देवनागरी लिपि के प्रचार के लिए 1893 में स्थापित नागरी प्रचारिणी सभा किस नगर में है?
- A.प्रयागराज
- B.लखनऊ
- C.वाराणसी
- D.आगरा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, वाराणसी है। नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना 1893 में वाराणसी में क्वींस कॉलेज के विद्यार्थियों ने की थी, जिसका उद्देश्य न्यायालयों और कार्यालयों में देवनागरी तथा हिंदी का प्रयोग कराना था; आगे चलकर इसने कोश, हस्तलिखित ग्रंथ और हिंदी शब्दसागर प्रकाशित किए। राज्य की बड़ी हिंदी संस्थाओं में यह सबसे पुरानी है।
विकल्प A, प्रयागराज, में 1910 में स्थापित हिंदी साहित्य सम्मेलन है और इसी पर अभ्यर्थी भ्रमित होते हैं। विकल्प B, लखनऊ, राज्य की राजधानी है जहाँ 1975 में बनी भारतेंदु नाट्य अकादमी और 1976 में बना उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान है, जिसका सर्वोच्च सम्मान भारत भारती सम्मान है। विकल्प D, आगरा, मीर तक़ी मीर और नज़ीर अकबराबादी जैसे उर्दू शायरों से जुड़ा है, इस संस्था से नहीं। संस्था, नगर और वर्ष की ये तीनों जोड़ियाँ साथ याद करें।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तर प्रदेश की भाषा और साहित्य: बोलियाँ और साहित्यकार
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवर्ष 1989 में उत्तर प्रदेश की द्वितीय राजभाषा का दर्जा किस भाषा को दिया गया?
- A.पंजाबी
- B.उर्दू
- C.भोजपुरी
- D.संस्कृत
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उत्तर प्रदेश राजभाषा अधिनियम, 1951 के अनुसार देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी राज्य की राजभाषा है और 1989 में पारित संशोधन ने उर्दू को राज्य की द्वितीय राजभाषा बनाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तुलसीदास की रामचरितमानस किस बोली में रची गई है?
- A.ब्रजभाषा
- B.अवधी
- C.बुंदेली
- D.खड़ी बोली
उत्तर देखें
तुलसीदास ने रामचरितमानस अवधी में लिखी, जो अयोध्या के आसपास के अवध क्षेत्र की पूर्वी हिंदी बोली है, और इसका आरंभ 1574 में अयोध्या में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अवधी का सूफी प्रेमाख्यान पद्मावत उत्तर प्रदेश के किस कवि ने लिखा?
- A.कबीर
- B.मलिक मुहम्मद जायसी
- C.रसखान
- D.घनानंद
उत्तर देखें
जायसी वर्तमान अमेठी जिले के जायस के थे और उन्होंने 1540 में पद्मावत पूरी की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रजभाषा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के किस भाग में बोली जाती है?
- A.वाराणसी और गोरखपुर के आसपास का पूर्वांचल
- B.मथुरा, आगरा और अलीगढ़ क्षेत्र
- C.झाँसी के आसपास का बुंदेलखंड
- D.लखनऊ के आसपास का अवध
उत्तर देखें
ब्रजभाषा ब्रज क्षेत्र की बोली है, जिसमें मथुरा, आगरा, अलीगढ़, हाथरस और एटा आते हैं, और यह शौरसेनी अपभ्रंश से निकले पश्चिमी हिंदी वर्ग की बोली है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्वी उत्तर प्रदेश में बोली जाने वाली भोजपुरी भारतीय-आर्य भाषाओं के किस वर्ग में रखी जाती है?
- A.पश्चिमी हिंदी
- B.पूर्वी हिंदी
- C.बिहारी वर्ग
- D.पहाड़ी वर्ग
उत्तर देखें
भोजपुरी मागधी अपभ्रंश से विकसित हुई है और मगही तथा मैथिली के साथ पूर्वी भारतीय-आर्य परिवार के बिहारी वर्ग में रखी जाती है; यह वर्गीकरण जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने भारतीय भाषा सर्वेक्षण में किया था।
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