निम्नलिखित में से कौन डीआरडीओ द्वारा विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है?
- A.धनुष
- B.त्रिशूल
- C.पिनाका
- D.पृथ्वी
सही उत्तर
C. पिनाका
व्याख्या
सही उत्तर है C, पिनाका। पिनाका भारतीय सेना के लिए डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पुणे ने बनाई गई मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है और इसका नाम भगवान शिव के धनुष पर रखा गया है। एक लॉन्चर लगभग चवालीस सेकंड में बारह रॉकेट दागता है, इसलिए एक बैटरी एक ही बार में बड़े इलाके पर मार कर सकती है। पहले संस्करण की मारक क्षमता लगभग चालीस किलोमीटर है और बाद के संस्करण इससे काफी आगे तक जाते हैं। 1999 के कारगिल संघर्ष में पिनाका का उपयोग हुआ था और अब इसका निर्यात भी होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि धनुष पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक, जहाज से छोड़ा जाने वाला रूप है और यही नाम एक खींचकर ले जाने वाली तोप का भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूल एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि पृथ्वी सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, रॉकेट प्रणाली नहीं। परीक्षा टिप: आईजीएमडीपी से पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग मिले; पिनाका इस सूची से बाहर है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय कौन था?
- A.कल्पना चावला
- B.राकेश शर्मा
- C.रवीश मल्होत्रा
- D.सुनीता विलियम्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राकेश शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर B, राकेश शर्मा है। भारतीय वायु सेना के पायलट राकेश शर्मा अप्रैल 1984 में एक संयुक्त मिशन के अंतर्गत सोयुज यान से सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट 7 गए और लगभग एक सप्ताह कक्षा में रहकर जीव विज्ञान तथा सुदूर संवेदन के प्रयोग किए। उन्हें इसके लिए भी याद किया जाता है कि प्रधानमंत्री के इस प्रश्न पर कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, उन्होंने एक प्रसिद्ध गीत की पंक्ति से उत्तर दिया।
विकल्प A, कल्पना चावला अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं, जो नासा के साथ गईं और 2003 की कोलंबिया दुर्घटना में उनका निधन हुआ। विकल्प C, रवीश मल्होत्रा 1984 के मिशन के आरक्षित पायलट थे और उड़ान नहीं भर सके। विकल्प D, सुनीता विलियम्स नासा की भारतीय मूल की दूसरी अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लंबा समय बिताया है। भारतीय नागरिक के रूप में पहले केवल राकेश शर्मा गए।
1977 में छोड़ा गया कौन यान पृथ्वी से सबसे दूर स्थित मानव निर्मित वस्तु है?
- A.पायोनियर 10
- B.वॉयजर 1
- C.न्यू होराइजंस
- D.कैसिनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वॉयजर 1
व्याख्या
सही उत्तर B, वॉयजर 1 है। नासा ने इसे 1977 में छोड़ा, यह बृहस्पति और शनि के पास से गुजरा, फिर बाहर की ओर बढ़ता रहा और तारों के बीच के अंतरिक्ष में पहुँच गया, जिससे यह पृथ्वी से सबसे दूर मानव निर्मित वस्तु बन गया। इसमें हमारे ग्रह की ध्वनियों और चित्रों वाला स्वर्ण अभिलेख रखा है, और इसी ने पृथ्वी का वह चित्र लिया जिसे पीला नीला बिंदु कहा जाता है।
विकल्प A, पायोनियर 10 बृहस्पति की ओर भेजा गया पुराना यान था और एक समय सबसे दूर था, पर वह पीछे छूट गया और अब संकेत नहीं भेजता। विकल्प C, न्यू होराइजंस 2015 में प्लूटो के पास से गुजरा और दूर है, पर वॉयजर यानों से बहुत निकट है। विकल्प D, कैसिनी ने शनि और उसके चंद्रमाओं का अध्ययन किया और 2017 में मिशन के अंत में उसे जानबूझकर ग्रह में गिरा दिया गया। जुड़वाँ वॉयजर 2 ही चारों विशाल ग्रहों के पास से गुजरा है।
चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर सबसे पहली लैंडिंग किस देश के यान ने की?
- A.अमेरिका
- B.रूस
- C.चीन
- D.भारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चीन
व्याख्या
सही उत्तर C, चीन है। चीन के चांगई 4 मिशन ने जनवरी 2019 में चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर लैंडिंग की, जो किसी भी यान की वहाँ पहली लैंडिंग थी, और उसने युतु-2 रोवर बाहर भेजा। वहाँ उतरना कठिन है क्योंकि दूरस्थ भाग कभी पृथ्वी की ओर नहीं होता, इसलिए संकेत पहुँचाने के लिए अलग रिले उपग्रह पहले से स्थापित किया गया था। बाद में चीन ने चांगई 5 से चंद्र नमूने पृथ्वी पर लाए।
विकल्प A, अमेरिका ने अपोलो दलों को निकट भाग पर उतारा। विकल्प B, रूस ने सोवियत संघ के रूप में लूना 9 से 1966 में किसी भी प्रकार की पहली सॉफ्ट लैंडिंग की, वह भी निकट भाग पर। विकल्प D, भारत ने 2023 में चंद्रयान-3 से दक्षिण ध्रुव के निकट लैंडिंग की, जो अलग उपलब्धि है और इस प्रश्न में सबसे संभावित भ्रम। दूरस्थ भाग का श्रेय चीन का है।
जाक्सा किस देश की अंतरिक्ष एजेंसी है?
- A.दक्षिण कोरिया
- B.जापान
- C.चीन
- D.इजरायल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जापान
व्याख्या
सही उत्तर B, जापान है। जाक्सा का अर्थ जापान वैमानिकी अन्वेषण एजेंसी है, जो 2003 में जापान की तीन पुरानी अंतरिक्ष संस्थाओं को मिलाकर बनी और जिसका मुख्यालय टोक्यो में है। यह हायाबुसा मिशनों के लिए प्रसिद्ध है, जो क्षुद्रग्रहों से नमूने लाए, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के किबो प्रयोगशाला मॉड्यूल के लिए और एच शृंखला के प्रक्षेपण यानों के लिए।
विकल्प A, दक्षिण कोरिया की अपनी संस्था कारी यानी कोरिया वैमानिकी अनुसंधान संस्थान है। विकल्प C, चीन चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के माध्यम से काम करता है, जो 1993 में बना और बीजिंग से चलता है तथा चांगई चंद्र मिशन और तियांगोंग स्टेशन चलाता है। विकल्प D, इजरायल की इजरायल अंतरिक्ष एजेंसी है। संक्षिप्त नाम को देश से जोड़ना ही ऐसे प्रश्नों में परखा जाता है, इसलिए इसरो, नासा, ईएसए, जाक्सा, सीएनएसए और कारी को साथ याद करें।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का मुख्यालय किस नगर में है?
- A.पेरिस
- B.ब्रुसेल्स
- C.कौरू
- D.डार्मस्टाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पेरिस
व्याख्या
सही उत्तर A, पेरिस है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी 1975 में उन यूरोपीय देशों ने बनाई जिन्होंने अपना अंतरिक्ष कार्य एक साथ करने का निर्णय किया, और इसका मुख्यालय पेरिस में है। इस एजेंसी के प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण और मिशन नियंत्रण के अलग अलग केंद्र यूरोप भर में फैले हैं, और यह हब्बल तथा जेम्स वेब दूरबीन और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी परियोजनाओं में नासा के साथ काम करती है।
विकल्प B, ब्रुसेल्स यूरोपीय संघ और नाटो का केंद्र है, इस अंतरिक्ष एजेंसी का नहीं, जो अपने सदस्यों वाली अलग संस्था है। विकल्प C, फ्रेंच गुयाना का कौरू वह स्थान है जहाँ से एजेंसी का गुयाना अंतरिक्ष केंद्र राकेट छोड़ता है, जो भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण चुना गया। विकल्प D, जर्मनी के डार्मस्टाट में यूरोपीय अंतरिक्ष संचालन केंद्र है, जो प्रक्षेपण के बाद मिशन नियंत्रित करता है। मुख्यालय केवल पेरिस में है।