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GK24
सामान्य विज्ञानआसानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022

निम्नलिखित में से किस संदर्भ में 'क्यूबिट' शब्द का उल्लेख होता है?

  1. A.क्लाउड सेवाएँ
  2. B.क्वांटम कंप्यूटिंग
  3. C.दृश्य प्रकाश संचार प्रौद्योगिकियाँ
  4. D.वायरलेस संचार प्रौद्योगिकियाँ

सही उत्तर

B. क्वांटम कंप्यूटिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्वांटम कंप्यूटिंग। क्यूबिट, यानी क्वांटम बिट, क्वांटम कंप्यूटर में सूचना की मूल इकाई है। साधारण बिट केवल 0 या 1 हो सकता है, लेकिन क्यूबिट एक साथ 0 और 1 की अध्यारोपण (सुपरपोजिशन) अवस्था में रह सकता है, और क्यूबिट उलझे (एंटैंगल्ड) भी हो सकते हैं, जिससे एक की अवस्था दूसरे से जुड़ जाती है। इसी कारण क्यूबिट का समूह कई संभावनाओं को एक साथ परख सकता है, जिससे क्वांटम कंप्यूटर अणुओं का अनुकरण या कुछ प्रकार के कूटलेखन तोड़ने जैसी समस्याएँ सामान्य कंप्यूटरों से कहीं तेज हल कर सकते हैं। क्यूबिट अतिचालक परिपथों, फँसे आयनों या फोटॉनों से बनते हैं, और ज्यादातर को परम शून्य के पास ठंडा रखना पड़ता है। भारत 2023 में स्वीकृत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्लाउड सेवाएँ साधारण बिट और सर्वर पर चलती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दृश्य प्रकाश संचार, यानी Li-Fi, LED प्रकाश से डेटा भेजता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायरलेस संचार रेडियो तरंगों का उपयोग करता है, क्यूबिट का नहीं। परीक्षा टिप: बिट यानी 0 या 1, क्यूबिट यानी अध्यारोपण और उलझाव।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

तत्व और परमाणुकता का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है?

I. नाइट्रोजन – द्विपरमाणुक

II. सल्फर – बहुपरमाणुक

  1. A.केवल I
  2. B.न तो I और न ही II
  3. C.I और II दोनों
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, I और II दोनों। परमाणुकता किसी तत्व के एक अणु में परमाणुओं की संख्या है, और इसी कारण हम नाइट्रोजन गैस को केवल N नहीं, बल्कि N2 लिखते हैं। नाइट्रोजन गैस N2 के रूप में रहती है, यानी दो परमाणु मज़बूत त्रिबंध से जुड़े होते हैं, इसलिए यह ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और क्लोरीन की तरह द्विपरमाणुक है। सल्फर S8 के रूप में रहता है, आठ परमाणुओं का मुकुट जैसा वलय, इसलिए यह बहुपरमाणुक है। फ़ॉस्फ़ोरस P4 के रूप में चतुःपरमाणुक है, ओज़ोन (O3) त्रिपरमाणुक है, और हीलियम तथा आर्गन जैसी उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक हैं, क्योंकि वे अकेले परमाणु के रूप में रहती हैं। ये उदाहरण NCERT कक्षा 9 के परमाणु और अणु अध्याय में दिए गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह केवल पहला युग्म मानता है, जबकि सल्फर वाला युग्म भी सही है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दोनों युग्म सही हैं, इसलिए 'कोई नहीं' उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह केवल सल्फर वाला युग्म मानता है और नाइट्रोजन को छोड़ देता है, जो सही रूप से द्विपरमाणुक है। परीक्षा टिप: He एक, N2 दो, O3 तीन, P4 चार, S8 बहु।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 15 Nov 2023, S3मध्यम

हाइड्रोजन आयन अकेले नहीं रह सकते, बल्कि जल के अणुओं के साथ जुड़कर ही रहते हैं। हाइड्रोजन आयनों को दिखाने का सही तरीका निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.HO-
  2. B.H3O+
  3. C.H2
  4. D.H2SO4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. H3O+

व्याख्या

सही उत्तर है B, H3O+। हाइड्रोजन आयन (H+) केवल एक नंगा प्रोटॉन होता है, इसलिए यह पानी में अकेला नहीं रह सकता। यह तुरंत पानी के एक अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन, H3O+, बना लेता है। इसलिए जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जैसा कोई अम्ल पानी में घुलता है, तो वास्तव में H3O+ आयन बनते हैं, और यही घोल को अम्लीय बनाते हैं। पानी के बिना अम्ल अम्लीय गुण नहीं दिखाते, इसीलिए सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती। विकल्प A गलत है, क्योंकि HO- (OH-) हाइड्रॉक्साइड आयन है, जो क्षारक पानी में देते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि H2 हाइड्रोजन गैस है, एक उदासीन अणु, कोई आयन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि H2SO4 स्वयं सल्फ्यूरिक अम्ल है, एक यौगिक जो पानी में हाइड्रोजन आयन छोड़ता है। परीक्षा टिप: अम्ल पानी में H3O+ आयन देते हैं और क्षारक OH- आयन; pH 7 वाला घोल उदासीन, 7 से कम अम्लीय और 7 से अधिक क्षारीय होता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB JSA, 23 Apr 2022, Shift 1आसान

आवर्त सारणी के किस ब्लॉक में आंतरिक संक्रमण धातुएँ रखी जाती हैं?

  1. A.d-ब्लॉक
  2. B.p-ब्लॉक
  3. C.s-ब्लॉक
  4. D.f-ब्लॉक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. f-ब्लॉक

व्याख्या

सही उत्तर है D, f-ब्लॉक। आंतरिक संक्रमण तत्व लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन f-कक्षकों में भरते हैं, इसलिए ये आवर्त सारणी का f-ब्लॉक बनाते हैं। सारणी बहुत चौड़ी न हो जाए, इसलिए इन्हें नीचे दो अलग पंक्तियों में रखा जाता है। लैंथेनाइड सीरियम से ल्यूटेशियम तक हैं और इन्हें दुर्लभ मृदा तत्व भी कहते हैं; ऐक्टिनाइड थोरियम से लॉरेंसियम तक हैं और सभी रेडियोधर्मी हैं। परमाणु ऊर्जा में काम आने वाले यूरेनियम और प्लूटोनियम ऐक्टिनाइड हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि d-ब्लॉक में समूह 3 से 12 के संक्रमण तत्व, जैसे लोहा, ताँबा और जस्ता, आते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि p-ब्लॉक में समूह 13 से 18 आते हैं, जिनमें हैलोजन और उत्कृष्ट गैसें शामिल हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि s-ब्लॉक में समूह 1 और 2, यानी क्षार धातुएँ और क्षारीय मृदा धातुएँ आती हैं। परीक्षा टिप: d-ब्लॉक में संक्रमण तत्व हैं; f-ब्लॉक में आंतरिक संक्रमण तत्व, यानी लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 14 Jul 2024, S3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है?

  1. A.लवक
  2. B.लाइसोसोम
  3. C.माइटोकॉन्ड्रिया
  4. D.गॉल्जी उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गॉल्जी उपकरण

व्याख्या

सही उत्तर है D, गॉल्जी उपकरण। गॉल्जी उपकरण वह मुख्य स्थान है जहाँ ग्लाइकोप्रोटीन और ग्लाइकोलिपिड बनते हैं। यह चपटी, तश्तरी जैसी थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर होता है, जिसका पहला वर्णन 1898 में कैमिलो गॉल्जी ने किया था। अंतर्द्रव्यी जालिका पर बने प्रोटीन गॉल्जी तक पहुँचते हैं, जहाँ उनमें शर्करा जोड़ी जाती है, और फिर उन्हें पुटिकाओं में भरकर कोशिका के अंदर या बाहर भेजा जाता है। इसीलिए गॉल्जी को कोशिका का पैकेजिंग और प्रेषण केंद्र कहा जाता है, और यह लाइसोसोम बनाने में भी मदद करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लवक, जैसे हरितलवक, पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण करते हैं या भोजन और वर्णक जमा करते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाइसोसोम पाचक एंज़ाइमों की छोटी थैलियाँ हैं और इन्हें कोशिका की आत्मघाती थैली कहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा बनाते हैं और कोशिका का पावरहाउस कहलाते हैं। परीक्षा टिप: गॉल्जी यानी पैकेजिंग और शर्करा जोड़ना; माइटोकॉन्ड्रिया यानी ATP; लाइसोसोम यानी आत्मघाती थैली।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।