यदि किसी क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत लाया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उसके परिणाम को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है?
- A.इससे जनजातीय लोगों की भूमि का गैर-जनजातीय लोगों को हस्तांतरण रुक जाएगा।
- B.इससे उस क्षेत्र में स्थानीय स्वशासन की संस्था बन जाएगी।
- C.इससे वह क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र में बदल जाएगा।
- D.ऐसे क्षेत्र वाले राज्य को विशेष श्रेणी राज्य घोषित कर दिया जाएगा।
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व्याख्या
सही उत्तर A, जनजातीय भूमि का गैर-जनजातियों को हस्तांतरण रुकना है। पाँचवीं अनुसूची के पैरा 5(2) के अनुसार राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बना सकता है और इसमें स्पष्ट रूप से ऐसे विनियम शामिल हैं जो अनुसूचित जनजाति के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि हस्तांतरण को रोकते या सीमित करते हैं। इसलिए भूमि की सुरक्षा पाँचवीं अनुसूची की घोषणा का सीधा विधिक परिणाम है। B गलत है, क्योंकि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 से आता है, घोषणा से नहीं; अनुसूची केवल सलाहकारी जनजाति सलाहकार परिषद बनाती है। C गलत है, क्योंकि अनुसूचित क्षेत्र संबंधित राज्य का ही भाग रहता है और उस पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति चलती रहती है, जबकि संघ राज्यक्षेत्र अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद बनाती है। D गलत है, क्योंकि विशेष श्रेणी का दर्जा केंद्रीय सहायता के बँटवारे से जुड़ी पुरानी व्यवस्था थी और उसका पाँचवीं अनुसूची से कोई संबंध नहीं है।