देवनागरी लिपि के प्रचार के लिए 1893 में स्थापित नागरी प्रचारिणी सभा किस नगर में है?
- A.प्रयागराज
- B.लखनऊ
- C.वाराणसी
- D.आगरा
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नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना 1893 में वाराणसी में क्वींस कॉलेज के विद्यार्थियों ने की थी, जिसका उद्देश्य न्यायालयों और कार्यालयों में देवनागरी तथा हिंदी का प्रयोग कराना था; आगे चलकर इसने कोश, हस्तलिखित ग्रंथ और हिंदी शब्दसागर प्रकाशित किए।
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