1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह में निम्नलिखित में से कौन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) का नेता था?
- A.मौलवी लियाकत अली
- B.तात्या टोपे
- C.खान बहादुर खान
- D.रानी लक्ष्मीबाई
सही उत्तर
A. मौलवी लियाकत अली
व्याख्या
सही उत्तर है A, मौलवी लियाकत अली। महगाँव गाँव के मौलवी लियाकत अली ने 1857 के विद्रोह में इलाहाबाद, यानी आज के प्रयागराज, का नेतृत्व किया था। विद्रोहियों ने उन्हें शहर का सूबेदार घोषित किया और उन्होंने खुसरो बाग को अपना मुख्यालय बनाया। जून 1857 में लगभग दो सप्ताह तक शहर उनके नियंत्रण में रहा, फिर कलकत्ता से आई सेना के साथ कर्नल नील ने इलाहाबाद पर दोबारा कब्जा कर लिया। मौलवी लियाकत अली वहाँ से बच निकले, चौदह साल भूमिगत रहे, 1871 में बंबई में पकड़े गए और उन्हें आजीवन कालेपानी की सजा देकर अंडमान भेज दिया गया। B गलत है क्योंकि तात्या टोपे ने कानपुर में नाना साहेब के साथ और बाद में ग्वालियर में रानी के साथ लड़ाई लड़ी। C गलत है क्योंकि खान बहादुर खान ने बरेली में विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की नेता थीं और जून 1858 में ग्वालियर के पास वीरगति को प्राप्त हुईं। परीक्षा टिप: इलाहाबाद – लियाकत अली, कानपुर – नाना साहेब, लखनऊ – बेगम हजरत महल, बरेली – खान बहादुर खान, झाँसी – रानी लक्ष्मीबाई।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमैसूर राज्य और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?
- A.1780-1784
- B.1769-1775
- C.1785-1789
- D.1766-1769
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1780-1784
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1780-1784। द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध 1780 से 1784 तक चला। इसकी शुरुआत तब हुई जब अंग्रेजों ने हैदर अली के क्षेत्र में स्थित फ्रांसीसी बंदरगाह माहे पर कब्जा कर लिया और जवाब में हैदर अली ने कर्नाटक पर हमला किया। 1780 में उसने पोल्लिलूर में कर्नल बेली की सेना को बुरी तरह हराया, जो भारत में अंग्रेजों की सबसे बड़ी पराजयों में गिनी जाती है। इसके बाद वॉरेन हेस्टिंग्स ने सर आयर कूट को दक्षिण भेजा, जिसने 1781 में पोर्टो नोवो में हैदर अली को हराया। दिसंबर 1782 में हैदर अली की कैंसर से मृत्यु हो गई और उसके बेटे टीपू सुल्तान ने युद्ध जारी रखा। मार्च 1784 की मंगलोर की संधि से युद्ध समाप्त हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने जीते हुए इलाके लौटा दिए। B गलत है क्योंकि 1769-1775 में कोई आंग्ल-मैसूर युद्ध नहीं हुआ। C गलत है क्योंकि 1785-1789 दो युद्धों के बीच का शांति काल था। D गलत है क्योंकि प्रथम युद्ध 1767-1769 में लड़ा गया और मद्रास की संधि से समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: प्रथम 1767-69 मद्रास, द्वितीय 1780-84 मंगलोर, तृतीय 1790-92 श्रीरंगपट्टनम, चतुर्थ 1799।
शुजा-उद-दौला और शाह आलम ने रॉबर्ट क्लाइव के साथ इलाहाबाद में संधियाँ कब की थीं?
- A.1764
- B.1767
- C.1766
- D.1765
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1765
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1765। बक्सर के युद्ध में जीत के अगले वर्ष, अगस्त 1765 में रॉबर्ट क्लाइव ने इलाहाबाद की दो संधियाँ कीं। पहली संधि से अवध के शुजा-उद-दौला को कड़ा और इलाहाबाद छोड़कर उसका इलाका वापस मिल गया, उसे युद्ध के खर्च के रूप में पचास लाख रुपये देने पड़े और वह अंग्रेजों का आश्रित सहयोगी बन गया, जिसे अपने राज्य में तैनात अंग्रेजी सेना का खर्च भी उठाना था। दूसरी संधि से मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय को कड़ा और इलाहाबाद तथा छब्बीस लाख रुपये की सालाना पेंशन मिली, और बदले में उसने कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा की दीवानी, यानी राजस्व वसूली का अधिकार दे दिया। इसी से बंगाल में द्वैध शासन शुरू हुआ, जिसमें पैसा कंपनी के हाथ में था और प्रशासन की जिम्मेदारी नवाब पर। A गलत है क्योंकि 1764 बक्सर के युद्ध का वर्ष है। B और C गलत हैं क्योंकि 1767 या 1766 में ऐसी कोई संधि नहीं हुई। परीक्षा टिप: प्लासी 1757, बक्सर 1764, इलाहाबाद की संधि और दीवानी अधिकार 1765।
स्वाली के युद्ध (1612) में अंग्रेजों ने ______ के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी।
- A.डेनिश
- B.पुर्तगाली
- C.डच
- D.फ्रांसीसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पुर्तगाली
व्याख्या
सही उत्तर है B, पुर्तगाली। स्वाली का युद्ध नवंबर 1612 में गुजरात तट पर सूरत के पास बसे सुवाली गाँव के सामने समुद्र में लड़ा गया। कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में अंग्रेजों के छोटे बेड़े ने पुर्तगालियों के बड़े बेड़े को हरा दिया। इस जीत से यह धारणा टूट गई कि भारतीय समुद्र में पुर्तगालियों को हराया नहीं जा सकता। जहाँगीर के अधिकारियों ने यह लड़ाई किनारे से देखी थी और इसके बाद अंग्रेजों को सूरत में कारखाना खोलने की अनुमति शाही फरमान से मिल गई, जो पश्चिमी तट पर उनका पहला मजबूत ठिकाना बना। 1615 में सर थॉमस रो का दूतावास इसी शुरुआत पर आगे बढ़ा। A गलत है क्योंकि डेनिश लोग बाद में आए और 1620 में ट्रांक्वेबार में बसे। C गलत है क्योंकि डच से अंग्रेजों की भिड़ंत बाद में हुई, सबसे तीखी 1623 में अंबोयना में। D गलत है क्योंकि फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी 1664 में बनी थी। परीक्षा टिप: स्वाली 1612 – थॉमस बेस्ट ने पुर्तगालियों को हराया, इसके बाद सूरत की फैक्ट्री।
'संथाल' नामक जनजातीय समूह ने _______ में विद्रोह किया था।
- A.1876
- B.1855
- C.1896
- D.1860
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1855
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1855। संथाल विद्रोह, जिसे हूल कहा जाता है, 30 जून 1855 को संथाल परगना के राजमहल पहाड़ियों में भड़का, जो आज झारखंड में है। इसका नेतृत्व सिधू और कान्हू मुर्मू ने किया, जिनके साथ चाँद और भैरव भी थे, और उन्होंने हजारों संथालों को उन साहूकारों, व्यापारियों, जमींदारों और कंपनी अधिकारियों के विरुद्ध एकत्र किया जिन्होंने उनकी भूमि हथिया ली थी और उन्हें बंधुआ मजदूरी में धकेल दिया था। 1856 तक इस विद्रोह को कठोर बल से दबा दिया गया, लेकिन इसने अंग्रेजों को अलग संथाल परगना जिला बनाने पर विवश किया, जहाँ विशेष नियमों से बाहरी लोगों को जनजातीय भूमि खरीदने से रोका गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1876 में कोई संथाल विद्रोह नहीं हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1896 बिरसा मुंडा के मुंडा उलगुलान का वर्ष नहीं है, जो 1899 में शुरू हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1860 तक विद्रोह कुचला जा चुका था। परीक्षा टिप: संथाल हूल 1855 सिधू-कान्हू के नेतृत्व में; मुंडा उलगुलान 1899-1900 बिरसा मुंडा के नेतृत्व में।
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए भारत में वर्ष 1757 क्यों महत्वपूर्ण था?
- A.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में निजाम को हराकर हैदराबाद पर नियंत्रण पाया।
- B.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर मद्रास पर नियंत्रण पाया।
- C.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने बरार के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर अवध पर नियंत्रण पाया।
- D.1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल पर नियंत्रण पाया।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1757 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्लासी के युद्ध में नवाब सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल पर नियंत्रण पाया।
व्याख्या
सही उत्तर है D। प्लासी का युद्ध 23 जून 1757 को बंगाल में पलाशी के निकट भागीरथी के किनारे लड़ा गया और रॉबर्ट क्लाइव की छोटी कंपनी सेना ने वहाँ नवाब सिराजुद्दौला को हरा दिया। यह जीत युद्ध कौशल से कम और विश्वासघात से अधिक मिली — नवाब के सेनापति मीर जाफर ने गुप्त सौदे के बाद अपनी टुकड़ियों को लड़ने से रोक दिया और मुर्शिदाबाद के साहूकारों ने भी षड्यंत्र का साथ दिया। मीर जाफर को नवाब बनाया गया और कंपनी को बंगाल के व्यापार तथा राजस्व पर पकड़ मिल गई, इसीलिए 1757 को भारत में ब्रिटिश राजनीतिक सत्ता का आरंभ माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हैदराबाद का निजाम प्लासी में पक्षकार नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मद्रास पहले से कंपनी की बस्ती थी और प्लासी बंगाल में लड़ा गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि बरार का कोई युद्ध नहीं हुआ और अवध बाद में कंपनी के प्रभाव में आया। परीक्षा टिप: प्लासी 1757 सिराजुद्दौला के विरुद्ध, बक्सर 1764 मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय के विरुद्ध।