मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

उपराष्ट्रपति भवन में 'सरदार कथा', उपराष्ट्रपति शामिल हुए

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर उपराष्ट्रपति भवन में हुई 'सरदार कथा' में शामिल हुए, जिसे डॉ. शोभना राधाकृष्ण ने प्रस्तुत किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
उपराष्ट्रपति भवन में 'सरदार कथा', उपराष्ट्रपति शामिल हुए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

31 अक्टूबर 2026 को, राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति भवन में 'सरदार कथा' कार्यक्रम में शामिल हुए और सरदार पटेल चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 31 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित 'सरदार कथा' कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हुआ।

कथा और उसकी वाचिका

कार्यक्रम कथा के रूप में हुआ, यानी किसी जीवन-गाथा को श्रोताओं तक वाचन के जरिये पहुंचाने की पुरानी भारतीय परंपरा में। इसे कथा वाचिका डॉ. शोभना राधाकृष्ण ने प्रस्तुत किया और भारत के लौह पुरुष कहे जाने वाले नेता के जीवन, आदर्शों तथा योगदान को सामने रखा। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे। इससे पहले दिन में उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली के सरदार पटेल चौक और उपराष्ट्रपति भवन में पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की।

एकीकरण पर उपराष्ट्रपति की बात

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि पटेल की गाथा केवल देश के एक महान नेता की गाथा नहीं है, बल्कि भारत की एकता, साहस और राष्ट्र निर्माण की गाथा भी है। उन्होंने स्वतंत्रता के समय की स्थिति याद की, जब विभाजन ने देश को अनिश्चय में डाल दिया था और 550 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था। पटेल ने यह काम दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता, प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया, और उपराष्ट्रपति के अनुसार देश इसके लिए सदा आभारी रहेगा।

1947 से 2047 तक

उन्होंने इस काम को आज से जोड़ते हुए कहा कि पटेल जिस एकता के भाव के प्रतीक थे, वही भाव अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय मिशन में लगाया जा रहा है। उनके अनुसार 1947 से अब तक का भारत का सफर साहस, दृढ़ता और सामूहिक संकल्प का रहा है, और 2047 तक के सफर में इससे भी बड़ी महत्वाकांक्षा तथा प्रतिबद्धता चाहिए।

युवाओं के लिए संदेश

उपराष्ट्रपति ने सत्य, सादगी, साहस, अनुशासन और अंतिम व्यक्ति की सेवा को वे मूल्य बताया जिन्हें देश को बनाए रखना है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे पटेल के जीवन से प्रेरणा लें और अपनी ऊर्जा, प्रतिभा तथा क्षमता को रचनात्मक राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाएं। उन्होंने डॉ. शोभना राधाकृष्ण और उनकी टीम को धन्यवाद दिया कि उन्होंने कथा की परंपरा से पटेल की विरासत को श्रोताओं के निकट लाया, और अपनी बात इन शब्दों पर समाप्त की कि भारत एक है और सदा एक रहेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रम'सरदार कथा', उपराष्ट्रपति भवन में
तिथि31 अक्टूबर 2026, राष्ट्रीय एकता दिवस
अवसरसरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती
शामिल हुएभारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
प्रस्तुतिकथा वाचिका डॉ. शोभना राधाकृष्ण
अन्य उपस्थिततरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल
दिन में पहले पुष्पांजलिसरदार पटेल चौक, नई दिल्ली तथा उपराष्ट्रपति भवन
रियासतों का उल्लेख550 से अधिक, जिन्हें भारतीय संघ में मिलाया गया
उल्लेखित मिशनविकसित भारत @2047

परीक्षा की दृष्टि से

कार्यक्रम का नाम ('सरदार कथा'), स्थान (उपराष्ट्रपति भवन), शामिल होने वाले (उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन), प्रस्तुत करने वाली (कथा वाचिका डॉ. शोभना राधाकृष्ण), जयंती (151वीं), उपस्थित दिल्ली के उपराज्यपाल (तरणजीत सिंह संधू) और 550 से अधिक रियासतों का आंकड़ा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में हुई 'सरदार कथा' किसने प्रस्तुत की?

  1. A.डॉ. शोभना राधाकृष्ण
  2. B.सुधा मूर्ति
  3. C.डॉ. किरण बेदी
  4. D.चित्रा मुद्गल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डॉ. शोभना राधाकृष्ण

उनके वाचन ने उपराष्ट्रपति भवन में जुटे श्रोताओं तक सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, आदर्शों और योगदान को पहुंचाया, और अंत में उपराष्ट्रपति ने उन्हें तथा उनकी टीम को धन्यवाद दिया कि कथा की परंपरा से यह विरासत श्रोताओं के और निकट आई।

Q2.राष्ट्रीयआसान

31 अक्टूबर 2026 का राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल की कौन सी जयंती पर मनाया गया?

  1. A.148वीं
  2. B.150वीं
  3. C.151वीं
  4. D.152वीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 151वीं

राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को पड़ता है क्योंकि यही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है, और वर्ष 2026 में देश ने उनकी 151वीं जयंती मनाई।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

उपराष्ट्रपति के संबोधन के अनुसार स्वतंत्रता के समय कितनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था?

  1. A.350 से अधिक
  2. B.450 से अधिक
  3. C.550 से अधिक
  4. D.650 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 550 से अधिक

वर्ष 1947 की स्थिति याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन ने देश को अनिश्चय में डाल दिया था और इतनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था, जिसे सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता, प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया।

Q4.राष्ट्रीयकठिन

'सरदार कथा' कार्यक्रम में कौन से उपराज्यपाल अतिथियों में शामिल थे?

  1. A.तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल
  2. B.मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल
  3. C.प्रफुल्ल पटेल, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक
  4. D.आर. के. माथुर, लद्दाख के उपराज्यपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल

सही उत्तर तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल हैं, जो अन्य आमंत्रित अतिथियों के साथ उपराष्ट्रपति भवन के इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति भवन में 'सरदार कथा' किसने प्रस्तुत की?

कथा वाचिका डॉ. शोभना राधाकृष्ण ने, जिन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उनके जीवन, आदर्शों और योगदान का वाचन किया।

उपराष्ट्रपति के अनुसार स्वतंत्रता के समय कितनी रियासतों का एकीकरण करना था?

550 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था, और यह काम सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता तथा राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया।

इस कार्यक्रम में कौन से उपराज्यपाल उपस्थित थे?

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू उपराष्ट्रपति भवन में हुए 'सरदार कथा' कार्यक्रम के अतिथियों में शामिल थे।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL