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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 26

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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 26) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बौद्ध और जैन धर्म, सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज, हर्षवर्धन और दक्षिण भारतीय राज्य और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · 29th Jan 2017मध्यम

बुद्ध से जुड़े अवसरों के प्रतीकों में 'स्तूप' किसका प्रतीक है?

  1. A.मृत्यु
  2. B.प्रथम उपदेश
  3. C.जन्म
  4. D.गृहत्याग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मृत्यु

व्याख्या

सही उत्तर है A, मृत्यु। आरंभिक बौद्ध कला में बुद्ध को मनुष्य रूप में नहीं दिखाया जाता था, इसलिए उनके जीवन की घटनाएँ प्रतीकों के रूप में गढ़ी गईं, और स्तूप उनके महापरिनिर्वाण यानी कुशीनगर में हुई मृत्यु का प्रतीक है। स्तूप अवशेषों पर बना गुंबदनुमा टीला होता है; कहा जाता है कि अशोक ने ऐसे अनेक स्तूप बनवाए, और साँची, भरहुत तथा अमरावती के स्तूप सबसे प्रसिद्ध हैं। प्रतीकों की यह सूची तय है और परीक्षाओं में बार-बार पूछी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सारनाथ के प्रथम उपदेश का प्रतीक धर्मचक्र है, जिसके साथ मृगदाव की याद में प्रायः दो हिरण दिखाए जाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि लुंबिनी में हुए जन्म के प्रतीक कमल और साँड़ हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि गृहत्याग का प्रतीक घोड़ा है, जबकि बोधगया में ज्ञानप्राप्ति का प्रतीक बोधि वृक्ष है। परीक्षा टिप: कमल जन्म का, घोड़ा गृहत्याग का, बोधि वृक्ष ज्ञान का, चक्र प्रथम उपदेश का और स्तूप मृत्यु का प्रतीक है।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 19 Oct 2020, Shift 3आसान

'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा' के नारे किसने दिए?

  1. A.मोहनदास करमचंद गांधी
  2. B.जवाहरलाल नेहरू
  3. C.सुभाष चंद्र बोस
  4. D.सरदार वल्लभ भाई पटेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सुभाष चंद्र बोस

व्याख्या

सही उत्तर है C, सुभाष चंद्र बोस। दोनों नारे नेताजी और आजाद हिंद फौज से जुड़े हैं, जिसका नेतृत्व उन्होंने 1943 से किया। दिल्ली चलो का नारा देकर उन्होंने दिल्ली की ओर बढ़ना फौज का लक्ष्य बनाया, और दक्षिण पूर्व एशिया के भारतीयों से अपनी प्रसिद्ध अपील में आजादी के बदले खून माँगा। उन्होंने जय हिंद का अभिवादन भी दिया, अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार बनाई, और महिला सैनिकों की रानी झाँसी रेजिमेंट खड़ी की। विकल्प A गलत है, क्योंकि गांधीजी के नारे 1942 में दिए गए भारत छोड़ो और करो या मरो थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि नेहरू अपने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के लिए याद किए जाते हैं, इन नारों के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि लौह पुरुष पटेल बारदोली आंदोलन और देशी रियासतों के विलय से जुड़े हैं। परीक्षा टिप: दिल्ली चलो, जय हिंद और खून दो, तीनों सुभाष चंद्र बोस की ओर इशारा करते हैं।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

बादामी के चालुक्य वंश का अंत किस शासक ने किया?

  1. A.दंतिदुर्ग
  2. B.आदित्य प्रथम
  3. C.भास्करवर्मन
  4. D.कुब्ज विष्णुवर्धन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दंतिदुर्ग

व्याख्या

सही उत्तर A, दंतिदुर्ग है। वह राष्ट्रकूट शक्ति का संस्थापक था और उसने लगभग 753 ईस्वी में बादामी के अंतिम प्रमुख चालुक्य शासक कीर्तिवर्मन द्वितीय को अपदस्थ कर दिया। इसके बाद राष्ट्रकूटों ने मान्यखेट से दक्कन पर शासन किया और एलोरा का शैलकृत कैलाश मंदिर छोड़ा, जिसका निर्माण दंतिदुर्ग के उत्तराधिकारी कृष्ण प्रथम के समय आरंभ हुआ।

विकल्प B, आदित्य प्रथम, नौवीं शताब्दी का चोल राजा था जिसने अंतिम पल्लव अपराजित को हराया, किसी चालुक्य को नहीं। विकल्प C, भास्करवर्मन, असम के कामरूप का राजा और शशांक के विरुद्ध हर्ष का मित्र था, और उसने दक्कन में कभी अभियान नहीं किया। विकल्प D, कुब्ज विष्णुवर्धन, पुलकेशिन द्वितीय का भाई था जिसने तटीय आंध्र के वेंगी में पूर्वी चालुक्य शाखा की स्थापना की; उसने वंश की शक्ति बढ़ाई, समाप्त नहीं की।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021मध्यम

औपनिवेशिक भारत में भारतीय लोहा और इस्पात धातुकर्म के पतन के कारण के रूप में आप निम्नलिखित में से किसे बताएंगे? A. इंग्लैंड से लोहा और इस्पात आयात किया जाता था। B. नए वन कानूनों ने लोगों को आरक्षित वनों में लकड़ी लेने जाने से रोक दिया।

  1. A.केवल A
  2. B.केवल B
  3. C.A और B दोनों
  4. D.न A न B
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. A और B दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, A और B दोनों। भारत के गांवों के लोहा गलाने वाले कारीगर एक साथ दो दबावों से उजड़ गए। उन्नीसवीं सदी के मध्य से ब्रिटिश कारखानों में बना सस्ता लोहा और इस्पात भारत में बड़ी मात्रा में आने लगा, और स्थानीय कारीगर उस दाम का मुकाबला नहीं कर सके, इसलिए उनके धातु की मांग गिर गई। उसी समय उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध के औपनिवेशिक वन कानूनों ने बड़े इलाकों को आरक्षित वन घोषित कर दिया और गलाने वाले समुदायों का प्रवेश रोक दिया। अब वे अपनी भट्ठियों के लिए कोयला बनाने हेतु लकड़ी नहीं काट सकते थे, और लकड़ी के कोयले के बिना भट्ठियां ठंडी पड़ गईं। कुछ ने भारी शुल्क देकर प्रवेश लिया, पर बहुत से परिवारों ने यह काम छोड़कर खेती या मजदूरी अपना ली। A और B अकेले अधूरे हैं क्योंकि हर कथन केवल एक कारण बताता है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं। परीक्षा टिप: सस्ता ब्रिटिश आयात और वन कानूनों से कोयले की कमी, दोनों ने गांव का लोहा उद्योग खत्म किया।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 5 March 2019, Shift 2मध्यम

खातौली के युद्ध (1517) में मेवाड़ के राणा सांगा ने दिल्ली के सुल्तान ______ लोदी को हराकर बंदी बनाया और फिर फिरौती लेकर छोड़ दिया।

  1. A.बहलोल खान
  2. B.कुतुबुद्दीन
  3. C.इब्राहीम
  4. D.सिकंदर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इब्राहीम

व्याख्या

सही उत्तर C, इब्राहीम है। इब्राहीम लोदी 1517 में गद्दी पर बैठा और लगभग तुरंत ही राजस्थान की सीमा के निकट खातौली में मेवाड़ के राणा सांगा का सामना करना पड़ा, जहाँ लोदी सेना हारी और सुल्तान की सेनाएँ पीछे हटा दी गईं। इस विजय ने राणा सांगा को उस समय की सबसे शक्तिशाली राजपूत शक्ति बना दिया, और बाद में उसने 1527 में खानवा में बाबर से युद्ध किया। विकल्प A गलत है क्योंकि वंश के संस्थापक बहलोल खान लोदी की मृत्यु 1489 में, इस युद्ध से बहुत पहले हो गई थी। विकल्प B गलत है क्योंकि कुतुबुद्दीन ऐबक गुलाम वंश का था और उसकी मृत्यु 1210 में हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि इब्राहीम के पिता सिकंदर लोदी की मृत्यु 1517 में हुई और वह 1504 में आगरा बसाने के लिए जाना जाता है, खातौली के लिए नहीं। अंत में इब्राहीम लोदी 1526 में पानीपत के पहले युद्ध में मारा गया।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 Jul 2023, Shift 1मध्यम

मोपला, अर्थात मुस्लिम किसानों ने एक शक्तिशाली जमींदार-विरोधी आंदोलन कहाँ खड़ा किया था?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.बंगाल
  3. C.केरल
  4. D.उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है C, केरल। मोपला या मापिला उत्तरी केरल के मालाबार क्षेत्र के मुस्लिम किसान थे और जेनमी जमींदारों के विरुद्ध उनका लंबा संघर्ष 1921 के मालाबार या मोपला विद्रोह में बदल गया। इन काश्तकारों को जोत की कोई सुरक्षा नहीं थी और उन्हें भारी लगान तथा पट्टा नवीनीकरण शुल्क देना पड़ता था, इसलिए जब 1920-21 का खिलाफत और असहयोग आंदोलन मालाबार पहुँचा तो यह रोष एरनाड और वल्लुवनाड तालुकों में सशस्त्र विद्रोह बन गया। ब्रिटिश सेना ने विद्रोह को कुचल दिया और नवंबर 1921 की वैगन त्रासदी में बंद मालगाड़ी के डिब्बे में दम घुटने से दर्जनों बंदी मारे गए। A गलत है क्योंकि तमिलनाडु में मोपला आंदोलन नहीं हुआ। B गलत है क्योंकि बंगाल के किसान संघर्ष पाबना आंदोलन और बाद का तेभागा आंदोलन थे। D गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के किसान आंदोलन अवध किसान सभा और एका आंदोलन थे। परीक्षा टिप: मोपला विद्रोह - केरल का मालाबार, वर्ष 1921, खिलाफत आंदोलन और वैगन त्रासदी से जुड़ा।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस नेता ने बहमनी सल्तनत की स्थापना की थी?

  1. A.महमूद गवाँ
  2. B.अलाउद्दीन हसन बहमन शाह
  3. C.मुहम्मद शाह
  4. D.मुहम्मद बिन तुगलक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अलाउद्दीन हसन बहमन शाह

व्याख्या

सही उत्तर B, अलाउद्दीन हसन बहमन शाह है। 1347 ईस्वी में दौलताबाद के अमीरान-ए-सदा नामक सरदारों ने दिल्ली सुल्तान के विरुद्ध विद्रोह किया और अपने ही एक साथी हसन गंगू को दक्कन का सिंहासन सौंप दिया। उन्होंने अलाउद्दीन हसन बहमन शाह की उपाधि ली और गुलबर्गा को, जिसका नाम अहसनाबाद रखा गया, अपनी राजधानी बनाया। उन्हीं के नाम पर यह वंश बहमनी कहलाया। विकल्प A गलत है क्योंकि महमूद गवाँ फारस के व्यापारी थे जो सौ वर्ष से भी अधिक बाद दक्कन आए और मुहम्मद शाह तृतीय के वजीर बने; वे मंत्री थे, संस्थापक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि मुहम्मद शाह प्रथम हसन बहमन शाह के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, जिन्होंने राज्य को चार तरफ में बाँटा पर उसे बनाया नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक वही दिल्ली सुल्तान थे जिनके विरुद्ध दक्कन के अमीरों ने विद्रोह किया; बहमनी राज्य उन्हीं के साम्राज्य से कटकर बना था।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 4मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ‘विक्रमशिला विश्वविद्यालय’ का संस्थापक था?

  1. A.रामपाल
  2. B.गोविंदपाल
  3. C.महिपाल प्रथम
  4. D.धर्मपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धर्मपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, धर्मपाल। बंगाल और बिहार के पाल वंश के दूसरे और सबसे प्रतापी शासक धर्मपाल ने आठवीं शताब्दी के अंत में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो आज के बिहार के भागलपुर जिले में था। उन्होंने ओदंतपुरी का विहार भी बनवाया और पालों के समय ये नालंदा के बाद बौद्ध शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र बने। विक्रमशिला तांत्रिक बौद्ध धर्म के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध था और इसके सबसे जाने-माने आचार्य अतीश दीपंकर श्रीज्ञान थे, जो बौद्ध धर्म को तिब्बत ले गए। लगभग 1193 में बख्तियार खिलजी के आक्रमणों में यह विश्वविद्यालय नष्ट हो गया। धर्मपाल ने कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लिया और चक्रायुध को वहाँ गद्दी पर बैठाया। विकल्प C गलत है, क्योंकि महिपाल प्रथम ने केवल पाल शक्ति फिर जगाई और विहारों की मरम्मत कराई। विकल्प A गलत है, क्योंकि रामपाल बहुत बाद के पाल शासक थे, जिन पर संध्याकर नंदी ने रामचरितम् लिखा। विकल्प B गलत है, क्योंकि गोविंदपाल इस वंश के अंतिम शासक थे। परीक्षा टिप: नालंदा कुमारगुप्त प्रथम से और ओदंतपुरी तथा विक्रमशिला धर्मपाल से जुड़े हैं।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 6 Sept 2019, shift 3आसान

निम्नलिखित में से किस विकल्प में मुगल सम्राटों का कालक्रमानुसार सही क्रम है?

  1. A.जहाँगीर, अकबर, हुमायूँ, शाहजहाँ
  2. B.हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ
  3. C.शाहजहाँ, अकबर, जहाँगीर, हुमायूँ
  4. D.अकबर, शाहजहाँ, हुमायूँ, जहाँगीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ

व्याख्या

सही उत्तर B, हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ है। मुगल गद्दी बाबर से चली, जिसने 1526 से 1530 तक शासन किया, फिर उसके पुत्र हुमायूँ के पास 1530 से 1540 और दोबारा 1555 से 1556 तक रही, इसके बाद अकबर ने 1556 से 1605, जहाँगीर ने 1605 से 1627, शाहजहाँ ने 1628 से 1658 और औरंगजेब ने 1658 से 1707 तक शासन किया। विकल्प B इनमें से चार को ठीक इसी क्रम में रखता है, इसलिए वही सही है। विकल्प A गलत है क्योंकि वह हुमायूँ के पौत्र जहाँगीर को अकबर और हुमायूँ दोनों से पहले रख देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि वह पूरा क्रम उलट देता है, शाहजहाँ से शुरू होकर उसके प्रपितामह हुमायूँ पर समाप्त होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हुमायूँ शाहजहाँ के बाद नहीं बल्कि अकबर से पहले शासक था, और जहाँगीर शाहजहाँ से पहले आता है, अंत में नहीं। छह शासनकाल क्रम से याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों का सबसे सुरक्षित उपाय है।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 19 April 2022, Shift 2आसान

श्री गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु के बाद सिखों ने बंदा बहादुर के नेतृत्व में किसके विरुद्ध विद्रोह किया?

  1. A.गोरखाओं
  2. B.मुगलों
  3. C.अंग्रेजों
  4. D.मराठों
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुगलों

व्याख्या

सही उत्तर है B, मुगलों। 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु के बाद बंदा सिंह बहादुर ने पंजाब में मुगल शासन के विरुद्ध सिखों का नेतृत्व किया। उन्होंने मालवा और दोआबा के किसानों को जोड़ा, समाना और सढौरा पर हमला किया, और 1710 में सरहिंद में अपनी सबसे प्रसिद्ध जीत हासिल की, जहाँ गुरु के छोटे साहिबजादों की हत्या के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले सूबेदार वजीर खान को हराकर मार डाला गया। बंदा ने लोहगढ़ को अपना केंद्र बनाया, गुरुओं के नाम पर सिक्के ढलवाए और आदेश जारी किए, तथा अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में जमींदारी प्रथा खत्म करके जमीन जोतने वालों को दी। गुरदासपुर में घेरे जाने पर वे 1715 में पकड़े गए और फर्रुखसियर के शासन में 1716 में दिल्ली में मार डाले गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोरखे नेपाल के शासक थे और उनका युद्ध अंग्रेजों से 1814-16 में हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंग्रेजी सत्ता पंजाब में 1849 में पहुँची। विकल्प D गलत है, क्योंकि मराठे उनका निशाना नहीं थे। परीक्षा टिप: 1708 गुरु गोबिंद सिंह, 1710 सरहिंद, 1716 बंदा का बलिदान।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

तीसरे वर्ग द्वारा बैस्तील जेल पर किए गए हमले से _______ की चिंगारी भड़की।

  1. A.रूसी क्रांति
  2. B.फ्रांसीसी क्रांति
  3. C.सोवियत संघ का विघटन
  4. D.ज़ार का पतन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसीसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांसीसी क्रांति। 14 जुलाई 1789 को पेरिस में बैस्तील जेल पर हुए हमले से फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत मानी जाती है। उस समय फ्रांसीसी समाज तीन वर्गों में बँटा था, पहला पादरी वर्ग, दूसरा कुलीन वर्ग और तीसरा वह वर्ग जिसमें किसानों से लेकर व्यापारी तक सब आते थे; कर वही चुकाता था, पर उसे कोई विशेषाधिकार नहीं था। बैस्तील राजा का किलेनुमा कारागार और लुई सोलहवें की निरंकुश सत्ता का प्रतीक था, इसलिए भीड़ ने हथियार और बारूद के लिए उस पर हमला किया। इस क्रांति ने दुनिया को स्वतंत्रता, समता और बंधुता का नारा तथा मानव अधिकारों की घोषणा दी, और 14 जुलाई आज भी फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1917 की रूसी क्रांति पेत्रोग्राद की हड़तालों से शुरू हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि ज़ार निकोलस द्वितीय ने 1917 की फरवरी क्रांति में गद्दी छोड़ी। परीक्षा टिप: 14 जुलाई 1789 बैस्तील, 1917 रूसी क्रांति, 1991 सोवियत संघ का अंत।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017मध्यम

इल्बर्ट बिल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।
  2. B.इसने भारतीयों को यूरोपीयों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।
  3. C.इसने भारतीय आई.सी.एस. अधिकारियों को अदालतों में यूरोपीयों पर मुकदमा चलाने का अधिकार दिया।
  4. D.यह इल्बर्ट द्वारा राष्ट्रवादियों के समर्थन में चलाया गया आंदोलन था।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है A, इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे। 1883 का इल्बर्ट बिल उस नियम को हटाना चाहता था जिसके अनुसार यूरोपीय ब्रिटिश नागरिकों का मुकदमा केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही सुन सकते थे। इसे लॉर्ड रिपन की परिषद के विधि सदस्य सर कोर्टनी इल्बर्ट ने तैयार किया था और इससे भारतीय जिला मजिस्ट्रेट तथा सेशन जज यूरोपीयों के आपराधिक मामले सुन सकते। भारत में रह रहे यूरोपीय समुदाय ने इतना तीखा विरोध किया कि 1884 में बिल को कमजोर कर दिया गया और यूरोपीय को ऐसी जूरी से सुनवाई का अधिकार मिला जिसके आधे सदस्य यूरोपीय हों। इस प्रकरण ने शिक्षित भारतीयों को संगठन का महत्व सिखाया और इसे 1885 में कांग्रेस की स्थापना के तात्कालिक कारणों में गिना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऐसे मुकदमे भारतीय पहले से दायर कर सकते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिल आम तौर पर भारतीय न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों की बात करता था, केवल आई.सी.एस. अधिकारियों की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इल्बर्ट ने बिल लिखा था; आंदोलन तो इसके विरुद्ध हुआ। परीक्षा टिप: इल्बर्ट बिल 1883, लॉर्ड रिपन, कांग्रेस 1885।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Nov 2012 Paper - 2 Social Studies (आसान

किसी सूफी संत के मकबरे को क्या कहा जाता है?

  1. A.ईदगाह
  2. B.खानकाह
  3. C.इबादतगाह
  4. D.दरगाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दरगाह

व्याख्या

सही उत्तर है D, दरगाह। दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा है, जो उनकी कब्र पर बनाया जाता है और जहाँ हर धर्म के लोग धागे बाँधने, फूल चढ़ाने और मन्नत माँगने आते हैं। संत की मृत्यु की वर्षगाँठ पर होने वाले आयोजन को 'उर्स' कहते हैं, जिसमें दरगाह पर कव्वाली गाई जाती है। अजमेर में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती और दिल्ली में निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाहें भारत में सबसे प्रसिद्ध हैं, और अकबर के समय से मुग़ल बादशाह अजमेर की यात्रा पैदल तीर्थयात्री के रूप में करते थे। A गलत है क्योंकि ईदगाह शहर के बाहर बनी वह खुली चारदीवारी वाली जगह है जहाँ समुदाय ईद की नमाज़ के लिए जुटता है। B गलत है क्योंकि खानकाह वह निवास था जिसमें जीवित सूफी संत अपने शिष्यों के साथ रहते, उन्हें शिक्षा देते और यात्रियों को भोजन कराते थे। C गलत है क्योंकि इबादतगाह का अर्थ सामान्य रूप से उपासना-स्थल है। परीक्षा टिप: खानकाह – संत का निवास, दरगाह – संत का मकबरा, उर्स – वहाँ का वार्षिक आयोजन।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 26 Jul 2023, Shift 2मध्यम

आध्यात्मिक सत्य की खोज के लिए स्थापित तत्वबोधिनी सभा की स्थापना किसने की थी?

  1. A.केशव चंद्र सेन
  2. B.राजा राम मोहन राय
  3. C.देवेंद्रनाथ टैगोर
  4. D.दयानंद सरस्वती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. देवेंद्रनाथ टैगोर

व्याख्या

सही उत्तर है C, देवेंद्रनाथ टैगोर। देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1839 में कलकत्ता में तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य उपनिषदों और वेदांत का अध्ययन करना तथा राजा राम मोहन राय के तर्कसंगत धर्म का प्रचार करना था। सभा ने एक विद्यालय चलाया और तत्वबोधिनी पत्रिका निकाली, जिसमें धर्म, विज्ञान और समाज सुधार पर लेख छपते थे; ईश्वर चंद्र विद्यासागर और अक्षय कुमार दत्त इसके सदस्यों में थे। रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ 1843 में ब्रह्म सभा से जुड़े और उसे ब्रह्म समाज के रूप में नया रूप दिया, तथा 1859 में तत्वबोधिनी सभा उसी में मिल गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि केशव चंद्र सेन बहुत बाद में ब्रह्म समाज से जुड़े और 1866 में अलग होकर भारतवर्षीय ब्रह्म समाज बनाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजा राम मोहन राय ने 1828 में ब्रह्म सभा बनाई और 1833 में उनका निधन हो गया, यानी इस सभा की स्थापना से पहले। विकल्प D गलत है, क्योंकि दयानंद सरस्वती ने 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना की। परीक्षा टिप: ब्रह्म सभा 1828 राम मोहन राय, तत्वबोधिनी सभा 1839 देवेंद्रनाथ टैगोर, आर्य समाज 1875 दयानंद सरस्वती।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 21 Oct 2020, Shift 2मध्यम

1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह में निम्नलिखित में से कौन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) का नेता था?

  1. A.मौलवी लियाकत अली
  2. B.तात्या टोपे
  3. C.खान बहादुर खान
  4. D.रानी लक्ष्मीबाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मौलवी लियाकत अली

व्याख्या

सही उत्तर है A, मौलवी लियाकत अली। महगाँव गाँव के मौलवी लियाकत अली ने 1857 के विद्रोह में इलाहाबाद, यानी आज के प्रयागराज, का नेतृत्व किया था। विद्रोहियों ने उन्हें शहर का सूबेदार घोषित किया और उन्होंने खुसरो बाग को अपना मुख्यालय बनाया। जून 1857 में लगभग दो सप्ताह तक शहर उनके नियंत्रण में रहा, फिर कलकत्ता से आई सेना के साथ कर्नल नील ने इलाहाबाद पर दोबारा कब्जा कर लिया। मौलवी लियाकत अली वहाँ से बच निकले, चौदह साल भूमिगत रहे, 1871 में बंबई में पकड़े गए और उन्हें आजीवन कालेपानी की सजा देकर अंडमान भेज दिया गया। B गलत है क्योंकि तात्या टोपे ने कानपुर में नाना साहेब के साथ और बाद में ग्वालियर में रानी के साथ लड़ाई लड़ी। C गलत है क्योंकि खान बहादुर खान ने बरेली में विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की नेता थीं और जून 1858 में ग्वालियर के पास वीरगति को प्राप्त हुईं। परीक्षा टिप: इलाहाबाद – लियाकत अली, कानपुर – नाना साहेब, लखनऊ – बेगम हजरत महल, बरेली – खान बहादुर खान, झाँसी – रानी लक्ष्मीबाई।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

निम्नलिखित में से किसने 1904 में अभिनव भारत नामक क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था बनाई थी?

  1. A.खुदीराम बोस
  2. B.श्यामजी कृष्ण वर्मा
  3. C.हर दयाल
  4. D.वी. डी. सावरकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वी. डी. सावरकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, वी. डी. सावरकर। विनायक दामोदर सावरकर ने अपने भाई गणेश के साथ मिलकर 1904 में नासिक में अभिनव भारत की स्थापना की। यह संस्था पहले की मित्र मेला नामक टोली से बनी थी और इसका नाम मैजिनी के यंग इटली से लिया गया, जिनकी जीवनी का सावरकर ने मराठी में अनुवाद किया था। संस्था नौजवानों को हथियार चलाना सिखाती थी, क्रांतिकारी साहित्य बाँटती थी और महाराष्ट्र के अलावा बाद में लंदन में भी इसकी शाखा बनी, जहाँ सावरकर छात्रवृत्ति पर गए और उन्होंने 1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर लिखा। यह संस्था अंततः 1952 में भंग की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस अनुशीलन समिति के युवा क्रांतिकारी थे, जिन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड में 1908 में फाँसी हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्यामजी कृष्ण वर्मा ने 1905 में लंदन में इंडिया हाउस और इंडियन होम रूल सोसाइटी शुरू की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाला हरदयाल ने 1913 में सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी बनाई। परीक्षा टिप: अभिनव भारत 1904, इंडिया हाउस 1905, गदर पार्टी 1913।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 18 March 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस वर्ष भारत ब्रिटिश ताज के सीधे शासन के अधीन आया था?

  1. A.1878
  2. B.1858
  3. C.1868
  4. D.1888
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1858

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1858। 1857 के विद्रोह के बाद पारित भारत शासन अधिनियम, 1858 ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर भारत को सीधे ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया। इस कानून ने कंपनी के संचालक मंडल और नियंत्रण बोर्ड को खत्म कर दिया तथा भारत सचिव का पद बनाया, जो ब्रिटिश मंत्रिमंडल का सदस्य होता था और जिसकी सहायता के लिए पंद्रह सदस्यों की भारत परिषद बनी। अब गवर्नर जनरल को वायसराय भी कहा जाने लगा और दोनों पद एक साथ संभालने वाले पहले व्यक्ति लॉर्ड कैनिंग थे। 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद में पढ़ी गई महारानी विक्टोरिया की घोषणा में वादा किया गया कि देशी रियासतों से हुई संधियों का सम्मान होगा और भारतीयों को जाति या धर्म देखे बिना पदों पर नियुक्त किया जाएगा। A गलत है क्योंकि 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट आया था। C गलत है क्योंकि 1868 में सत्ता का ऐसा कोई हस्तांतरण नहीं हुआ। D गलत है क्योंकि 1888 से ऐसी कोई घटना नहीं जुड़ी। परीक्षा टिप: 1858–कंपनी शासन समाप्त, ताज का शासन शुरू, कैनिंग पहले वायसराय।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किस वंश की राजधानी दक्षिण भारत में नहीं थी?

  1. A.चोल
  2. B.चेर
  3. C.पल्लव
  4. D.पाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, पाल। पाल वंश ने पूर्वी भारत, यानी बंगाल और बिहार पर शासन किया, इसलिए इसकी राजधानी कभी दक्षिण भारत में नहीं रही। इस वंश की नींव लगभग 750 ईस्वी में गोपाल ने रखी थी, जिन्हें बंगाल के सरदारों ने लंबे समय की अराजकता खत्म करने के लिए अपना राजा चुना। उनके बाद धर्मपाल और देवपाल ने पाटलिपुत्र और मुंगेर से शासन किया और विक्रमशिला का प्रसिद्ध बौद्ध महाविहार बनवाया, जहाँ तिब्बत तक से विद्यार्थी पढ़ने आते थे। A गलत है क्योंकि चोलों की राजधानी पहले तंजावुर और बाद में गंगईकोंडचोलपुरम रही, जो तमिल क्षेत्र में हैं। B गलत है क्योंकि चेर वंश आज के केरल के मालाबार तट पर था और उसका केंद्र वंजी यानी करूर माना जाता है। C गलत है क्योंकि पल्लवों की राजधानी तमिलनाडु का कांचीपुरम थी और उन्होंने महाबलीपुरम के तट मंदिर बनवाए। परीक्षा टिप: चोल–तंजावुर, चेर–वंजी और पल्लव–कांचीपुरम दक्षिण भारत में; पाल–बंगाल तथा बिहार में।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 13 Oct 2020, Shift 2मध्यम

किस चोल शासक को लोकप्रिय रूप से 'गंगा का विजेता' कहा जाता था?

  1. A.विजयालय चोल
  2. B.गंडरादित्य चोल
  3. C.परांतक चोल प्रथम
  4. D.राजेंद्र चोल प्रथम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राजेंद्र चोल प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजेंद्र चोल प्रथम। उन्होंने गंगईकोंड चोल यानी गंगा को जीतने वाला उपाधि तब धारण की, जब लगभग 1022 ईस्वी में उनकी सेना उत्तर की ओर बढ़ी, पाल शासक महिपाल को हराया और गंगा का जल तमिल प्रदेश तक ले आई। यह जल उनकी नई राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम के विशाल तालाब में डाला गया। यह राजधानी उन्होंने तंजावुर के स्थान पर बसाई और वहाँ अपने पिता राजराज प्रथम की शैली में बड़ा शिव मंदिर बनवाया। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया के श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान भी भेजा, जो किसी भारतीय शासक के लिए दुर्लभ बात थी। A गलत है क्योंकि विजयालय ने नौवीं सदी में तंजावुर जीतकर वंश की नींव रखी थी। B गलत है क्योंकि गंडरादित्य तमिल भक्ति रचना के लिए याद किए जाते हैं। C गलत है क्योंकि परांतक प्रथम राष्ट्रकूटों से लड़े और तक्कोलम में हार गए थे। परीक्षा टिप: राजेंद्र प्रथम–गंगईकोंड चोल, गंगईकोंडचोलपुरम और श्रीविजय पर नौसैनिक अभियान।

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