कार्यक्रम जिनमें 35 राज्य अधिकारियों के लिए, ये सब याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष कौन हैं, जिनकी उपस्थिति में 72वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित किया गया?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
  3. C.डॉ. जितेंद्र सिंह
  4. D.कैबिनेट सचिव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन

सही उत्तर भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन हैं, जो भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष पद पर हैं और 72वीं वार्षिक आमसभा के संबोधन के समय उपस्थित थे।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

72वीं वार्षिक आमसभा में बताई गई भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की सदस्यता कितनी है?

  1. A.9,611
  2. B.10,116
  3. C.11,611
  4. D.16,111
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 11,611

संस्थान की सदस्यता इसी आंकड़े तक पहुंची है और मंत्री ने बताया कि सदस्यता के ढांचे को व्यापक किया गया है, जिससे युवा पेशेवर और हाल के स्नातक भी जुड़ सकें।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1947
  2. B.1950
  3. C.1954
  4. D.1959
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1954

72वीं वार्षिक आमसभा में बोलते हुए मंत्री ने इसी वर्ष हुई स्थापना से संस्थान की यात्रा का उल्लेख किया और सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत तथा राष्ट्र निर्माण में सिविल सेवाओं की भूमिका का स्मरण किया।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

31 मार्च 2026 तक आईआईपीए की कितनी क्षेत्रीय और स्थानीय शाखाएं थीं?

  1. A.26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय
  2. B.43 क्षेत्रीय और 26 स्थानीय
  3. C.13 क्षेत्रीय और 45 स्थानीय
  4. D.35 क्षेत्रीय और 30 स्थानीय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय

सही उत्तर 26 क्षेत्रीय शाखाएं और 43 स्थानीय शाखाएं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष कौन हैं?

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन। डॉ. जितेंद्र सिंह आईआईपीए की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हैं।

आईआईपीए की सदस्यता कितनी है?

सदस्यता 11,611 तक पहुंच गई है, जिसमें अनुभवी प्रशासकों के साथ युवा पेशेवरों और हाल के स्नातकों की भागीदारी बढ़ी है।

आईआईपीए की कितनी शाखाएं हैं?

31 मार्च 2026 तक देश भर में 26 क्षेत्रीय शाखाएं और 43 स्थानीय शाखाएं थीं। इस नेटवर्क को मजबूत करना 72वीं आमसभा का प्रमुख विषय रहा।

2025-26 में संस्थान का शैक्षणिक कार्य कैसा रहा?

45 शोध परियोजनाएं पूरी हुईं और 13 अध्ययन जारी रहे; 130 प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं संबंधित गतिविधियां हुईं, जिनमें 35 कार्यक्रम राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए थे।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS