2009 में भारत का 16वाँ जीवमंडल रिज़र्व किसे घोषित किया गया, जो लाल लोमड़ी, ब्लू रॉक पिजन और लैमरगेयर के संरक्षण के लिए जाना जाता है?
- A.शीत मरुस्थल (कोल्ड डेज़र्ट)
- B.शेषाचलम
- C.अगस्त्यमलाई
- D.देहांग-देबांग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, शीत मरुस्थल (कोल्ड डेज़र्ट)। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र का शीत मरुस्थल जीवमंडल रिज़र्व 2009 में अधिसूचित हुआ और यह भारत का 16वाँ जीवमंडल रिज़र्व है। इसमें पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान, किब्बर वन्यजीव अभयारण्य और चंद्रताल व सरचू की ऊँचाई वाली आर्द्रभूमियाँ आती हैं; यह 3,000 मीटर से ऊपर का पार-हिमालयी इलाका है जहाँ बहुत कम बारिश होती है। यहाँ के वन्यजीवों में हिम तेंदुआ, हिमालयी आइबेक्स, लाल लोमड़ी, नीला कबूतर (ब्लू रॉक पिजन) और लैमरगेयर यानी दाढ़ी वाला गिद्ध शामिल हैं, वह पक्षी जो हड्डियाँ ऊँचाई से गिराकर उनका मज्जा खाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश का शेषाचलम, जो लाल चंदन के लिए प्रसिद्ध है, 2010 में 17वें रिज़र्व के रूप में बाद में आया। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल-तमिलनाडु सीमा पर अगस्त्यमलाई 2001 में अधिसूचित हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश का देहांग-देबांग 1998 का है। परीक्षा टिप: सूची के अंत का क्रम है शीत मरुस्थल 2009 (16वाँ), शेषाचलम 2010 (17वाँ), पन्ना 2011 (18वाँ); पहला नीलगिरि 1986 में था।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में शामिल नहीं है?
- A.सल्फर
- B.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
- C.सीसा (लेड)
- D.मीथेन
उत्तर देखें
भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की गणना में मीथेन शामिल नहीं है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 2014 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुरू किया गया था और इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.इसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
- B.यह पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे में लगा है।
- C.यह व्यक्तियों और संपत्ति को हुई क्षति के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है।
- D.यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।
उत्तर देखें
राष्ट्रीय हरित अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है; यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। NGT की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई, जो अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत की 2017-2031 की राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना (NWAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है।
2. यह NWAP अनूठी है क्योंकि पहली बार भारत ने वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को मान्यता दी है।
3. इस NWAP के दस घटक हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
2017-2031 की योजना भारत की तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है और वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को संबोधित करने वाली पहली योजना है, पर इसके दस नहीं, पाँच घटक हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी विधि शहरी वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त नहीं है?
- A.छत पुनर्भरण गड्ढा (रूफटॉप रिचार्ज पिट)
- B.पुनर्भरण कुएँ
- C.गली प्लग
- D.पुनर्भरण खाई (रिचार्ज ट्रेंच)
उत्तर देखें
गली प्लग पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्राकृतिक नाले या धारा के आर-पार बनाया जाने वाला छोटा अवरोध है, इसलिए शहर में इसका उपयोग नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?
- A.कोलंबिया
- B.वेनेज़ुएला
- C.ब्राज़ील
- D.गुयाना
उत्तर देखें
कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।
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