निम्नलिखित में से कौन कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह का स्रोत नहीं है?
- A.डेटा
- B.एल्गोरिदम
- C.लोग
- D.क्षमता
सही उत्तर
D. क्षमता
व्याख्या
सही उत्तर है D, क्षमता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह के तीन स्रोत माने जाते हैं, वह डेटा जिससे प्रणाली सीखती है, सीखने वाला एल्गोरिदम, और उसे बनाने तथा उपयोग करने वाले लोग; क्षमता इनमें नहीं आती, क्योंकि किसी मॉडल की क्षमता यह बताती है कि वह कितना अच्छा काम करता है, वह अनुचितता के प्रवेश का रास्ता नहीं है। डेटा से पूर्वाग्रह तब आता है जब प्रशिक्षण के आँकड़ों में कोई समूह छूट जाए या कम हो, जैसे चेहरा पहचानने वाली प्रणाली मुख्यतः एक ही तरह के चेहरों पर प्रशिक्षित हो। एल्गोरिदम से पूर्वाग्रह मॉडल की बनावट के चुनावों से आता है, जैसे उसे कौन-कौन से गुण देखने दिए गए। मनुष्यों से पूर्वाग्रह लेबल लगाने, नमूना चुनने और टीम की धारणाओं से आता है। विकल्प A, B और C इस प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत हैं, क्योंकि ये तीनों वास्तव में पूर्वाग्रह के स्रोत हैं। परीक्षा टिप: डेटा, एल्गोरिदम और लोग, यही तीन स्रोत याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंराकेश शर्मा ने 1984 में किस अंतरिक्ष यान से यात्रा की थी?
- A.वोस्तोक-1
- B.सोयुज टी-11
- C.अपोलो-11
- D.शेनझोउ-5
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोयुज टी-11
व्याख्या
सही उत्तर B, सोयुज टी-11 है। राकेश शर्मा सोयुज टी-11 से गए, जो 2 अप्रैल 1984 को बैकोनूर से छोड़ा गया और सोवियत अंतरिक्ष केंद्र सैल्यूट 7 से जुड़ा। यह उड़ान इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम का भाग थी, जिसके अंतर्गत सोवियत संघ मित्र देशों के अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाता था, और शर्मा ने जीव चिकित्सा तथा दूरसंवेदन के प्रयोग किए।
विकल्प A, वोस्तोक-1, अप्रैल 1961 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मनुष्य यूरी गागरिन को ले गया था। विकल्प C, अपोलो-11, वह अमेरिकी मिशन था जिसने जुलाई 1969 में नील आर्मस्ट्रांग और बज़ ऑल्ड्रिन को चंद्रमा पर उतारा। विकल्प D, शेनझोउ-5, अक्टूबर 2003 में यांग लिवेई को ले गया और इससे चीन अपने बल पर मनुष्य को कक्षा में भेजने वाला तीसरा देश बना। इन चार यानों और उनकी उपलब्धियों को अलग-अलग याद रखना ही इस प्रश्न का उद्देश्य है।
इसरो का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए समर्पित केंद्र कहाँ स्थित है?
- A.तिरुवनंतपुरम
- B.बेंगलुरु
- C.अहमदाबाद
- D.श्रीहरिकोटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बेंगलुरु
व्याख्या
सही उत्तर B, बेंगलुरु है। गगनयान कार्यक्रम के लिए उत्तरदायी इसरो केंद्र, मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, 2019 में स्थापित हुआ और बेंगलुरु से कार्य करता है, जहाँ इसरो का मुख्यालय, यू आर राव उपग्रह केंद्र तथा इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क भी हैं।
विकल्प A, तिरुवनंतपुरम, में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है जहाँ प्रक्षेपण यान विकसित होते हैं, तथा वलियामला में द्रव नोदन प्रणाली केंद्र है। विकल्प C, अहमदाबाद, में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र और विक्रम साराभाई द्वारा स्थापित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला है। विकल्प D, आंध्र प्रदेश का श्रीहरिकोटा, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र अर्थात प्रक्षेपण स्थल है, और गगनयान वहीं से उड़ेगा, यद्यपि कार्यक्रम का संचालन बेंगलुरु से होता है। इसरो का मुख्यालय भी बेंगलुरु में है, और इसी शहर से गगनयान की प्रणालियों का समन्वय तथा यात्रियों का प्रशिक्षण संचालित होता है, इसलिए प्रश्नपत्र इसे बार-बार पूछते हैं।
गगनयान का कक्षीय मॉड्यूल किससे मिलकर बनता है?
- A.क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल
- B.लैंडर और रोवर
- C.ऑर्बिटर और प्रणोदन मॉड्यूल
- D.क्रू मॉड्यूल और क्रायोजेनिक चरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल
व्याख्या
सही उत्तर A, क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल है। क्रू मॉड्यूल वह दाबयुक्त दोहरी दीवार वाला कक्ष है जिसमें अंतरिक्ष यात्री रहते हैं, और यही एकमात्र भाग पृथ्वी पर लौटता है, जिसे ताप कवच बचाता है और पैराशूट उतारते हैं। सर्विस मॉड्यूल बिना दाब वाला भाग है जिसमें प्रणोदन, विद्युत उत्पादन, ताप नियंत्रण तथा अन्य सहायक प्रणालियाँ होती हैं, और यह पुनःप्रवेश से पहले अलग कर दिया जाता है।
विकल्प B, लैंडर और रोवर, चंद्रयान-3 का वर्णन है, जिसमें विक्रम और प्रज्ञान चंद्रमा पर कार्य कर रहे थे। विकल्प C, ऑर्बिटर और प्रणोदन मॉड्यूल, पूर्ववर्ती चंद्र मिशनों का वर्णन है, जिन्हें यान को चंद्र कक्षा में पहुँचाना था। विकल्प D गलत है क्योंकि क्रायोजेनिक चरण प्रक्षेपण यान का अंग है और कक्षा तक पहुँचने से पहले ही जल जाता है, अतः वह यान का भाग कभी नहीं होता। कौन-सा भाग लौटता है, यही सर्वाधिक पूछा जाता है।
अक्टूबर 2023 का टीवी-डी1 मिशन मुख्यतः गगनयान की किस प्रणाली के परीक्षण के लिए किया गया था?
- A.क्रायोजेनिक ऊपरी चरण
- B.क्रू एस्केप सिस्टम
- C.डॉकिंग तंत्र
- D.चंद्र लैंडर के पाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्रू एस्केप सिस्टम
व्याख्या
सही उत्तर B, क्रू एस्केप सिस्टम है। पहला परीक्षण यान अबॉर्ट मिशन टीवी-डी1 21 अक्टूबर 2023 को श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया। एक चरण वाला परीक्षण यान क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम को ध्वनि के निकट गति तक ले गया, अबॉर्ट का आदेश दिया गया, एस्केप मोटरों ने क्रू मॉड्यूल को दूर खींचा, और मॉड्यूल पैराशूट से उतरकर समुद्र से बरामद कर लिया गया।
विकल्प A गलत है क्योंकि परीक्षण यान में क्रायोजेनिक चरण ही नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉकिंग अलग से सिद्ध की जा रही है, विशेषतः स्पेडेक्स प्रयोग से, और यह गगनयान की पहली उड़ान की योजना में नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि चंद्र लैंडर चंद्रयान कार्यक्रम का अंग है और इस परीक्षण से उसका कोई संबंध नहीं। सन 2018 के पैड अबॉर्ट परीक्षण ने इसी एस्केप प्रणाली को मंच पर खड़े राकेट से पहले ही सिद्ध कर दिया था।
गगनयान कार्यक्रम से जुड़ी व्योममित्र क्या है?
- A.एक अर्धमानवाकार रोबोट
- B.एक नया क्रायोजेनिक इंजन
- C.भू-नियंत्रण केंद्र
- D.यात्रियों के लिए बना अंतरिक्ष परिधान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एक अर्धमानवाकार रोबोट
व्याख्या
सही उत्तर A, एक अर्धमानवाकार रोबोट है। व्योम अर्थात आकाश और मित्र से बना नाम व्योममित्र इसरो द्वारा विकसित अर्धमानवाकार रोबोट है, जिसे बिना यात्री वाले गगनयान मिशन में भेजा जाएगा। इसमें सिर, भुजाएँ और धड़ है पर पैर नहीं, और इसका कार्य यात्री की सीट पर बैठकर कक्ष के मापदंडों की निगरानी करना, स्विच चलाना तथा सूचना भेजना है, जिससे मानव दल की निर्भर प्रणालियाँ पहले परखी जा सकें।
विकल्प B गलत है क्योंकि एलवीएम3 के क्रायोजेनिक इंजनों के अपने पदनाम हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि मिशन नियंत्रण इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क तथा मिशन नियंत्रण केंद्र से होता है, व्योममित्र नामक किसी इकाई से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय दल का अंतरिक्ष परिधान अलग विकास कार्य है और उसका यह नाम नहीं है। इस विषय के प्रश्न प्रायः व्योममित्र को बिना यात्री वाली परीक्षण उड़ानों के साथ जोड़ते हैं।