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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: संसदीय प्रक्रियाएं: प्रश्नकाल, शून्यकाल और प्रस्ताव

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "संसदीय प्रक्रियाएं: प्रश्नकाल, शून्यकाल और प्रस्ताव" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारतीय संसद में प्रश्नकाल सामान्यतः बैठक के किस भाग में होता है?

  1. A.बैठक का अंतिम घंटा
  2. B.बैठक का पहला घंटा
  3. C.भोजनावकाश के तुरंत बाद का घंटा
  4. D.दिन भर के लिए सदन स्थगित होने से पहले का घंटा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैठक का पहला घंटा

व्याख्या

सही उत्तर B, बैठक का पहला घंटा है। प्रश्नकाल प्रत्येक सदन की प्रत्येक बैठक का पहला घंटा होता है, सामान्यतः पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक, और यह प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में दिया गया है। इस घंटे में सदस्य मंत्रियों से उनके प्रभार के लोक प्रशासन संबंधी विषयों पर प्रश्न पूछते हैं और मंत्री उत्तर देने के लिए बाध्य होता है। A, अंतिम घंटा, गलत है क्योंकि बैठक का अंतिम भाग सूचीबद्ध विधायी या वित्तीय कार्य के लिए होता है, प्रश्नों के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि प्रश्नकाल के बाद का समय शून्यकाल होता है और अवकाश के बाद वही कार्य होता है जो दिन की सूची में है; कोई उपाय भोजनावकाश से जुड़ा नहीं है। D गलत है क्योंकि स्थगन से पहले कोई घंटा प्रश्नों के लिए आरक्षित नहीं होता; प्रश्नकाल बीत जाने पर प्रश्न केवल अल्प सूचना प्रश्न के रूप में लिए जा सकते हैं, जिसे अध्यक्ष विशेष रूप से स्वीकार करे।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय संसद में शून्यकाल किस वर्ष से प्रचलन में है?

  1. A.1952
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1977
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1962

व्याख्या

सही उत्तर C, 1962 है। शून्यकाल संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1962 से प्रचलन में है। यह प्रश्नकाल के तुरंत बाद, लगभग दोपहर 12 बजे आरंभ होता है और दिन के सूचीबद्ध कार्य के आरंभ होने तक चलता है, तथा इसमें सदस्य बिना पूर्व सूचना कोई विषय उठा सकता है, जबकि हर दूसरा उपाय पूर्व सूचना मांगता है। परीक्षा में सबसे अधिक पूछी जाने वाली बात यह है कि इसका प्रक्रिया नियमों में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए यह अनौपचारिक उपाय है। A, 1952, गलत है क्योंकि उस वर्ष संविधान के अंतर्गत निर्वाचित संसद की पहली बैठक हुई थी, शून्यकाल आरंभ नहीं हुआ था। B, 1954, गलत है क्योंकि उस वर्ष से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रचलन में आया, जो एक अलग भारतीय देन है। D, 1977, गलत है; इस प्रकार का कोई उपाय उस वर्ष से नहीं है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोकसभा में तारांकित प्रश्न के बारे में कौन सा कथन सही है?

  1. A.इसका उत्तर लिखित में दिया जाता है और पूरक प्रश्न नहीं पूछे जा सकते
  2. B.इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं
  3. C.इसका उत्तर केवल कोई निजी सदस्य देता है
  4. D.इसे स्वीकार कराने के लिए पचास सदस्यों का समर्थन आवश्यक है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं

व्याख्या

सही उत्तर B, इसका उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है और पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं है। तारांकित प्रश्न तारे के चिह्न से अंकित होता है, मंत्री सदन के पटल पर उसका उत्तर देता है, और उत्तर मौखिक होने के कारण सदस्य उसके बाद पूरक प्रश्न पूछ सकते हैं। लोकसभा में एक दिन में अधिकतम बीस तारांकित प्रश्न रखे जा सकते हैं। A गलत है क्योंकि लिखित उत्तर और पूरक प्रश्नों का निषेध अतारांकित प्रश्न की पहचान है, जिसकी लोकसभा में दैनिक सीमा दो सौ तीस है। C गलत है क्योंकि निजी सदस्य से प्रश्न एक अलग श्रेणी है, जो तभी स्वीकार होती है जब विषय कोई विधेयक या उस सदस्य के प्रभार का कार्य हो। D गलत है क्योंकि पचास सदस्यों के समर्थन की शर्त स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर लागू होती है, किसी प्रकार के प्रश्न पर नहीं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

लोकसभा में एक दिन में मौखिक उत्तर के लिए अधिकतम कितने तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध किए जा सकते हैं?

  1. A.10
  2. B.15
  3. C.20
  4. D.230
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 20

व्याख्या

सही उत्तर C, 20 है। नियमों के अनुसार लोकसभा में किसी एक दिन मौखिक उत्तर के लिए अधिकतम बीस तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध किए जा सकते हैं, और यह लॉटरी से तय होता है कि किन सदस्यों के प्रश्नों को स्थान मिलेगा। B, 15, लोकसभा के लिए गलत है, किंतु राज्यसभा में यही सीमा है, इसीलिए यह इस प्रश्न का सबसे आम जाल है। D, 230, गलत है क्योंकि यह लोकसभा में एक दिन में सूचीबद्ध किए जा सकने वाले अतारांकित प्रश्नों की अधिकतम संख्या है, जिनका उत्तर लिखित होता है; राज्यसभा में यह सीमा एक सौ साठ है। A, 10, सीमा के रूप में गलत है, पर प्रश्न के लिए सामान्य सूचना अवधि दस स्पष्ट दिन है, और अभ्यर्थी सूचना अवधि को दैनिक सीमा समझ लेते हैं। ध्यान रखें कि यह सीमा केवल सूचीबद्ध प्रश्नों पर लागू होती है, पूरक प्रश्नों की संख्या पर नहीं, जिसे पीठासीन अधिकारी समय के अनुसार तय करता है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद में स्थगन प्रस्ताव किस सदन में रखा जा सकता है?

  1. A.केवल लोकसभा में
  2. B.केवल राज्यसभा में
  3. C.किसी भी सदन में
  4. D.दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल लोकसभा में

व्याख्या

सही उत्तर A, केवल लोकसभा में है। स्थगन प्रस्ताव केवल लोकसभा में स्वीकार होता है, क्योंकि इसमें सरकार के विरुद्ध निंदा का तत्व होता है और अनुच्छेद 75 की सामूहिक उत्तरदायित्व की व्यवस्था के कारण मंत्रिपरिषद की निंदा केवल लोकसभा कर सकती है। यह सदन का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के किसी निश्चित विषय की ओर खींचता है, इसके लिए पचास सदस्यों का समर्थन चाहिए, और स्वीकार हो जाने पर इस पर चर्चा कम से कम दो घंटे तीस मिनट चलनी चाहिए। B गलत है क्योंकि राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का प्रावधान ही नहीं है; वहां सदस्य ऐसा विषय विशेष उल्लेख या ध्यानाकर्षण सूचना से उठाता है। C इसी कारण गलत है। D गलत है क्योंकि संयुक्त बैठक अनुच्छेद 108 के अंतर्गत केवल किसी विधेयक पर गतिरोध दूर करने के लिए बुलाई जाती है और वहां इस प्रकार का प्रस्ताव नहीं लिया जाता।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

लोकसभा में स्वीकृत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कम से कम कितनी देर चलनी चाहिए?

  1. A.एक घंटा
  2. B.दो घंटे
  3. C.दो घंटे तीस मिनट
  4. D.तीन घंटे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दो घंटे तीस मिनट

व्याख्या

सही उत्तर C, दो घंटे तीस मिनट है। नियमों में यह व्यवस्था है कि अध्यक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर लिए जाने पर सदन को उस पर कम से कम दो घंटे तीस मिनट की चर्चा देनी होगी, जिससे वह विषय, जो सूचीबद्ध कार्य स्थगित कराने योग्य गंभीर माना गया, वास्तव में परखा जाए। A, एक घंटा, गलत है, हालांकि इसे आधे घंटे की चर्चा से मिला दिया जाता है, जो पूर्णतः भिन्न उपाय है और तीस मिनट की होती है। B, दो घंटे, गलत है और इस प्रश्न का जाल है: नियम 193 के अंतर्गत अल्पकालिक चर्चा को लोकप्रिय भाषा में दो घंटे की चर्चा कहा जाता है और अभ्यर्थी उसकी अवधि स्थगन प्रस्ताव पर लगा देते हैं। D, तीन घंटे, गलत है; किसी नियम में इन उपायों के लिए तीन घंटे की न्यूनतम अवधि नहीं है।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव किस नियम के अंतर्गत रखा जाता है?

  1. A.नियम 176
  2. B.नियम 193
  3. C.नियम 198
  4. D.नियम 377
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नियम 198

व्याख्या

सही उत्तर C, नियम 198 है। मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के नियम 198 के अंतर्गत रखा जाता है। इसे स्वीकार कराने के लिए पचास सदस्यों का समर्थन चाहिए, इसमें कोई कारण नहीं बताया जाता, और यह पारित हो जाने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है, क्योंकि अनुच्छेद 75 मंत्रिपरिषद को लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी बनाता है। A, नियम 176, लोकसभा के लिए गलत है; यह राज्यसभा में अल्पकालिक चर्चा का नियम है। B, नियम 193, गलत है क्योंकि यह लोकसभा में अल्पकालिक चर्चा का नियम है, जिसमें न औपचारिक प्रस्ताव होता है और न मतदान। D, नियम 377, गलत है क्योंकि इसके अंतर्गत लोकसभा में वह विषय उठाया जाता है जो किसी और नियम में नहीं आता। ध्यान रखें कि नियम की संख्या नियमावली की है, संविधान के अनुच्छेद की नहीं; संविधान में अविश्वास प्रस्ताव का नाम से कोई उल्लेख नहीं है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

स्वतंत्रता के बाद लोकसभा में पहला अविश्वास प्रस्ताव किसने रखा था?

  1. A.आचार्य जे. बी. कृपलानी
  2. B.राम मनोहर लोहिया
  3. C.अटल बिहारी वाजपेयी
  4. D.सी. राजगोपालाचारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आचार्य जे. बी. कृपलानी

व्याख्या

सही उत्तर A, आचार्य जे. बी. कृपलानी है। स्वतंत्रता के बाद लोकसभा में पहला अविश्वास प्रस्ताव अगस्त 1963 में आचार्य जे. बी. कृपलानी ने जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार के विरुद्ध रखा था, 1962 के युद्ध के बाद बने वातावरण में, और वह प्रस्ताव गिर गया। B गलत है क्योंकि राम मनोहर लोहिया उस दौर में सरकार के सबसे तीखे आलोचकों में थे, पर पहला ऐसा प्रस्ताव उन्होंने नहीं रखा। C गलत है क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में बाद में आए और उन्हें 1999 में विश्वास प्रस्ताव पर गिरी सरकार के लिए याद किया जाता है, जो सरकार द्वारा स्वयं रखा जाने वाला भिन्न उपाय है। D गलत है क्योंकि सी. राजगोपालाचारी कभी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे; वे गवर्नर जनरल रहे और बाद में संसद के बाहर रहकर स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अविश्वास प्रस्ताव की तुलना में निंदा प्रस्ताव की विशिष्ट पहचान कौन सी है?

  1. A.यह केवल राज्यसभा में रखा जा सकता है
  2. B.इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है
  3. C.इसके लिए एक सौ सदस्यों का समर्थन आवश्यक है
  4. D.यह पारित होने पर मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है

व्याख्या

सही उत्तर B, इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है है। निंदा प्रस्ताव में उस मंत्री या मंत्रियों के विरुद्ध निश्चित आरोप बताना पड़ता है जिनका वह नाम लेता है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव में कोई आधार बताना आवश्यक नहीं। निंदा प्रस्ताव किसी एक मंत्री, मंत्रियों के समूह या पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध हो सकता है। A गलत है क्योंकि निंदा प्रस्ताव भी अविश्वास प्रस्ताव की तरह केवल लोकसभा में रखा जाता है। C गलत है क्योंकि एक सौ सदस्यों की कोई न्यूनतम शर्त कहीं नहीं है; याद रखने योग्य संख्या पचास है, जो स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर लागू होती है। D गलत है, और यही दूसरी दिशा का मुख्य अंतर है: निंदा प्रस्ताव पारित होने पर मंत्रिपरिषद त्यागपत्र देने को बाध्य नहीं होती, जबकि अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर बाध्य होती है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, जिसके द्वारा सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है, भारतीय संसद में किस वर्ष से प्रचलित है?

  1. A.1950
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1971
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1954

व्याख्या

सही उत्तर B, 1954 है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1954 से प्रचलित है। सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है और मंत्री उस पर वक्तव्य देता है, जिसके बाद सदस्य स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। शून्यकाल के विपरीत इसका उल्लेख प्रक्रिया नियमों में है, इसलिए यह औपचारिक उपाय है। A, 1950, गलत है; उस वर्ष संविधान लागू हुआ था, यह उपाय बाद में आया। C, 1962, गलत है क्योंकि उस वर्ष से शून्यकाल प्रचलित है, और ये दो भारतीय देनें विकल्पों में आमतौर पर आपस में बदल दी जाती हैं। D, 1971, गलत है; उस वर्ष से इस प्रकार का कोई उपाय नहीं है, हालांकि चौबीसवां संविधान संशोधन उसी वर्ष का है। ध्यान रखें कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दोनों सदनों में उपलब्ध है, जबकि स्थगन प्रस्ताव केवल लोकसभा में, और यही अंतर विकल्पों में जाल बनाता है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

वह कटौती प्रस्ताव जिसमें किसी अनुदान मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की मांग की जाती है, क्या कहलाता है?

  1. A.नीति कटौती
  2. B.मितव्ययिता कटौती
  3. C.सांकेतिक कटौती
  4. D.गिलोटिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नीति कटौती

व्याख्या

सही उत्तर A, नीति कटौती है। नीति कटौती प्रस्ताव में मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की बात होती है, जिसका अर्थ उस मांग के पीछे की नीति को पूरी तरह अस्वीकार करना है, और प्रस्तावक वैकल्पिक नीति सुझा सकता है। B, मितव्ययिता कटौती, गलत है क्योंकि इसमें मांग को एक निश्चित राशि से घटाने की बात होती है, जो नीति को अस्वीकार किए बिना की जा सकने वाली बचत दर्शाती है। C, सांकेतिक कटौती, गलत है क्योंकि इसमें ठीक सौ रुपये की कमी मांगी जाती है और यह केवल भारत सरकार के क्षेत्र की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए रखी जाती है। D, गिलोटिन, गलत है क्योंकि वह कटौती प्रस्ताव नहीं है: अनुदान मांगों के लिए नियत समय समाप्त होने पर अध्यक्ष इसी के द्वारा शेष सभी मांगों को एक साथ मतदान के लिए रख देता है, चाहे उन पर चर्चा हुई हो या नहीं।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद के किसी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति कितनी होती है?

  1. A.सदन के कुल सदस्यों का एक चौथाई
  2. B.सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग
  3. C.सदन के कुल सदस्यों का एक तिहाई
  4. D.सदन के पचास सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग

व्याख्या

सही उत्तर B, सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग है। संविधान का अनुच्छेद 100(3) कहता है कि संसद के किसी भी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति उस सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग होगी, और पीठासीन अधिकारी भी उसी दसवें भाग में गिना जाता है। गणपूर्ति न होने पर पीठासीन अधिकारी का कर्तव्य है कि वह सदन स्थगित कर दे या गणपूर्ति होने तक बैठक निलंबित रखे। A, एक चौथाई, और C, एक तिहाई, गलत हैं क्योंकि किसी प्रावधान में गणपूर्ति इन अंशों में नहीं है; एक तिहाई का संबंध अन्य विषयों से है, जैसे राज्यसभा के एक तिहाई सदस्यों का प्रत्येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होना। D, पचास सदस्य, गलत है क्योंकि पचास की संख्या लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव या अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कराने के लिए चाहिए, बैठक की गणपूर्ति के लिए नहीं।

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