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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज: सेट 2

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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 2) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 7 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: इसरो प्रक्षेपण यान: पीएसएलवी, जीएसएलवी और एलवीएम3, दूरसंचार: 4जी, 5जी और 6जी, भारतीय उपग्रह और नाविक और अन्य। इनमें से 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

छोटे उपग्रहों के माँग पर प्रक्षेपण के लिए बना इसरो का सबसे छोटा प्रक्षेपण यान निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.एसएसएलवी
  2. B.पीएसएलवी-सीए
  3. C.एएसएलवी
  4. D.एलवीएम3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एसएसएलवी

व्याख्या

सही उत्तर A, एसएसएलवी है, यानी लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान। इसमें तीन ठोस चरण और एक छोटा द्रव वेग परिष्करण मॉड्यूल है, यह 500 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा में लगभग 500 किलोग्राम तक ले जाता है, और इसे इस तरह बनाया गया है कि छोटी टीम कुछ दिनों में जोड़कर छोड़ सके, जिससे एक उपग्रह वाले ग्राहक को साझा सवारी की प्रतीक्षा न करनी पड़े।

विकल्प B, पीएसएलवी-सीए, पीएसएलवी का वह रूप है जो स्ट्रैप-ऑन मोटरों के बिना उड़ता है; वह एक बड़े रॉकेट का हल्का विन्यास है, अपने आप में छोटा यान नहीं। विकल्प C, एएसएलवी, 1980 और 1990 के दशक का प्रायोगिक यान था जिसकी क्षमता लगभग 150 किलोग्राम थी और वह अब सेवा में नहीं है, इसलिए वर्तमान यान के प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प D, एलवीएम3, इस परिवार के दूसरे सिरे पर भारत का सबसे भारी परिचालनगत रॉकेट है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 2कठिन

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा तय मानकों के अनुसार, मोबाइल हैंडसेट के सभी नए डिजाइनों के लिए 1 सितंबर 2012 से 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत अनुमेय विशिष्ट अवशोषण दर (SAR) सीमा ______ है।

  1. A.1.8 W/kg
  2. B.2.1 W/kg
  3. C.2.2 W/kg
  4. D.1.6 W/kg
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1.6 W/kg

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1.6 W/kg। विशिष्ट अवशोषण दर यह मापती है कि हैंडसेट से निकलने वाली रेडियो ऊर्जा शरीर कितनी मात्रा में सोखता है, और इसकी इकाई वाट प्रति किलोग्राम ऊतक है। दूरसंचार विभाग ने 1 सितंबर 2012 से भारत में बिकने वाले हर नए मोबाइल हैंडसेट डिजाइन के लिए 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत 1.6 W/kg की सीमा तय की। इससे पहले भारत में 10 ग्राम ऊतक पर औसत 2.0 W/kg की पुरानी सीमा लागू थी। नियमों के अनुसार SAR मान हैंडसेट और उसके डिब्बे पर छपा होना चाहिए, और खरीदार निर्माता द्वारा बताए गए कोड से इसे जांच सकता है। भारत की यह सीमा अमेरिका के मानक के समान है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.8 W/kg कहीं निर्धारित सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2.1 W/kg कोई SAR मानक नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2.2 W/kg केवल भ्रमित करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: भारत में SAR सीमा 1 ग्राम ऊतक पर 1.6 W/kg है, जो 1 सितंबर 2012 से लागू है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

उपग्रह आधारित संवर्धन प्रणाली गगन इसरो और किस संगठन की संयुक्त परियोजना है?

  1. A.भारतीय वायु सेना
  2. B.भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
  3. C.भारत मौसम विज्ञान विभाग
  4. D.पोत परिवहन महानिदेशालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण है। गगन का अर्थ है जीपीएस एडेड जियो ऑगमेंटेड नेविगेशन, और इसे इसरो ने विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ मिलकर विकसित किया जिससे भारतीय वायुक्षेत्र में असैन्य विमानों को उतरने और अंतिम अभिगमन के लिए पर्याप्त परिशुद्ध तथा विश्वसनीय स्थिति सूचना मिले। इसके अपने नौवहन उपग्रह नहीं हैं; यह पहले से उपलब्ध संकेतों को सुधारने वाले संशोधन प्रसारित करती है।

विकल्प A, भारतीय वायु सेना, उपग्रह नौवहन का उपयोग करती है पर इस असैन्य विमानन परियोजना की भागीदार नहीं है। विकल्प C, भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम पर काम करता है और भिन्न प्रकार के उपग्रह आँकड़े उपयोग करता है। विकल्प D, पोत परिवहन महानिदेशालय, व्यापारिक जहाज़रानी देखता है, और समुद्री उपयोगकर्ताओं की सेवा गगन के बजाय नाविक करती है। परीक्षा भवन तक ले जाने योग्य भेद यह है कि नाविक संकेत देती है और गगन केवल उन्हें सुधारती है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC CHSL · 10 March, 2023, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत के एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम (IGMDP) के प्रणेता थे?

  1. A.हरगोविंद खुराना
  2. B.विक्रम साराभाई
  3. C.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
  4. D.होमी जे. भाभा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

व्याख्या

सही उत्तर है C, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम। एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम 1983 में स्वीकृत हुआ और डीआरडीओ ने इसे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में चलाया, इसीलिए उन्हें भारत का मिसाइल पुरुष कहा जाता है। इस कार्यक्रम में पाँच मिसाइलें बनीं, जिन्हें P-A-T-N-A से याद रखा जाता है - पृथ्वी (सतह से सतह), अग्नि (बैलिस्टिक), त्रिशूल (कम दूरी की सतह से हवा), नाग (टैंक रोधी) और आकाश (मध्यम दूरी की सतह से हवा)। मुख्य लक्ष्य पूरे होने पर 2008 में इसे औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया। कलाम ने 1998 के पोखरण-द्वितीय परीक्षणों का भी मार्गदर्शन किया और 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। विकल्प A गलत है, क्योंकि हरगोविंद खुराना को आनुवंशिक कूट पर कार्य के लिए 1968 का नोबेल पुरस्कार मिला था। विकल्प B गलत है, क्योंकि विक्रम साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक कहे जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि होमी जे. भाभा ने भारत का परमाणु कार्यक्रम खड़ा किया। परीक्षा टिप: कलाम - मिसाइल; साराभाई - अंतरिक्ष; भाभा - परमाणु ऊर्जा।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत का चंद्रमा के लिए पहला मिशन चंद्रयान एक किस वर्ष प्रक्षेपित हुआ था?

  1. A.2005
  2. B.2008
  3. C.2013
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2008

व्याख्या

सही उत्तर B, 2008 है। चंद्रयान एक को 22 अक्टूबर 2008 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया और वह पखवाड़े भर में चंद्र कक्षा में पहुँच गया। इसमें ग्यारह नीतभार थे, पाँच भारतीय और छह विदेशी, और इसके आँकड़ों से चंद्र सतह पर जल के अणुओं की पुष्टि हुई। अगस्त 2009 में इससे संपर्क टूट गया।

विकल्प A, 2005, बहुत पहले का है; उस वर्ष भारत का कोई चंद्र मिशन नहीं था। विकल्प C, 2013, वह वर्ष है जब 5 नवंबर को मंगल ऑर्बिटर मिशन प्रक्षेपित हुआ, इसीलिए यह इस समूह का सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है। विकल्प D, 2019, चंद्रयान दो का वर्ष है, जो 22 जुलाई को प्रक्षेपित हुआ। चारों तिथियाँ एक शृंखला में याद कीजिए: 2008 पहला चंद्र मिशन, 2013 मंगल, 2019 दूसरा चंद्र मिशन और 2023 तीसरा।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत का पहला उपग्रह कौन था और वह किस वर्ष छोड़ा गया?

  1. A.रोहिणी, 1980
  2. B.आर्यभट, 1975
  3. C.भास्कर-1, 1979
  4. D.एप्पल, 1981
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आर्यभट, 1975

व्याख्या

सही उत्तर B, आर्यभट, 1975 है। इसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत प्रक्षेपण यान से छोड़ा गया, क्योंकि उस समय भारत के पास अपना यान नहीं था, और इसमें एक्स-किरण खगोलिकी, सौर भौतिकी तथा आयनमंडल के प्रयोग थे। इसका नाम प्राचीन भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री के नाम पर रखा गया।

विकल्प A, 1980 का रोहिणी, दूसरा कीर्तिमान रखता है: वह 18 जुलाई 1980 को भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 से कक्षा में स्थापित पहला उपग्रह था, और दोनों कीर्तिमान मिला देने वाले अभ्यर्थी इसे चुन लेते हैं। विकल्प C, 1979 का भास्कर-1, पहला प्रायोगिक भू-अवलोकन उपग्रह था। विकल्प D, 1981 का एप्पल, पहला प्रायोगिक संचार उपग्रह था और यूरोपीय एरियन रॉकेट से गया। साफ़ श्रृंखला याद रखें: 1975 पहला उपग्रह, 1979 पहला भू-अवलोकन, 1980 पहला भारतीय प्रक्षेपण, 1981 पहला संचार उपग्रह।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

गगनयान मिशन किस प्रक्षेपण यान से भेजा जाएगा?

  1. A.पीएसएलवी-एक्सएल
  2. B.जीएसएलवी एमके-2
  3. C.मानव अनुकूलित एलवीएम3
  4. D.एसएसएलवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मानव अनुकूलित एलवीएम3

व्याख्या

सही उत्तर C, मानव अनुकूलित एलवीएम3 है। गगनयान एलवीएम3 से उड़ेगा, जो भारत का सबसे भारी प्रक्षेपण यान है और मनुष्यों को ले जाने के लिए संशोधित तथा प्रमाणित किए जाने पर एचएलवीएम3 लिखा जाता है। यह तीन चरणों वाला यान है जिसमें दो ठोस बूस्टर, एक द्रव मुख्य चरण और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण है, और मानव अनुकूलन में अधिक संरचनात्मक सुरक्षा सीमा, प्रतिरूपी प्रणालियाँ तथा अतिरिक्त जाँचें जोड़ी जाती हैं।

विकल्प A, पीएसएलवी-एक्सएल, दूरसंवेदी उपग्रहों तथा चंद्रयान-1 और मंगलयान के लिए प्रयुक्त यान है, पर यह मानव यान नहीं उठा सकता। विकल्प B, जीएसएलवी एमके-2, लगभग दो टन के संचार उपग्रह भूसमकालिक अंतरण कक्षा में भेजता है और इस भार के लिए छोटा है। विकल्प D, एसएसएलवी, कुछ सौ किलोग्राम के छोटे उपग्रहों के लिए है। एलवीएम3 को पहले जीएसएलवी एमके-3 कहा जाता था, इसीलिए प्रश्नपत्रों में दोनों नाम आते हैं।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

चंद्रयान-3 को किस भारतीय प्रक्षेपण यान से कक्षा में स्थापित किया गया था?

  1. A.पीएसएलवी-एक्सएल
  2. B.जीएसएलवी मार्क 2
  3. C.एलवीएम3
  4. D.एसएसएलवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एलवीएम3

व्याख्या

सही उत्तर C, एलवीएम3 है। चंद्रयान-3 का उड़ान भरते समय भार लगभग 3,900 किलोग्राम था, जो किसी हल्के भारतीय रॉकेट की पहुँच से बहुत बाहर है, इसलिए यह एलवीएम3 से गया, जिसे पहले जीएसएलवी मार्क 3 कहा जाता था। इसी यान ने जुलाई 2019 में चंद्रयान-2 भी भेजा था।

विकल्प A, पीएसएलवी-एक्सएल, 2008 में चंद्रयान-1 और 2013 में मंगलयान ले गया था, जो बहुत हल्के अंतरिक्षयान थे, और यही सबसे आकर्षक भ्रम है। विकल्प B, जीएसएलवी मार्क 2, अंतरण कक्षा में लगभग 2,250 किलोग्राम ले जाता है, जो इस भार के चंद्र लैंडर के लिए पर्याप्त नहीं। विकल्प D, एसएसएलवी, कुछ सौ किलोग्राम के उपग्रहों के लिए बना है और इस पेलोड का अंश भी नहीं ले जा सकता। बाँट याद रखें: लैंडर वाले दोनों चंद्रयान एलवीएम3 से, और केवल परिक्रमा करने वाला चंद्रयान-1 तथा मंगल अभियान पीएसएलवी से।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन डीआरडीओ द्वारा विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है?

  1. A.धनुष
  2. B.त्रिशूल
  3. C.पिनाका
  4. D.पृथ्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पिनाका

व्याख्या

सही उत्तर है C, पिनाका। पिनाका भारतीय सेना के लिए डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पुणे ने बनाई गई मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है और इसका नाम भगवान शिव के धनुष पर रखा गया है। एक लॉन्चर लगभग चवालीस सेकंड में बारह रॉकेट दागता है, इसलिए एक बैटरी एक ही बार में बड़े इलाके पर मार कर सकती है। पहले संस्करण की मारक क्षमता लगभग चालीस किलोमीटर है और बाद के संस्करण इससे काफी आगे तक जाते हैं। 1999 के कारगिल संघर्ष में पिनाका का उपयोग हुआ था और अब इसका निर्यात भी होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि धनुष पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक, जहाज से छोड़ा जाने वाला रूप है और यही नाम एक खींचकर ले जाने वाली तोप का भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूल एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि पृथ्वी सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, रॉकेट प्रणाली नहीं। परीक्षा टिप: आईजीएमडीपी से पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग मिले; पिनाका इस सूची से बाहर है।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC CHSL · 15 March, 2023, Shift 1मध्यम

भारत की कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-II का सफल परीक्षण ______ से किया गया।

  1. A.रटलैंड द्वीप, अंडमान
  2. B.श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश
  3. C.चांदीपुर, ओडिशा
  4. D.मछलीपट्टनम, आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चांदीपुर, ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, चांदीपुर, ओडिशा। पृथ्वी-II का परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से किया जाता है, जो डीआरडीओ की मिसाइल और रॉकेट परीक्षण रेंज है। पृथ्वी-II भारतीय वायुसेना की सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में चले एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बनाया गया। यह तरल ईंधन से चलती है, इसकी मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है और यह 500 से 1,000 किलोग्राम तक का आयुध ले जा सकती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडमान के रटलैंड द्वीप पर कोई मिसाइल परीक्षण रेंज नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्रीहरिकोटा इसरो का उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र है, मिसाइल रेंज नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मछलीपट्टनम एक तटीय नगर है, वहां ऐसी कोई सुविधा नहीं है। परीक्षा टिप: आईजीएमडीपी की मिसाइलें - पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग; परीक्षण चांदीपुर में, उपग्रह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा से।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह का स्रोत नहीं है?

  1. A.डेटा
  2. B.एल्गोरिदम
  3. C.लोग
  4. D.क्षमता
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. क्षमता

व्याख्या

सही उत्तर है D, क्षमता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह के तीन स्रोत माने जाते हैं, वह डेटा जिससे प्रणाली सीखती है, सीखने वाला एल्गोरिदम, और उसे बनाने तथा उपयोग करने वाले लोग; क्षमता इनमें नहीं आती, क्योंकि किसी मॉडल की क्षमता यह बताती है कि वह कितना अच्छा काम करता है, वह अनुचितता के प्रवेश का रास्ता नहीं है। डेटा से पूर्वाग्रह तब आता है जब प्रशिक्षण के आँकड़ों में कोई समूह छूट जाए या कम हो, जैसे चेहरा पहचानने वाली प्रणाली मुख्यतः एक ही तरह के चेहरों पर प्रशिक्षित हो। एल्गोरिदम से पूर्वाग्रह मॉडल की बनावट के चुनावों से आता है, जैसे उसे कौन-कौन से गुण देखने दिए गए। मनुष्यों से पूर्वाग्रह लेबल लगाने, नमूना चुनने और टीम की धारणाओं से आता है। विकल्प A, B और C इस प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत हैं, क्योंकि ये तीनों वास्तव में पूर्वाग्रह के स्रोत हैं। परीक्षा टिप: डेटा, एल्गोरिदम और लोग, यही तीन स्रोत याद रखें।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नाविक (NavIC) का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन
  2. B.नेशनल वॉयेज एंड इंडियन कम्युनिकेशन
  3. C.नेविगेशन इंडियन कोऑर्डिनेट्स
  4. D.नेविगेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन

व्याख्या

सही उत्तर A, नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन है। यह नाम 2016 में भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली, आईआरएनएसएस, को तब दिया गया जब तारामंडल का सातवाँ उपग्रह कक्षा में पहुँचा, और नाविक शब्द में मल्लाह या पथप्रदर्शक का अर्थ भी है, इसीलिए वह चुना गया।

विकल्प B, C और D गढ़े हुए विस्तार हैं, जैसे परीक्षक यह देखने के लिए जोड़ते हैं कि अभ्यर्थी ने शब्द पढ़ा है या केवल सुना है। पूर्ण रूप के साथ दो तथ्य चलते हैं: नाविक वह भारतीय प्रणाली है जो इसलिए बनी कि देश दूसरे राष्ट्र के संकेतों पर निर्भर न रहे, और यह क्षेत्रीय प्रणाली है जो पूरी पृथ्वी के बजाय भारत तथा सीमा से लगभग 1,500 किलोमीटर की पट्टी को कवर करती है। आईआरएनएसएस और नाविक को एक ही प्रणाली के पुराने और नए नाम मानें।

Q13.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत का पहला प्रायोगिक संचार उपग्रह एप्पल 1981 में किस प्रक्षेपण यान से छोड़ा गया था?

  1. A.भारत के एसएलवी-3 से
  2. B.सोवियत प्रक्षेपण यान से
  3. C.यूरोपीय एरियन रॉकेट से
  4. D.अमेरिकी अंतरिक्ष शटल से
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यूरोपीय एरियन रॉकेट से

व्याख्या

सही उत्तर C, यूरोपीय एरियन रॉकेट है। उपग्रह का पूरा नाम, एरियन पैसेंजर पेलोड एक्सपेरिमेंट, उत्तर अपने भीतर रखता है, क्योंकि वह 1981 में एरियन के एक प्रक्षेपण में यात्री के रूप में गया जिससे भारत में भूस्थिर संचार उपग्रह बनाने की क्षमता परखी जा सके। तब भारत के पास भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा तक पहुँचने वाला कोई यान नहीं था।

विकल्प A, एसएलवी-3, निचली पृथ्वी कक्षा में केवल लगभग 40 किलोग्राम रख सकता था और एप्पल को उस ऊँचाई तक कभी नहीं ले जा सकता था जो संचार उपग्रह के लिए चाहिए। विकल्प B, सोवियत यान, 1975 में आर्यभट और 1979 में भास्कर ले गया था, इसलिए अनुमान ठीक लगता है पर यहाँ गलत है। विकल्प D, अंतरिक्ष शटल, 1983 में बाद के इनसैट-1बी को ले गया, जो साथ में पूछा जाने वाला अलग तथ्य है। परीक्षण स्थल पर एप्पल की बैलगाड़ी वाली प्रसिद्ध तस्वीर इसी कार्यक्रम की है।

Q14.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

किसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने वाला भारत का पहला प्रक्षेपण यान कौन था और उसने कौन-सा उपग्रह ले गया?

  1. A.एएसएलवी, एसआरओएसएस-सी के साथ
  2. B.एसएलवी-3, रोहिणी आरएस-1 के साथ
  3. C.पीएसएलवी, आईआरएस-1ए के साथ
  4. D.एसएलवी-3, आर्यभट के साथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एसएलवी-3, रोहिणी आरएस-1 के साथ

व्याख्या

सही उत्तर B, एसएलवी-3 रोहिणी आरएस-1 के साथ है। 18 जुलाई 1980 को चार चरणों वाले पूर्णतः ठोस एसएलवी-3 ने श्रीहरिकोटा से छोटे रोहिणी आरएस-1 उपग्रह को निचली पृथ्वी कक्षा में स्थापित किया और भारत अपना उपग्रह छोड़ने वाला छठा देश बना। इस यान के परियोजना निदेशक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम थे।

विकल्प A संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान का नाम लेता है, जो बाद में आया और एसआरओएसएस श्रेणी ले गया; उसकी पहली दो उड़ानें असफल रहीं। विकल्प C दोनों बातों में गलत है, क्योंकि पीएसएलवी पहली बार 1993 में उड़ा और 1988 का आईआरएस-1ए सोवियत रॉकेट से गया था। विकल्प D सही यान के साथ गलत उपग्रह जोड़ता है: भारत का पहला उपग्रह आर्यभट 1975 में सोवियत यान से कापुस्तिन यार से छोड़ा गया था, यानी भारत के अपने यान से पाँच वर्ष पहले। पहले उपग्रह के लिए 1975 और पहले भारतीय प्रक्षेपण के लिए 1980 याद रखें।

Q15.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंद्रयान एक को कक्षा में किस प्रक्षेपण यान ने पहुँचाया था?

  1. A.पीएसएलवी सी ग्यारह
  2. B.जीएसएलवी मार्क तीन
  3. C.एसएलवी तीन
  4. D.एलवीएम तीन एम चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पीएसएलवी सी ग्यारह

व्याख्या

सही उत्तर A, पीएसएलवी सी ग्यारह है। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ने अपने विस्तारित संस्करण में 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान एक को ले जाया। इसी परिवार के राकेट ने बाद में सी पच्चीस उड़ान में 2013 में मंगल ऑर्बिटर मिशन भी भेजा, जिससे पता चलता है कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम ने एक मध्यम भार वाले यान से कितना कुछ किया।

विकल्प B, जीएसएलवी मार्क तीन, ने 2019 में चंद्रयान दो को भेजा और यह भारतीय कार्यक्रम का भारी भार वाला राकेट है। विकल्प C, एसएलवी तीन, भारत का पहला उपग्रह प्रक्षेपण यान था, जिसने 1980 में ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के परियोजना नेतृत्व में रोहिणी को कक्षा में रखा, और वह चंद्र मिशन के लिए बहुत छोटा था। विकल्प D, एलवीएम तीन एम चार, वह उड़ान है जिसने 2023 में चंद्रयान तीन भेजा; एलवीएम तीन वस्तुतः जीएसएलवी मार्क तीन का ही नया नाम है।

Q16.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

नाविक तारामंडल कितने उपग्रहों के साथ बनाया गया था?

  1. A.चार
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.चौबीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सात

व्याख्या

सही उत्तर B, सात है। प्रणाली सात उपग्रहों के तारामंडल के रूप में बनाई गई, जिनमें तीन भूस्थिर कक्षा में और चार भूमध्यरेखीय तल से झुकी भूतुल्यकालिक कक्षाओं में हैं; इतनी छोटी संख्या पर्याप्त है क्योंकि सेवा क्षेत्र क्षेत्रीय है, वैश्विक नहीं। अप्रैल 2016 में छोड़े गए आईआरएनएसएस-1जी ने सातों का समूह पूरा किया।

विकल्प A, चार, केवल झुके उपग्रहों की संख्या है और उस अभ्यर्थी के लिए जाल है जिसे बँटवारा याद है पर कुल संख्या नहीं। विकल्प D, चौबीस, जीपीएस जैसी वैश्विक प्रणाली के आकार के लगभग बराबर है, जिसे पूरी पृथ्वी पर फैले उपग्रह चाहिए। विकल्प C, नौ, किसी प्रणाली से मेल नहीं खाता। बँटवारा तीन और चार के रूप में याद रखें, और यह भी कि दूसरी पीढ़ी के एनवीएस उपग्रह पहली पीढ़ी के पुराने होते उपग्रहों की जगह ले रहे हैं।

Q17.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय कौन था?

  1. A.राकेश शर्मा
  2. B.कल्पना चावला
  3. C.रवीश मल्होत्रा
  4. D.सुनीता विलियम्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राकेश शर्मा

व्याख्या

सही उत्तर A, राकेश शर्मा है। भारतीय वायुसेना के तत्कालीन स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा 3 अप्रैल 1984 को अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने। वे इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम के अंतर्गत सोवियत यान सोयुज टी-11 से सैल्यूट 7 अंतरिक्ष केंद्र गए और लगभग आठ दिन कक्षा में रहे; उन्हें अशोक चक्र प्रदान किया गया।

विकल्प B, कल्पना चावला, अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं, पर वे 1997 में नासा के लिए गईं, तेरह वर्ष बाद। विकल्प C, रवीश मल्होत्रा, उसी 1984 मिशन के आरक्षित यात्री थे और राकेश शर्मा के साथ प्रशिक्षित हुए पर उड़ान नहीं भरी, इसीलिए यह सबसे प्रबल भ्रमकारी विकल्प है। विकल्प D, सुनीता विलियम्स, भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र की लंबी उड़ानें कीं। भारत के नागरिक के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए केवल राकेश शर्मा गए।

Q18.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023आसान

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक किसे कहा जाता है?

  1. A.एलन ट्यूरिंग
  2. B.जॉन मैकार्थी
  3. C.ब्लेज़ पास्कल
  4. D.डार्टमाउथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जॉन मैकार्थी

व्याख्या

सही उत्तर है B, जॉन मैकार्थी। अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन मैकार्थी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 1956 की डार्टमाउथ ग्रीष्मकालीन शोध परियोजना के प्रस्ताव में यह शब्द पहली बार गढ़ा था; इसी बैठक से यह विषय शुरू हुआ माना जाता है। उन्होंने 1958 में लिस्प भाषा भी बनाई, जिसमें शुरुआती दौर का अधिकांश कृत्रिम बुद्धिमत्ता का काम लिखा गया, कंप्यूटर पर समय-साझाकरण का समर्थन किया और 1971 में ट्यूरिंग पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि एलन ट्यूरिंग को कंप्यूटर विज्ञान का जनक और ट्यूरिंग परीक्षण का प्रवर्तक माना जाता है, जिसमें देखा जाता है कि बातचीत में मशीन और मनुष्य में अंतर पहचाना जा सकता है या नहीं, पर इस विषय का नाम उन्होंने नहीं रखा। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्लेज़ पास्कल ने सत्रहवीं सदी में जोड़ने वाली यांत्रिक मशीन पास्कलाइन बनाई थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि डार्टमाउथ वह महाविद्यालय है जहाँ 1956 का सम्मेलन हुआ, कोई व्यक्ति नहीं। परीक्षा टिप: मैकार्थी ने 1956 में यह नाम दिया और लिस्प भाषा बनाई।

Q19.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

चंद्रमा पर जल के अणुओं की पुष्टि चंद्रयान एक के किस उपकरण के आँकड़ों से हुई?

  1. A.मून इंपैक्ट प्रोब
  2. B.मून मिनरलॉजी मैपर
  3. C.ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा
  4. D.लाइमैन अल्फा फोटोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मून मिनरलॉजी मैपर

व्याख्या

सही उत्तर B, मून मिनरलॉजी मैपर है। संयुक्त राज्य की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा दिया गया और भारतीय ऑर्बिटर पर उड़ा यह इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर मापता था कि चंद्र सतह से सूर्य का प्रकाश किस प्रकार परावर्तित होता है, और उसने जल के अणुओं तथा हाइड्रॉक्सिल का अवशोषण चिह्न पाया, विशेषतः ध्रुवों की ओर। यह निष्कर्ष 2009 में घोषित हुआ और आज भी भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का सर्वाधिक ज्ञात वैज्ञानिक परिणाम है।

विकल्प A, मून इंपैक्ट प्रोब, भी चंद्रयान एक पर था और 14 नवंबर 2008 को सतह से टकराया, परंतु उसका काम अवतरण प्रौद्योगिकी का परीक्षण और ध्वज पहुँचाना था, और उसके उपकरणों ने केवल सहायक प्रमाण दिए। विकल्प C, ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा, चंद्रयान दो का है और ग्यारह वर्ष बाद आया। विकल्प D, लाइमैन अल्फा फोटोमीटर, मंगल ऑर्बिटर मिशन का नीतभार था, किसी चंद्र मिशन का नहीं।

Q20.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

राकेश शर्मा ने 1984 में किस अंतरिक्ष यान से यात्रा की थी?

  1. A.वोस्तोक-1
  2. B.सोयुज टी-11
  3. C.अपोलो-11
  4. D.शेनझोउ-5
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सोयुज टी-11

व्याख्या

सही उत्तर B, सोयुज टी-11 है। राकेश शर्मा सोयुज टी-11 से गए, जो 2 अप्रैल 1984 को बैकोनूर से छोड़ा गया और सोवियत अंतरिक्ष केंद्र सैल्यूट 7 से जुड़ा। यह उड़ान इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम का भाग थी, जिसके अंतर्गत सोवियत संघ मित्र देशों के अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाता था, और शर्मा ने जीव चिकित्सा तथा दूरसंवेदन के प्रयोग किए।

विकल्प A, वोस्तोक-1, अप्रैल 1961 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मनुष्य यूरी गागरिन को ले गया था। विकल्प C, अपोलो-11, वह अमेरिकी मिशन था जिसने जुलाई 1969 में नील आर्मस्ट्रांग और बज़ ऑल्ड्रिन को चंद्रमा पर उतारा। विकल्प D, शेनझोउ-5, अक्टूबर 2003 में यांग लिवेई को ले गया और इससे चीन अपने बल पर मनुष्य को कक्षा में भेजने वाला तीसरा देश बना। इन चार यानों और उनकी उपलब्धियों को अलग-अलग याद रखना ही इस प्रश्न का उद्देश्य है।

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