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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 41

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 41) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली और अवधारणाएं, अवसंरचना विकास और सार्वजनिक-निजी भागीदारी, एनपीए, दिवाला संहिता और बैंकिंग सुधार और अन्य। इनमें से 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

एंजेल का नियम कहता है कि किसी परिवार की आय बढ़ने पर

  1. A.भोजन पर व्यय का अनुपात घटता है
  2. B.भोजन पर व्यय का अनुपात बढ़ता है
  3. C.भोजन पर कुल व्यय निरपेक्ष रूप से घट जाता है
  4. D.आय के अनुपात में बचत घट जाती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भोजन पर व्यय का अनुपात घटता है

व्याख्या

सही उत्तर A है। उन्नीसवीं शताब्दी के सांख्यिकीविद् अर्न्स्ट एंजेल के नाम पर बना एंजेल का नियम कहता है कि आय बढ़ने पर परिवार के व्यय में भोजन का हिस्सा घटता है, यद्यपि भोजन पर खर्च की जाने वाली राशि बढ़ भी सकती है। यह उपयोजित अर्थशास्त्र की सबसे दृढ़ नियमितताओं में है और परिवारों, प्रदेशों तथा देशों के जीवन स्तर की तुलना में प्रयोग होता है, क्योंकि व्यय में भोजन का ऊंचा हिस्सा निर्धनता का संकेत है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह नियम को उलट देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियम अनुपात से संबंधित है, निरपेक्ष राशि से नहीं, जो प्रायः बढ़ती है और अच्छे भोजन की ओर मुड़ जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि आय के अनुपात में बचत सामान्यतः बढ़ती है, जो उपभोग फलन से जुड़ा भिन्न कथन है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services General Studies Offमध्यम

नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन (A) और दूसरा कारण (R) के रूप में। अभिकथन (A): सरकार ने राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) 2020-30 की अवधि के लिए शुरू की है। कारण (R): एनआईपी का उद्देश्य सभी को अवसंरचना तक समान पहुंच देना है। नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए।

  1. A.(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  2. B.(A) और (R) दोनों सही हैं पर (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
  3. C.(A) सही है पर (R) गलत है
  4. D.(A) गलत है पर (R) सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. (A) गलत है पर (R) सही है

व्याख्या

सही उत्तर D, (A) गलत है पर (R) सही है है। राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन की घोषणा 2019-20 के बजट भाषण में हुई और आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने इसे 2019-20 से 2024-25 के पांच वर्षों के लिए तैयार किया, जिसमें लगभग 111 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का अनुमान था। इसलिए अभिकथन में दी अवधि 2020-30 गलत है, जिससे A और B दोनों कट जाते हैं, क्योंकि वे अभिकथन को सही मानते हैं। कारण एनआईपी का उद्देश्य ठीक बताता है: रिपोर्ट का लक्ष्य हर नागरिक को विश्वस्तरीय अवसंरचना तक समान पहुंच देना है, और यह उद्देश्य वास्तविक है। C गलत है क्योंकि वह स्थिति उलट देता है, गलत अभिकथन को सही और सही कारण को गलत कहता है। ऐसे युग्मों में पहले अभिकथन की जांच करें, क्योंकि गलत अभिकथन उत्तर तुरंत तय कर देता है।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

दिवाला संहिता के अंतर्गत समाधान योजना की स्वीकृति के लिए समाधान समिति में कम से कम कितने मतदान हिस्से वाले लेनदारों का समर्थन आवश्यक है?

  1. A.इक्यावन प्रतिशत
  2. B.छियासठ प्रतिशत
  3. C.पचहत्तर प्रतिशत
  4. D.नब्बे प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छियासठ प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर B, छियासठ प्रतिशत है। समाधान समिति कंपनी के वित्तीय लेनदारों से बनती है और प्रत्येक का मतदान हिस्सा उसके ऋण के अनुपात में होता है; समाधान योजना तभी स्वीकृत होती है जब कम से कम छियासठ प्रतिशत मतदान हिस्से वाले लेनदार उसके पक्ष में मत दें, और प्रक्रिया बढ़ाने या परिसमापन में जाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी यही बहुमत आवश्यक है। विकल्प A गलत है क्योंकि इक्यावन प्रतिशत समिति के साधारण निर्णयों की सीमा है, समाधान योजना की नहीं, और यही सबसे आम भूल है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2016 की संहिता में मूल रूप से पचहत्तर प्रतिशत की आवश्यकता थी, जिसे 2018 के संशोधन से घटाया गया क्योंकि कुछ मतों की कमी से योजनाएं विफल हो रही थीं। विकल्प D संहिता में कहीं भी प्रयुक्त सीमा नहीं है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

प्रधानमंत्री जन धन योजना किस वर्ष आरंभ की गई थी?

  1. A.2012
  2. B.2014
  3. C.2015
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2014

व्याख्या

सही उत्तर B, 2014 है। प्रधानमंत्री जन धन योजना 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय मिशन के रूप में आरंभ हुई, जिसमें शून्य शेष वाला मूल बचत बैंक जमा खाता, दुर्घटना बीमा कवर सहित रुपे डेबिट कार्ड, और संतोषजनक संचालन पर ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2012 में रुपे कार्ड नेटवर्क आरंभ हुआ और उसी वर्ष बिना अतिरिक्त शर्तों वाले खाते का नाम मूल बचत बैंक जमा खाता रखा गया। विकल्प C गलत है क्योंकि 2015 सामाजिक सुरक्षा पैकेज का वर्ष है, जब प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और मुद्रा घोषित हुईं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2016 में एनपीसीआई ने एकीकृत भुगतान इंटरफेस आरंभ किया। परीक्षा में जन धन योजना के साथ 28 अगस्त की तिथि, रुपे कार्ड और ओवरड्राफ्ट सुविधा तीनों पूछे जाते हैं, इसलिए वर्ष के साथ ये विशेषताएँ भी याद रखनी चाहिए।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत शिशु श्रेणी में कितनी राशि तक के ऋण आते हैं?

  1. A.पच्चीस हजार रुपये
  2. B.पचास हजार रुपये
  3. C.एक लाख रुपये
  4. D.पाँच लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पचास हजार रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, पचास हजार रुपये है। गैर-कृषि सूक्ष्म उद्यमों को दिए जाने वाले मुद्रा ऋण तीन नामित श्रेणियों में बँटे हैं: शिशु पचास हजार रुपये तक, किशोर पचास हजार से अधिक और पाँच लाख तक, तथा तरुण पाँच लाख से अधिक और दस लाख तक, और पहले का ऋण चुका चुके ऋणियों के लिए बाद में ऊपर की श्रेणी जोड़ी गई। विकल्प A गलत है क्योंकि पच्चीस हजार मुद्रा की कोई सीमा नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि एक लाख किशोर श्रेणी के भीतर आता है और किसी श्रेणी की सीमा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पाँच लाख किशोर की ऊपरी और तरुण की निचली सीमा है, और परीक्षक इसी जोड़ी से भटकाते हैं। सभी मुद्रा ऋण बिना जमानत होते हैं।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 8th December 2021, Shift 2मध्यम

'निर्गम मूल्य' (इश्यू प्राइस) क्या है?

  1. A.यह बाजार मूल्य के बराबर ही होता है।
  2. B.यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है।
  3. C.यह किसान द्वारा तय की गई कीमत होती है।
  4. D.यह बाजार मूल्य से अधिक कीमत होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, यह बाजार मूल्य से कम कीमत होती है। निर्गम मूल्य वह रियायती दर है जिस पर सरकार के बफर स्टॉक का अनाज राशन दुकानों के जरिए बेचा जाता है, और इसे जानबूझकर बाजार मूल्य से नीचे रखा जाता है।

भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में चलती है। भारतीय खाद्य निगम किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदता है, उसे बफर स्टॉक में रखता है, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों तक पहुँचाता है। उन दुकानों पर जो दर ली जाती है, वही निर्गम मूल्य है, और सरकार जो चुकाती है तथा जो वसूलती है, उनका अंतर खाद्य सब्सिडी है। निर्गम मूल्य को नीचे रखना ही वह उपाय है जिससे गरीब परिवारों के लिए अनाज सस्ता बना रहता है।

A गलत है: यदि यह बाजार मूल्य के बराबर होता तो न सब्सिडी बचती और न राशन दुकानों की कोई जरूरत रहती। C गलत है: निर्गम मूल्य सरकार तय करती है, किसान नहीं। D गलत है: बाजार से ऊँची कीमत होने पर खरीदार राशन दुकानों से दूर ही हो जाते।

परीक्षा टिप: किसान को MSP मिलता है, राशन दुकान निर्गम मूल्य लेती है, और दोनों का अंतर खाद्य सब्सिडी है।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

व्यवहार्यता अंतर निधि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार का पूंजी अनुदान सामान्यतः कुल परियोजना लागत के कितने हिस्से तक सीमित रहता है?

  1. A.10 प्रतिशत
  2. B.20 प्रतिशत
  3. C.40 प्रतिशत
  4. D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 20 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर B, 20 प्रतिशत है। व्यवहार्यता अंतर निधि उस परियोजना के लिए एकबारगी या विलंबित पूंजी अनुदान है जो आर्थिक रूप से आवश्यक पर व्यावसायिक रूप से अव्यवहार्य हो, जैसे ग्रामीण सड़क या जलापूर्ति लाइन, जिसके उपयोग शुल्क से पूंजी कभी नहीं निकल सकती। आर्थिक कार्य विभाग परियोजना लागत का बीस प्रतिशत तक देता है, और प्रायोजक मंत्रालय, राज्य सरकार या सांविधिक प्राधिकरण बीस प्रतिशत और दे सकता है, इसलिए कुल सहायता चालीस प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसी कारण C आकर्षक भ्रामक विकल्प है: चालीस प्रतिशत संयुक्त सीमा है, अकेले केंद्र का हिस्सा नहीं। A योजना को कम आंकता है और D इसमें उपलब्ध ही नहीं है। इन अंकों को बीस और बीस की जोड़ी के रूप में याद रखें। परीक्षा में यही जोड़ी बार-बार बदली जाती है, इसलिए दोनों आंकड़े अलग-अलग याद रखें।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

जो परिसंपत्ति बारह महीने तक गैर-निष्पादित बनी रही हो, उसे किस श्रेणी में रखा जाता है?

  1. A.मानक परिसंपत्ति
  2. B.अवमानक परिसंपत्ति
  3. C.संदिग्ध परिसंपत्ति
  4. D.हानि परिसंपत्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अवमानक परिसंपत्ति

व्याख्या

सही उत्तर B, अवमानक परिसंपत्ति है। वर्गीकरण एक क्रम में चलता है: जो खाता अभी गैर-निष्पादित हुआ है वह पहले बारह महीने तक अवमानक रहता है, उसके बाद संदिग्ध हो जाता है, और जब वसूली की आशा नहीं रहती तब उसे हानि परिसंपत्ति कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मानक परिसंपत्ति वह है जिसमें भुगतान नियमित है और जिसमें सामान्य से अधिक जोखिम नहीं है, अर्थात वह एनपीए ही नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि परिसंपत्ति संदिग्ध तभी बनती है जब वह बारह महीने से अधिक अवमानक रह जाए, और संदिग्ध श्रेणी स्वयं प्रावधान के लिए आयु के अनुसार बांटी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि हानि परिसंपत्ति वह है जिसे बैंक, उसके आंतरिक लेखा परीक्षक या रिजर्व बैंक निरीक्षण अवसूल्य मान चुके हों, भले कुछ अवशिष्ट मूल्य बचा हो।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता की धारा 29क निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?

  1. A.देनदार के विरुद्ध विधिक कार्यवाही पर रोक अवधि
  2. B.परिसमापन पर धन के वितरण का क्रम
  3. C.वे व्यक्ति जो समाधान योजना देने के पात्र नहीं हैं
  4. D.आवेदन के लिए चूक की न्यूनतम राशि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वे व्यक्ति जो समाधान योजना देने के पात्र नहीं हैं

व्याख्या

सही उत्तर C, वे व्यक्ति जो समाधान योजना देने के पात्र नहीं हैं। 2018 के संशोधन से जोड़ी गई धारा 29क अपात्रताओं की सूची देती है, मुख्यतः उन प्रवर्तकों और संबंधित व्यक्तियों की जिनके खाते गैर-निष्पादित घोषित हैं, तथा अनुन्मोचित दिवालियों और निदेशक के रूप में निरर्हित व्यक्तियों की, जिससे चूक करने वाला प्रवर्तक उसी प्रक्रिया से अपनी कंपनी सस्ते में वापस न खरीद सके जो उसकी चूक से आरंभ हुई। विकल्प A गलत है क्योंकि रोक अवधि धारा 14 है, जो आवेदन स्वीकार होने पर वाद, वसूली और परिसंपत्तियों के हस्तांतरण को रोक देती है। विकल्प B गलत है क्योंकि परिसमापन पर वितरण का क्रम धारा 53 में है, जिसमें दिवाला लागत और कामगारों की देय राशि पहले आती है। विकल्प D गलत है क्योंकि चूक की सीमा, जो अब एक करोड़ रुपये है, धारा 4 से आती है।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 13 Mar 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी योजना महिलाओं के लिए ब्याज में छूट वाली सूक्ष्म वित्त (माइक्रो फाइनेंस) योजना है?

  1. A.राष्ट्रीय मातृत्व लाभ योजना
  2. B.सामाजिक सुरक्षा पायलट योजना
  3. C.महिला समृद्धि योजना
  4. D.राजराजेश्वरी महिला कल्याण योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. महिला समृद्धि योजना

व्याख्या

सही उत्तर है C, महिला समृद्धि योजना। यह वही सूक्ष्म वित्त योजना है जिसमें महिलाओं को रियायती ब्याज दर पर छोटी राशि का ऋण मिलता है, इसलिए ब्याज में छूट इसी योजना का अंग है। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम चलाता है, और धन राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों तथा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं तक पहुँचता है, मुख्य रूप से छोटे व्यापार और स्वरोजगार के लिए। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए ऐसी ही योजना राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम चलाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय मातृत्व लाभ योजना गरीब गर्भवती महिलाओं को एक बार नकद सहायता देती थी और बाद में जननी सुरक्षा योजना में मिला दी गई। विकल्प B गलत है क्योंकि वह सामाजिक सुरक्षा का प्रायोगिक कार्यक्रम है, महिलाओं की ऋण योजना नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि राजराजेश्वरी महिला कल्याण योजना महिलाओं के लिए दुर्घटना बीमा है, ऋण नहीं। परीक्षा टिप: महिला समृद्धि योजना का अर्थ है NBCFDC द्वारा महिलाओं को रियायती ब्याज पर सूक्ष्म ऋण।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में आरटीजीएस से भेजी जा सकने वाली न्यूनतम राशि कितनी है?

  1. A.एक लाख रुपये
  2. B.दो लाख रुपये
  3. C.पाँच लाख रुपये
  4. D.कोई न्यूनतम सीमा नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, दो लाख रुपये है। वास्तविक समय सकल निपटान बड़ी राशि के अंतरण के लिए बनाया गया है, जिसमें प्रत्येक लेनदेन रिज़र्व बैंक की पुस्तकों में अलग और तत्काल निपटाया जाता है, और ग्राहक लेनदेन की न्यूनतम राशि दो लाख रुपये है, जबकि ऊपरी सीमा नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि एक लाख वह संख्या है जो अभ्यर्थी सबसे अधिक भूलवश याद रखते हैं और वह आरटीजीएस के किसी वर्तमान नियम में नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि पाँच लाख इस प्रणाली की कोई सीमा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि न्यूनतम सीमा एनईएफटी में नहीं है, आरटीजीएस में है; एनईएफटी समूहों में निपटता है और किसी भी राशि के साधारण भुगतान के लिए प्रयुक्त होता है। तीसरी प्रणाली आईएमपीएस है।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 19 Jul 2023, Shift 2आसान

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भारतीय नागरिकों के किस आयु वर्ग के लिए है?

  1. A.40 से 70 वर्ष
  2. B.18 से 50 वर्ष
  3. C.29 से 55 वर्ष
  4. D.35 से 60 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 18 से 50 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है B, 18 से 50 वर्ष। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 से 50 वर्ष की आयु का कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है, जिसके पास बचत बैंक खाता हो। यह एक वर्ष का सावधि जीवन बीमा कवर है, जो हर वर्ष नवीनीकृत होता है, और सदस्य की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामित व्यक्ति को भुगतान करता है। जो सदस्य 51 वर्ष की आयु से पहले जुड़ा है और प्रीमियम देता रहता है, उसका कवर 55 वर्ष की आयु तक चलता रहता है। यह 9 मई 2015 को दुर्घटना बीमा योजना तथा पेंशन योजना के साथ शुरू की गई थी, और प्रीमियम ऑटो-डेबिट अनुदेश के तहत सीधे बैंक खाते से लिया जाता है। A, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें आयु की शुरुआत 18 से ऊपर है या अंत 50 से ऊपर है, इसलिए वे योजना की निर्धारित प्रवेश आयु से मेल नहीं खाते। परीक्षा टिप: 2015 के दोनों कवर जोड़कर याद रखें - जीवन ज्योति जीवन बीमा 18 से 50 वर्ष, सुरक्षा बीमा दुर्घटना कवर 18 से 70 वर्ष।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

केंद्रीय क्षेत्र की सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाओं का मूल्यांकन कौन निकाय करता है, जिसका अध्यक्ष आर्थिक कार्य विभाग का सचिव होता है?

  1. A.सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति
  2. B.आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति
  3. C.नीति आयोग का शासी परिषद
  4. D.भारत का वित्त आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति

व्याख्या

सही उत्तर A, सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति है, जिसे पीपीपीएसी लिखा जाता है। यह स्थायी अंतर-मंत्रालयी समिति केंद्रीय क्षेत्र के पीपीपी प्रस्ताव की रियायत संधि, जोखिम बंटवारे और वित्तीय ढांचे की जांच मंजूरी से पहले करती है, और इसका अध्यक्ष आर्थिक कार्य विभाग का सचिव होता है, जिसमें व्यय, विधि कार्य, नीति आयोग तथा प्रायोजक मंत्रालय के सचिव सदस्य होते हैं। B यानी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति बड़ी परियोजनाओं पर अंतिम राजनीतिक निर्णय लेती है, तकनीकी मूल्यांकन नहीं करती। C मुख्यमंत्रियों का वह निकाय है जो नीति आयोग का मार्गदर्शन करता है और परियोजना मंजूरी से उसका संबंध नहीं है। D अनुच्छेद 280 के अंतर्गत सांविधिक निकाय है जो संघ और राज्यों के बीच करों के बंटवारे की सिफारिश करता है। याद रखें कि तकनीकी मूल्यांकन पीपीपीएसी करती है और अंतिम मंजूरी मंत्रिमंडलीय समिति देती है।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 4मध्यम

अर्थव्यवस्था में सरकारी प्रतिभूतियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह केंद्र सरकार या राज्य सरकारों द्वारा जारी किया गया व्यापार योग्य लिखत है। II. इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है।

  1. A.न तो I और न ही II
  2. B.केवल I
  3. C.केवल II
  4. D.I और II दोनों
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है D, I और II दोनों। कथन I सही है, क्योंकि सरकारी प्रतिभूति यानी जी-सेक केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया ऋण लिखत है और इसे परिपक्वता से पहले द्वितीयक बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है। कथन II भी सही है, क्योंकि इसका भुगतान सरकार खुद करने का वचन देती है, इसलिए इनमें चूक का खतरा लगभग नहीं होता और इन्हें जोखिम रहित गिल्ट-एज्ड लिखत कहा जाता है। केंद्र सरकार की अल्पावधि उधारी खजाना बिलों के रूप में होती है, जो 91, 182 और 364 दिन के होते हैं तथा बट्टे पर बेचे जाकर अंकित मूल्य पर चुकाए जाते हैं। लंबी अवधि के लिए दिनांकित प्रतिभूतियाँ जारी होती हैं, जिन पर हर छह महीने में तय ब्याज मिलता है, जबकि राज्यों की उधारी को राज्य विकास ऋण कहते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक सरकार की ओर से यह उधारी और नीलामी संभालता है। A गलत है क्योंकि यह दोनों सही कथनों को नकारता है। B गलत है क्योंकि इसमें गिल्ट-एज्ड पहलू छूट जाता है। C गलत है क्योंकि यह व्यापार योग्य होने से इनकार करता है। परीक्षा टिप: जी-सेक–व्यापार योग्य और गिल्ट-एज्ड।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के केंद्र में रहने वाली जैम त्रयी किस मेल को कहती है?

  1. A.जन धन, आधार और मोबाइल
  2. B.जन धन, अटल पेंशन और मुद्रा
  3. C.जन सुरक्षा, आधार और सूक्ष्म बीमा
  4. D.जन धन, आयुष्मान और मनरेगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जन धन, आधार और मोबाइल

व्याख्या

सही उत्तर A, जन धन, आधार और मोबाइल है। यह शब्द उन तीन अंगों का वर्णन करता है जो मिलकर नकद अंतरण संभव बनाते हैं: धन पाने के लिए जन धन योजना में खुला बैंक खाता, लाभार्थी की पहचान तथा दोहरे नाम हटाने के लिए आधार संख्या, और वह मोबाइल फोन जिससे लाभार्थी को सूचना मिलती है और वह लेनदेन कर सकता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अटल पेंशन योजना और मुद्रा जन धन खाते का उपयोग करती हैं, परंतु त्रयी का भाग नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि जन सुरक्षा बीमा और पेंशन योजनाओं का सामूहिक नाम है, जैम का कोई अक्षर नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना और मनरेगा ग्रामीण रोजगार विधि है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण में इन तीनों के मेल से भुगतान सीधे खाते में पहुँचता है, और परीक्षा में जैम का विस्तार पूछा ही जाता है।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 5th Feb 2017मध्यम

वर्तमान में रेलवे अवसंरचना के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा कितनी है?

  1. A.50%
  2. B.75%
  3. C.100%
  4. D.0%
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100%

व्याख्या

सही उत्तर है C, 100%। भारत में रेलवे अवसंरचना में स्वचालित मार्ग से शत प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है। यह क्षेत्र 2014 में खोला गया था, और सूची में सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाले उपनगरीय गलियारे, हाई स्पीड ट्रेन परियोजनाएँ, समर्पित माल ढुलाई लाइनें, डिब्बों, इंजनों और ट्रेन सेटों जैसे रोलिंग स्टॉक का निर्माण, रेल विद्युतीकरण, सिग्नल प्रणाली, माल और यात्री टर्मिनल तथा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट प्रणालियाँ शामिल हैं। स्वचालित मार्ग का अर्थ है कि निवेशक को सरकार से पहले अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वह केवल भारतीय रिज़र्व बैंक को सूचना देता है। रेल परिचालन आज भी भारतीय रेल के पास है; केवल ऊपर गिनाई गई अवसंरचना खोली गई है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस क्षेत्र में 50 प्रतिशत की सीमा कभी नहीं रही। विकल्प B गलत है, क्योंकि 75 प्रतिशत रेलवे के किसी नियम में नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लॉटरी, जुआ, चिट फंड, परमाणु ऊर्जा और सिगरेट निर्माण की तरह रेलवे अवसंरचना निषिद्ध क्षेत्र नहीं है। परीक्षा टिप: रेलवे अवसंरचना 100 प्रतिशत स्वचालित, रक्षा 74 प्रतिशत स्वचालित।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल में निजी संचालक को वास्तव में क्या सौंपा जाता है?

  1. A.निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
  2. B.पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड
  3. C.लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने के लिए भूमि
  4. D.राज्य सरकार के स्वामित्व वाली रेल लाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड

व्याख्या

सही उत्तर B, पहले से टोल वसूल रहा चालू राष्ट्रीय राजमार्ग खंड है। टीओटी में प्राधिकरण उन पूर्ण राजमार्ग खंडों को गुच्छों में जोड़ता है जिनका यातायात रिकॉर्ड सिद्ध है, और एक अग्रिम भुगतान के बदले लंबी रियायत अवधि, आमतौर पर तीस वर्ष, के लिए टोल वसूली का अधिकार नीलाम करता है। इस तरह मिला धन नई सड़कें बनाने में लगता है, इसलिए टीओटी निर्माण मॉडल नहीं, मुद्रीकरण का साधन है, और अवधि के अंत में संपत्ति प्राधिकरण को लौट आती है। A बीओटी या एचएएम जैसी ग्रीनफील्ड रियायत का वर्णन है, जहां सड़क बननी बाकी है और यातायात केवल अनुमान है। C भूमि पट्टा है, टोल रियायत नहीं। D योजना के बाहर है, जो केंद्रीय प्राधिकरण के राष्ट्रीय राजमार्गों को कवर करती है। इसलिए टीओटी को मुद्रीकरण के खंड में रखकर याद करें, निर्माण मॉडलों के साथ नहीं।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना कितने का जीवन बीमा कवर देती है और किस आयु वर्ग को?

  1. A.एक लाख रुपये, आयु 18 से 50
  2. B.दो लाख रुपये, आयु 18 से 50
  3. C.दो लाख रुपये, आयु 18 से 70
  4. D.पाँच लाख रुपये, आयु 21 से 60
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो लाख रुपये, आयु 18 से 50

व्याख्या

सही उत्तर B, दो लाख रुपये, आयु 18 से 50 है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना किसी भी कारण से मृत्यु पर दो लाख रुपये का एक वर्षीय नवीकरणीय जीवन बीमा कवर देती है, जो अठारह से पचास वर्ष आयु के बचत बैंक खाताधारकों के लिए खुली है और प्रीमियम खाते से काटा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कवर दो लाख है, एक लाख नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि अठारह से सत्तर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की आयु सीमा है, जो दुर्घटना मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर दो लाख और आंशिक दिव्यांगता पर एक लाख देती है; दोनों की आयु सीमाएँ बदल देना मानक जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि न यह राशि और न ये आयु जन सुरक्षा की किसी योजना से मेल खाती हैं।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

निम्नलिखित में कौन सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल नहीं है?

  1. A.बीओटी (वार्षिकी)
  2. B.हाइब्रिड एन्युटी मॉडल
  3. C.इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण
  4. D.डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण

व्याख्या

सही उत्तर C, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण है। ईपीसी अनुबंध में परियोजना का स्वामित्व सरकार का होता है, वह अपने बजट से उसका भुगतान करती है और केवल निर्माण सेवा खरीदती है; ठेकेदार को किए गए काम का पैसा मिलता है, उस पर संचालन की जिम्मेदारी नहीं रहती और वह आय जोखिम नहीं उठाता, इसलिए भागीदारी का कोई लक्षण मौजूद नहीं होता। A यानी वार्षिकी आधारित बीओटी वह भागीदारी है जिसमें निजी भागीदार अपनी पूंजी से निर्माण करता है और उसे तय किश्तों में भुगतान मिलता है। B यानी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल चालीस प्रतिशत निर्माण अनुदान और शेष निजी वित्त को मिलाता है। D यानी डीबीएफओटी रियायत का पूर्णतम रूप है। परीक्षक इस प्रश्न से यही विचार जांचता है कि निजी वित्त और संचालन मिलकर पीपीपी बनाते हैं।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

अटल पेंशन योजना किस आयु वर्ग के अभिदाताओं के लिए खुली है?

  1. A.18 से 40 वर्ष
  2. B.18 से 50 वर्ष
  3. C.21 से 55 वर्ष
  4. D.25 से 60 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 18 से 40 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, 18 से 40 वर्ष है। 2015 में आरंभ और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना में अठारह से चालीस वर्ष आयु के अभिदाता जुड़ सकते हैं, जिससे प्रत्येक अभिदाता साठ वर्ष पर पेंशन आरंभ होने से पहले कम से कम बीस वर्ष अंशदान करे। चुने गए अंशदान के अनुसार गारंटीशुदा पेंशन एक हजार से पाँच हजार रुपये मासिक तक होती है। विकल्प B गलत है क्योंकि अठारह से पचास जीवन ज्योति बीमा योजना की आयु सीमा है। विकल्प C गलत है क्योंकि इक्कीस इन योजनाओं में प्रवेश की आयु नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि पच्चीस से साठ की सीमा में अंशदान अवधि इतनी कम रह जाएगी कि गारंटी संभव न हो, और योजना में ऐसी सीमा नहीं है।

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